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Azamgarh News: शराब पीने वाले लोगों को लू का खतरा ज्यादा
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आजमगढ़। बढ़ते तापमान और लू के प्रकोप को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आजमगढ़ ने जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें लू से बचाव के उपाय, लक्षण, और उपचार की जानकारी दी गई है। अपर जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे बताए गए सुरक्षात्मक उपायों को अपनाकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा करें।
आपदा विशेष डा. चंदन कुमार ने बताया कि लू का खतरा सबसे अधिक शराब का सेवन करने वाले, हृदय रोग, मोटापा, अनियंत्रित मधुमेह, या पार्किंसंस रोग से पीड़ित व्यक्ति, मानसिक रोग की दवाएं लेने वाले, बुजुर्ग और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को होता है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व आजाद भगत सिंह ने बताया कि लू से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाएं। ठंडे पानी से शरीर को पोछें और हाइड्रेटिंग पेय पदार्थ दें। गंभीर स्थिति में नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संबंधित विभागों को लू से निपटने के लिए पूरी तैयारी करने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
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लू से बचाव के उपाय
- घर को ठंडा रखें: खिड़कियों को एल्यूमिनियम पन्नी, गत्ते, या काले पर्दों से ढकें ताकि गर्म हवा अंदर न आए। निचली मंजिल पर रहने की कोशिश करें।
- हाइड्रेशन बनाए रखें: नींबू पानी, छाछ, लस्सी, बेल का शरबत, आम का पना, और नमक-चीनी का घोल जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें।
- धूप से बचें: दोपहर में जरूरी होने पर ही बाहर निकलें। सिर को कपड़े या टोपी से ढकें।
- खानपान का ध्यान: संतुलित और हल्का भोजन करें। उच्च प्रोटीन युक्त आहार लें और बासी भोजन से बचें। शराब और नशीले पदार्थों का सेवन न करें।
- सुरक्षा: बच्चों और पालतू जानवरों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें। खाना बनाते समय खिड़कियां और दरवाजे खुले रखें।
- जागरूकता: मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखें और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें।
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लू लगने के लक्षण
- गर्म, लाल, और शुष्क त्वचा
- पसीना न आना
- तेज नाड़ी और सांस की गति
- सिरदर्द, मितली, थकान, चक्कर
- भ्रम, व्यवहार में बदलाव
- मूत्र की कमी या अनुपस्थिति
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आपदा विशेष डा. चंदन कुमार ने बताया कि लू का खतरा सबसे अधिक शराब का सेवन करने वाले, हृदय रोग, मोटापा, अनियंत्रित मधुमेह, या पार्किंसंस रोग से पीड़ित व्यक्ति, मानसिक रोग की दवाएं लेने वाले, बुजुर्ग और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को होता है।
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एडीएम वित्त एवं राजस्व आजाद भगत सिंह ने बताया कि लू से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाएं। ठंडे पानी से शरीर को पोछें और हाइड्रेटिंग पेय पदार्थ दें। गंभीर स्थिति में नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संबंधित विभागों को लू से निपटने के लिए पूरी तैयारी करने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
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लू से बचाव के उपाय
- घर को ठंडा रखें: खिड़कियों को एल्यूमिनियम पन्नी, गत्ते, या काले पर्दों से ढकें ताकि गर्म हवा अंदर न आए। निचली मंजिल पर रहने की कोशिश करें।
- हाइड्रेशन बनाए रखें: नींबू पानी, छाछ, लस्सी, बेल का शरबत, आम का पना, और नमक-चीनी का घोल जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें।
- धूप से बचें: दोपहर में जरूरी होने पर ही बाहर निकलें। सिर को कपड़े या टोपी से ढकें।
- खानपान का ध्यान: संतुलित और हल्का भोजन करें। उच्च प्रोटीन युक्त आहार लें और बासी भोजन से बचें। शराब और नशीले पदार्थों का सेवन न करें।
- सुरक्षा: बच्चों और पालतू जानवरों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें। खाना बनाते समय खिड़कियां और दरवाजे खुले रखें।
- जागरूकता: मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखें और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें।
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लू लगने के लक्षण
- गर्म, लाल, और शुष्क त्वचा
- पसीना न आना
- तेज नाड़ी और सांस की गति
- सिरदर्द, मितली, थकान, चक्कर
- भ्रम, व्यवहार में बदलाव
- मूत्र की कमी या अनुपस्थिति