{"_id":"6015a9a68ebc3e2c521f2c74","slug":"palni-block-came-out-of-dark-zone-after-many-years-of-hard-work-azamgarh-news-vns5719579166","type":"story","status":"publish","title_hn":"कई वर्षों की मेहनत के बाद डार्क जोन से बाहर आया पल्हनी ब्लाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कई वर्षों की मेहनत के बाद डार्क जोन से बाहर आया पल्हनी ब्लाक
विज्ञापन
आजमगढ़। जनपद में कई वर्षों से दो ब्लाक पल्हनी और सठियांव डार्क जोन में चल रहे थे। इन ब्लाकों को डार्क जोन से बाहर लाने का प्रयास प्रशासनिक तंत्रों द्वारा किया जा रहा था, इसमें अब जाकर सफलता मिली है। जिसका परिणाम रहा कि पल्हनी ब्लाक तो डार्क जोन से सेफ जोन में आ गया, लेकिन सठियांव ब्लाक डार्क जोन से सेमी क्रिटिकल जोन में पहुंच सका है।
भूजल के दोहन के कारण तेजी से जलस्तर नीचे की ओर से जा रहा है। अगर यही हाल रही तो आने वाले दिनों में हमें पेयजल की समस्या से दो-चार होना पड़ सकता है। जनपद के दो ब्लाकों पल्हनी और सठियांव में तेजी से हुए भूजल दोहन के कारण डार्क जोन में पहुंच गए। इनको डार्क जोन से बाहर निकालने के लिए प्रशासन की ओर से काफी प्रयास किया गया। जिसका परिणाम रहा कि कई वर्षों बाद यह दोनों ब्लाक डार्क जोन से बाहर निकल सके। लेकिन पल्हनी ब्लाक जहां सेफ जोन में आ चुका है। वहीं सठियांव ब्लाक डार्क जोन से निकलकर सेमी क्रिटिकल जोन में आ चुका है। अगर अभी भी थोड़ी सावधानी नहीं बरती गई तो इसके डार्क जोन में दोबारा पहुंचने की संभावना प्रबल है। वहीं जनपद के अन्य ब्लाकों की बात करें तो जनपद के अन्य 20 ब्लाक अभी तक सेफ जोन में हैं। भूजल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मानें तो इसमें बारिश का बहुत बड़ा योगदान है। क्योंकि विगत कई वर्षों से बारिश काफी कम हो रही थी। जिसके कारण इन दोनों ब्लाकों को डार्क जोन के बाहर लाने में कठिनाई हो रही थी। लेकिन इस बार बारिश अच्छी होने के कारण उनकी मेहनत रंग लाई और दोनों ही ब्लाक डार्क जोन से बाहर आ गए।
बोरिंग पर लगाई गई रोक, पोखरों की कराई गई खुदाई
आजमगढ़। विभाग की मानें तो इन दोनों ब्लाकों को डार्क जोन से बाहर निकालने के लिए कई विभागों क ृषि, सिंचाई आदि के द्वारा प्रयास किए गए। पुराने पोखरों की खुदाई कराई गई। वाटर रिचार्जिंग की व्यवस्था की गई। साथ ही इन ब्लाकों में बोरिंग कराने पर रोक लगा दी गई। लेकिन सबसे बड़ा फायदा इस बार हुई अच्छी बारिश से मिला। जिसका परिणाम रहा कि कई वर्षों से डार्क जोन में चल रहे यह दोनों ब्लाक बाहर आ सके।
विज्ञापन
मंडल के अन्य जनपदों के सभी ब्लाक सेफ जोन में
आजमगढ़। मंडल में तीन जनपद हैं। जिसमें आजमगढ़ के साथ ही मऊ और बलिया भी शामिल हैं। सिर्फ आजमगढ़ जनपद के सठियांव ब्लाक को छोड़ दिया जाए तो मऊ जनपद के नौ और बलिया जनपद के 17 ब्लाक सभी सेफ जोन में हैं।
मंडल के 58 ब्लाकों में 57 ब्लाक हमारे सेफ जोन में हैं। सिर्फ आजमगढ़ का सठियांव ब्लाक सेमी क्रिटिकल जोन में हैं। विभागों द्वारा इसके लिए प्रयास किया गया लेकिन इस बार हुई अच्छी बारिश ने इन ब्लाकों में भूजल के स्तर को सुधारने में काफी मदद की है।
रविकांत सिंह, अधिशासी अभियंता भूजल।
विज्ञापन
भूजल के दोहन के कारण तेजी से जलस्तर नीचे की ओर से जा रहा है। अगर यही हाल रही तो आने वाले दिनों में हमें पेयजल की समस्या से दो-चार होना पड़ सकता है। जनपद के दो ब्लाकों पल्हनी और सठियांव में तेजी से हुए भूजल दोहन के कारण डार्क जोन में पहुंच गए। इनको डार्क जोन से बाहर निकालने के लिए प्रशासन की ओर से काफी प्रयास किया गया। जिसका परिणाम रहा कि कई वर्षों बाद यह दोनों ब्लाक डार्क जोन से बाहर निकल सके। लेकिन पल्हनी ब्लाक जहां सेफ जोन में आ चुका है। वहीं सठियांव ब्लाक डार्क जोन से निकलकर सेमी क्रिटिकल जोन में आ चुका है। अगर अभी भी थोड़ी सावधानी नहीं बरती गई तो इसके डार्क जोन में दोबारा पहुंचने की संभावना प्रबल है। वहीं जनपद के अन्य ब्लाकों की बात करें तो जनपद के अन्य 20 ब्लाक अभी तक सेफ जोन में हैं। भूजल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मानें तो इसमें बारिश का बहुत बड़ा योगदान है। क्योंकि विगत कई वर्षों से बारिश काफी कम हो रही थी। जिसके कारण इन दोनों ब्लाकों को डार्क जोन के बाहर लाने में कठिनाई हो रही थी। लेकिन इस बार बारिश अच्छी होने के कारण उनकी मेहनत रंग लाई और दोनों ही ब्लाक डार्क जोन से बाहर आ गए।
विज्ञापन
बोरिंग पर लगाई गई रोक, पोखरों की कराई गई खुदाई
आजमगढ़। विभाग की मानें तो इन दोनों ब्लाकों को डार्क जोन से बाहर निकालने के लिए कई विभागों क ृषि, सिंचाई आदि के द्वारा प्रयास किए गए। पुराने पोखरों की खुदाई कराई गई। वाटर रिचार्जिंग की व्यवस्था की गई। साथ ही इन ब्लाकों में बोरिंग कराने पर रोक लगा दी गई। लेकिन सबसे बड़ा फायदा इस बार हुई अच्छी बारिश से मिला। जिसका परिणाम रहा कि कई वर्षों से डार्क जोन में चल रहे यह दोनों ब्लाक बाहर आ सके।
विज्ञापन
मंडल के अन्य जनपदों के सभी ब्लाक सेफ जोन में
आजमगढ़। मंडल में तीन जनपद हैं। जिसमें आजमगढ़ के साथ ही मऊ और बलिया भी शामिल हैं। सिर्फ आजमगढ़ जनपद के सठियांव ब्लाक को छोड़ दिया जाए तो मऊ जनपद के नौ और बलिया जनपद के 17 ब्लाक सभी सेफ जोन में हैं।
मंडल के 58 ब्लाकों में 57 ब्लाक हमारे सेफ जोन में हैं। सिर्फ आजमगढ़ का सठियांव ब्लाक सेमी क्रिटिकल जोन में हैं। विभागों द्वारा इसके लिए प्रयास किया गया लेकिन इस बार हुई अच्छी बारिश ने इन ब्लाकों में भूजल के स्तर को सुधारने में काफी मदद की है।
रविकांत सिंह, अधिशासी अभियंता भूजल।