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Azamgarh News: 17 प्रतिशत से अधिक नमी तो नहीं खरीदा जाएगा धान
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आजमगढ़। धान की खरीद शुरू हुए 21 दिन बीत गए लेकिन अभी तक क्रय केंद्रों पर धान लेकर बहुत कम ही किसान पहुंच रहे हैं। निर्धारित मानक के अनुसार डस्ट, नमी, सिकुड़े दाने होने पर धान नहीं लिया जा रहा है। किसानों को धान सुखाकर और डस्ट साफ कर लाने की बात केंद्र प्रभारी कर रहे हैं। जिसके कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में धान खरीद के लिए विभिन्न एजेंसियों को 68 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। अभी क्रय केंद्रों पर बहुत कम ही किसान धान बेचने पहुंच रहे हैं। 21 दिनों में चार प्रतिशत ही धान खरीदा गया। सरकार की तरफ से ए ग्रेड के धान का समर्थन मूल्य 2320 व सामान्य धान का 2300 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा क्षतिग्रस्त व घुने दाने पांच, अपरिपक्व व सिकुड़े दाने तीन व अधोमानक प्रजातीय का अपमिश्रण 6 प्रतिशत से अधिक नहीं होने चाहिए। बृहस्पतिवार को कई केंद्रों का पड़ताल किया गया लेकिन किसी भी केंद्र प्रभारी ने कटौती के बाबत कुछ नहीं बोले। 21 दिनोें मेंं 416 किसानों से 2344 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। वहीं, इन सब मानकों को लेकर किसान परेशान हैं। अहरौल क्षेत्र के रहने वाले किसान प्रदीप सिंह, रामअचल यादव ने कहा कि क्रय केंद्रों पर धान सूखा कर लाया जाता है। लेकिन वहां नमी अधिक निकलने किसानों को फिर से धान सूखा कर लाने की बात कही जाती है जिसके कारण किसानों को दोबारा मेहनत करनी पड़ती है। डस्ट सिकुड़े दाने आदि की बात कह कर केंद्र प्रभारियों द्वारा किसानों को परेशान किया जाता है।
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क्रय केंद्र की नमी मापक मशीन मिली खराब
अहरौला। क्षेत्र में किसानों के धान खरीद के लिए दो क्रय केंद्र बनाये गये हैं। इसमें हांसा मतलूबपुर व पारा मिश्रौली साधन सहकारी समिति शामिल हैं। हांसा मतलूबपुर क्रय केंद्र के प्रभारी अरूण यादव ने बताया कि नमी मापक यंत्र खराब है। 17 प्रतिशत नमी सामान्य होती है ऊपर मिलने पर किसानाें धान सूखा लाने को कहा जाता है। गर्दा व खरपतवार होने पर सफाई के बाद तौल की जाती है। कौटौती के बात पर कोई जबाब नहीं दिया गया। यहां किसानों के बैठने पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। संवाद
तीन प्रतिशत से अधिक नहीं होने चाहिए टूटे दाने
पवई। धान क्रय केंद्र पवई में अभी तक 64 क्विंटल धान की खरीद हो पाई है। विपणन निरीक्षक प्रवीण सिंह ने बताया कि यदि धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी पाई जाती है तो धान नहीं लिया जाता है। धान में विजातीय पदार्थ पाया जाता है तो एक प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। तीन प्रतिशत तक टूटे धान होना चाहिए। यदि धान में अधिक डस्ट होता है तो डस्टर के माध्यम से उसे अलग करवाया जाता है। 17 प्रतिशत से अधिक नमी पर किसानों को सूखा कर लाने को कहा जाता है। संवाद
जिन किसानों के धान में मानक से अधिक नमी, डस्ट, सिकुड़े दाने आदि पाये जा रहे हैं उनकी कटौती नहीं की जा रही है। रिजेक्ट कर उनका धान वापस कर दिया जा रहा है। किसानों से अच्छी तरह से सूखा कर और साफ सुथरा धान ही क्रय केंद्रों पर लाने को कहा जा रहा है। अब तक 416 किसानों से 2344 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। - अंशुमाली शंकर, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
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जिले में धान खरीद के लिए विभिन्न एजेंसियों को 68 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। अभी क्रय केंद्रों पर बहुत कम ही किसान धान बेचने पहुंच रहे हैं। 21 दिनों में चार प्रतिशत ही धान खरीदा गया। सरकार की तरफ से ए ग्रेड के धान का समर्थन मूल्य 2320 व सामान्य धान का 2300 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
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धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा क्षतिग्रस्त व घुने दाने पांच, अपरिपक्व व सिकुड़े दाने तीन व अधोमानक प्रजातीय का अपमिश्रण 6 प्रतिशत से अधिक नहीं होने चाहिए। बृहस्पतिवार को कई केंद्रों का पड़ताल किया गया लेकिन किसी भी केंद्र प्रभारी ने कटौती के बाबत कुछ नहीं बोले। 21 दिनोें मेंं 416 किसानों से 2344 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। वहीं, इन सब मानकों को लेकर किसान परेशान हैं। अहरौल क्षेत्र के रहने वाले किसान प्रदीप सिंह, रामअचल यादव ने कहा कि क्रय केंद्रों पर धान सूखा कर लाया जाता है। लेकिन वहां नमी अधिक निकलने किसानों को फिर से धान सूखा कर लाने की बात कही जाती है जिसके कारण किसानों को दोबारा मेहनत करनी पड़ती है। डस्ट सिकुड़े दाने आदि की बात कह कर केंद्र प्रभारियों द्वारा किसानों को परेशान किया जाता है।
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क्रय केंद्र की नमी मापक मशीन मिली खराब
अहरौला। क्षेत्र में किसानों के धान खरीद के लिए दो क्रय केंद्र बनाये गये हैं। इसमें हांसा मतलूबपुर व पारा मिश्रौली साधन सहकारी समिति शामिल हैं। हांसा मतलूबपुर क्रय केंद्र के प्रभारी अरूण यादव ने बताया कि नमी मापक यंत्र खराब है। 17 प्रतिशत नमी सामान्य होती है ऊपर मिलने पर किसानाें धान सूखा लाने को कहा जाता है। गर्दा व खरपतवार होने पर सफाई के बाद तौल की जाती है। कौटौती के बात पर कोई जबाब नहीं दिया गया। यहां किसानों के बैठने पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। संवाद
तीन प्रतिशत से अधिक नहीं होने चाहिए टूटे दाने
पवई। धान क्रय केंद्र पवई में अभी तक 64 क्विंटल धान की खरीद हो पाई है। विपणन निरीक्षक प्रवीण सिंह ने बताया कि यदि धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी पाई जाती है तो धान नहीं लिया जाता है। धान में विजातीय पदार्थ पाया जाता है तो एक प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। तीन प्रतिशत तक टूटे धान होना चाहिए। यदि धान में अधिक डस्ट होता है तो डस्टर के माध्यम से उसे अलग करवाया जाता है। 17 प्रतिशत से अधिक नमी पर किसानों को सूखा कर लाने को कहा जाता है। संवाद
जिन किसानों के धान में मानक से अधिक नमी, डस्ट, सिकुड़े दाने आदि पाये जा रहे हैं उनकी कटौती नहीं की जा रही है। रिजेक्ट कर उनका धान वापस कर दिया जा रहा है। किसानों से अच्छी तरह से सूखा कर और साफ सुथरा धान ही क्रय केंद्रों पर लाने को कहा जा रहा है। अब तक 416 किसानों से 2344 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। - अंशुमाली शंकर, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।