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Azamgarh News: 74488 आवेदन में से 60 हजार सिर्फ दर्जी के लिए आए

Sun, 22 Sep 2024 12:14 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Sep 2024 12:14 AM IST
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Out of 74488 applications, 60 thousand came for tailors only
आजमगढ़। रेडिमेड कपड़ों के फैशन ने टेलरिंग के व्यवसाय पर भले ही असर डाला हो, मगर दर्जी बनने वालों की संख्या में कमी नहीं आई है। जिले में हर साल सैकड़ों लोग इस पेशे से जुड़ रहे हैं। उद्योग विभाग के आंकड़े इसका प्रमाण है।
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यहां पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत सबसे ज्यादा रुझान दर्जी ट्रेड में है। अगर हम उद्योग विभाग के 2024-25 के आंकड़ों पर गौर करें तो उसे 18 ट्रेडों में सबसे ज्यादा आवेदन दर्जी के लिए आए हैं। इसके बाद कुंहारी कला का प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए लोगों ने आवेदन किया है।
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तीसरा नंबर राजगीर का आता है जहां लोगों ने सबसे अधिक आवेदन किया है। विभाग की माने तो एक वर्ष से यह योजना संचालित हो रही है। इस योजना के तहत आए आवेदनों में से 1831 का सत्यापन कराकर पोर्टल पर अपलोड भी किया जा चुका है।
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वहीं विभाग की ओर से 30 हजार आवेदनों को सत्यापन के लिए ब्लाॅकों को भेज दिया गया है। जबकि शासन की ओर से इस योजना के तहत जनपद को 1800 का लक्ष्य मिला था जिसके सापेक्ष विभाग को 74488 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
इसमें से दर्जी की ट्रेनिंग के लिए 60861 आवेदन आए हैं। जबकि दूसरे नंबर पर कुंहारी कला के प्रशिक्षण के लिए 3261 आवेदन और राजगीर के लिए 2664 लोगों ने आवेदन किया है। जबकि जिन 18 ट्रेडों में दर्जी, लोहार, नाई, हलवाई, बढ़ई, टोकरी बुनकर, कुम्हार, राजगीर, मोची, धोबी, लोहार, नाव बनाने, खिलौना बनाने, मछली का जाल बनाने, माली, सोनार, ताला चाबी बनाने, मूर्तिकार प्रशिक्षण में शामिल हैं। प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षणार्थियों को टूल किट प्रदान दी जाती है, जिससे व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें।
निशुल्क सिलाई मशीन भी बड़ी वजह
आजमगढ़। दर्जी ट्रेड के प्रति रुझान का कारण क्षेत्र का पिछड़ा होना है। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं की सिलाई, कढ़ाई में अधिक रुचि है। प्रशिक्षण के बाद उन्हें सिलाई मशीन भी निशुल्क मिलती है। बहुत से लाभार्थी सिर्फ सिलाई मशीन की चाह में इस ट्रेड में आवेदन कर रहे हैं। जबकि लोहार, हलवाई, नाई और बढ़ई जैसे ट्रेड में अधिक संभावनाओं के बाद भी रुझान कम है।


ट्रेड और उनमें आए आवेदन
ट्रेड आवेदन
दर्जी 60861
कुंहार 3261
राजगीर 2664
नाई 841
बास्केट टोकरी 262
लोहार 956
नाव बनाना 27
बढ़ई 2275
मोची 128
खिलौना 654
मछली जाल 192
माली 361
सोनार 211
हथौड़ा व टूलकिट 560
ताला चाबी 157
मूर्तिकार 128
धोबी 401
अस्त्र-शस्त्र 549 इस पर डीएम ने लगाई रोक।
अन्य ट्रेड की अपेक्षा दर्जी ट्रेड के प्रति रुझान ज्यादा है। इसमें महिलाओं की संख्या अधिक है। लक्ष्य से अधिक आवेदन होने के कारण साक्षात्कार के माध्यम से चयन के दौरान आवेदक की रुचि और व्यवसाय से जुड़ाव की संभावना पर ध्यान दिया जाता है। अन्य ट्रेड के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। - एसएस रावत, उपायुक्त उद्योग
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