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जिले में सिर्फ 12 राइस मिलों को मिलेगा धान

Fri, 15 Sep 2017 11:43 PM IST
आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला
आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला Updated Fri, 15 Sep 2017 11:43 PM IST
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Only 12 rice mills will get paddy
अंबेडकरनगर के सिझौलिया में नोटबंदी के चलते नहीं बिक पा रहा किसानों का धान। - फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़। पूरे प्रदेश में एक नवंबर से होने वाली धान खरीद की तैयारियों में जिला प्रशासन जुटा है। लेकिन प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती खरीद गए धान से चावल तैयार करने की है। जिले की 72 राइस मिलें बकाया होने के कारण दागी हो चुकी है। सिर्फ 12 ही ऐसी हैं जिन्हें धान दिया जा सकता है। ऐसे में जिले में खरीदे गए धान को चावल बनाने के लिए गैर जनपद भेजना होगा।
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राइस मिलरों को वर्ष 2013 में चावल बनाने के लिए धान उपलब्ध कराया गया। सरकार ने दिए गए धान से 67 प्रतिशत चावल देने का कांट्रैक्ट मिलरों से किया था। लेकिन जनपद के 72 राइस मिलरों ने चावल वापस नहीं लौटाया। परिणामत: इनपर सरकार का लगभग 35 करोड़ रुपये बकाया रह गया।
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सरकार ने जब इनसे पैसा लौटाने के लिए कहा तो मिलरों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। इस वजह से 72 राइस मिलरों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया। बाकी बचे 12 राइस मिलों के सत्यापन का कार्य प्रशासन द्वारा कराया जा रहा है। क्योंकि अब इन्हीं को जनपद में खरीदे जाने वाले धान की सप्लाई देनी है। पिछले वर्ष जनपद को 69 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य मिला था जो कम पैदावार की वजह से पूरा नहीं हुआ।
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लेकिन इस बार सरकार ने 78 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं जिले की ज्यादातर राइस मिलों के ब्लैक लिस्टेड होने से जनपद में खरीदे गए धान को गैर जनपद भी भेजना पड़ेगा। हालांकि अभी प्रशासन जिले की जिन 12 राइस मिलों का सत्यापन कर रहा है अभी तक इनमें से किसी भी मिल का कांट्रैक्ट नहीं हुआ है।  

जिले की 72 राइस मिलें बकाया होने के कारण ब्लैक लिस्टेड हैं। बाकी बची 12 राइस मिलों का सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन के बाद इनसे कांट्रैक्ट की कार्रवाई पूरी की जाएगी।  - आरपी पटेल, डिप्टी आरएमओ।

धान बिक्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य
धान खरीद में हो रही धांधली को रोकने के लिए शासन ने अब इसमें किसानों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। बिना पंजीकरण कराए अब कोई किसान धान की बिक्री क्रय केंद्रों पर नहीं कर सकेगा।  डिप्टी आरएमओ आरपी पटेल ने बताया कि एक नवंबर से शुरू हो रही धान खरीद के लिए जनपद में कुल 46 केंद्र बनाए गए हैं।

जिसमें पीसीएफ के 14, यूपी एग्रो के चार, कर्मचारी कल्याण निगम के दो और भारतीय खाद्य निगम के दो केंद्र शामिल हैं। शासन द्वारा कामन धान का मूल्य 1550 रुपये प्रति कुंतल और ग्रेड ए धान का मूल्य 1590 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है।


धान की बिक्री के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण विभागीय पोर्टल www.fcs.up.nic.in  पर कराना होगा। पंजीकरण के लिए किसान अपने साथ अपना नवीनतम फोटो, भू अभिलेख संबंधी दस्तावेज/खतौनी, आधार कार्ड/निर्वाचन, बैंक पासबुक की छाया प्रति अवश्य ले जाएं। 
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