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एलआईसी एजेंट की हत्या में नामजद एक आरोपी गिरफ्तार
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अहरौला। स्थानीय थाना क्षेत्र के नरसिंहपुर गौरी का पूरा गांव निवासी एलआईसी एजेंट की हत्या कर फेका हुआ शव गांव के कुछ दूरी पर तमसा नदी के किनारे मिला था। मृतक के पुत्र ने घटना के बाबत पड़ोसी गांव के प्रधान पति समेत आठ लोगों को नामजद किया था।
नरसिंहपुर गौरी का पूरा गांव निवासी 45 वर्षीय सुरेश विश्वकर्मा पुत्र रामजतन एलआईसी एजेंट था। 15 जुलाई को पड़ोस के गांव में उसकी बंधक बना कर पिटाई की गई थी। जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। प्रकरण की पुलिस को भी जानकारी थी लेकिन सीओ व एसओ कार्रवाई करने के बजाए समझौते की कवायद में जुटे रहे। 17 जुलाई को सुरेश की लाश गांव से एक किमी दूर स्थित तमसा नदी के किनारे मिली थी।
पीएम में हत्या की पुष्टि भी हुई और बड़े पुत्र पवन की तहरीर पर आठ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया। नामजद आरोपियों में शामिल हरिनाथ को पुलिस ने बुधवार को उसके ससुराल हसनाडीह गांव से गिरफ्तार कर लिया। अभी शेष सात आरोपी फरार चल रहे है। सीओ बूढ़नपुर शीतला प्रसाद ने सभी नामजद आरोपियों को दो दिनों के अंदर गिरफ्तार कर लेने का दावा किया था लेकिन घटना के 10 दिन बाद मात्र एक नामजद ही गिरफ्तार किया जा सका है।
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नरसिंहपुर गौरी का पूरा गांव निवासी 45 वर्षीय सुरेश विश्वकर्मा पुत्र रामजतन एलआईसी एजेंट था। 15 जुलाई को पड़ोस के गांव में उसकी बंधक बना कर पिटाई की गई थी। जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। प्रकरण की पुलिस को भी जानकारी थी लेकिन सीओ व एसओ कार्रवाई करने के बजाए समझौते की कवायद में जुटे रहे। 17 जुलाई को सुरेश की लाश गांव से एक किमी दूर स्थित तमसा नदी के किनारे मिली थी।
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पीएम में हत्या की पुष्टि भी हुई और बड़े पुत्र पवन की तहरीर पर आठ लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया। नामजद आरोपियों में शामिल हरिनाथ को पुलिस ने बुधवार को उसके ससुराल हसनाडीह गांव से गिरफ्तार कर लिया। अभी शेष सात आरोपी फरार चल रहे है। सीओ बूढ़नपुर शीतला प्रसाद ने सभी नामजद आरोपियों को दो दिनों के अंदर गिरफ्तार कर लेने का दावा किया था लेकिन घटना के 10 दिन बाद मात्र एक नामजद ही गिरफ्तार किया जा सका है।
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