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Azamgarh News: अधिकारियों से नहीं छूट रहा लाल और नीली बत्ती का मोह
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18 एक अधिकारी के वाहन पर लगी नीली और लाल बत्ती। संवाद
आजमगढ़। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अनाधिकृत तरीके से हूटर व नीली बत्ती का प्रयोग न करने संबंधी शासनादेश जारी किया गया है, लेकिन इसका असर जिले में नहीं दिख रहा है।
वीवीआईपी के मोह से अफसर नहीं निकल पा रहे हैं। एसआईसी से लेकर एसडीएम और नायब तहसीलदार तक गाड़ियों में लाल और नीली बत्ती लगाकर चल रहे हैं। जिले में अधिकारी वीआईपी कल्चर से बाहर नहीं निकल नहीं पा रहे हैं। अधिकारियों की गाड़ियों पर लाल और नीली बत्ती शोभा बढ़ा रही है। इतना ही नहीं सत्तारूढ़ दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं के वाहनों में भी हूटर लगे हैं।
इसका पता तब चलता है जब या तो वह जाम में फंस जाएं या फिर किसी बड़े नेता का जिले में आगमन हो तो उनकी गाड़ियां हूटर बजाते हुए फर्राटा भरती हैं। सब कुछ देखते हुए भी पुलिस प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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इतना ही नहीं अधिकारी जहां पद नाम के साथ लाल और नीली बत्ती लगा रहे हैं। वहीं इस कार्य में कर्मचारी भी पीछे नहीं हैं। कलेक्ट्रेट परिसर में उप्र सरकार लिखे कर्मचारियों के कई वाहन खड़े मिलेंगे। वहीं कुछ कर्मचारियों ने अपने वाहन पर कलेक्ट्रेट और राजस्व कर्मी के साथ ही डीएम आफिस लिखने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट भी कर रहे नीली, लाल बत्ती का उपयोग : जनपद में एक अतिरिक्त मजिस्ट्रेट की गाड़ी मंगलवार को कलेक्ट्रेट के पार्किंग में खड़ी थी। उस पर मजिस्ट्रेट के साथ ही ऊपर नीली और लाल बत्ती लगी हुई थी। पूछने पर गाड़ी चालक ने बताया कि यह गाड़ी अतिरिक्त मजिस्ट्रेट साहब की है।
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वीवीआईपी के मोह से अफसर नहीं निकल पा रहे हैं। एसआईसी से लेकर एसडीएम और नायब तहसीलदार तक गाड़ियों में लाल और नीली बत्ती लगाकर चल रहे हैं। जिले में अधिकारी वीआईपी कल्चर से बाहर नहीं निकल नहीं पा रहे हैं। अधिकारियों की गाड़ियों पर लाल और नीली बत्ती शोभा बढ़ा रही है। इतना ही नहीं सत्तारूढ़ दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं के वाहनों में भी हूटर लगे हैं।
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इसका पता तब चलता है जब या तो वह जाम में फंस जाएं या फिर किसी बड़े नेता का जिले में आगमन हो तो उनकी गाड़ियां हूटर बजाते हुए फर्राटा भरती हैं। सब कुछ देखते हुए भी पुलिस प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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इतना ही नहीं अधिकारी जहां पद नाम के साथ लाल और नीली बत्ती लगा रहे हैं। वहीं इस कार्य में कर्मचारी भी पीछे नहीं हैं। कलेक्ट्रेट परिसर में उप्र सरकार लिखे कर्मचारियों के कई वाहन खड़े मिलेंगे। वहीं कुछ कर्मचारियों ने अपने वाहन पर कलेक्ट्रेट और राजस्व कर्मी के साथ ही डीएम आफिस लिखने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट भी कर रहे नीली, लाल बत्ती का उपयोग : जनपद में एक अतिरिक्त मजिस्ट्रेट की गाड़ी मंगलवार को कलेक्ट्रेट के पार्किंग में खड़ी थी। उस पर मजिस्ट्रेट के साथ ही ऊपर नीली और लाल बत्ती लगी हुई थी। पूछने पर गाड़ी चालक ने बताया कि यह गाड़ी अतिरिक्त मजिस्ट्रेट साहब की है।

18 एक अधिकारी के वाहन पर लगी नीली और लाल बत्ती। संवाद