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बगैर सूचना दिए गायब थे जेल के अफसर

Fri, 02 Feb 2018 11:06 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़ Updated Fri, 02 Feb 2018 11:06 PM IST
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Officers of the prison were missing without informing
फांसी - फोटो : अमर उजाला
सिधारी थाना क्षेत्र के इटौरा मोड़ स्थित जेल के दो मंजिला बैरक की छत पर फांसी पर लटके मिलेबंदी विनोद राम की मौत के मामले में प्रथम दृष्टया जेल के अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई है।
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घटना के बाद जहां जेल की खामियां उजागर हुई, वहीं इस बात से भी पर्दा उठ गया कि जेल अधीक्षक और जेलर स्वयं बगैर किसी सक्षम अधिकारी को सूचना दिए ही गायब थे। मामलों की जांच पड़ताल करने के लिए शुक्रवार को डीआईजी जेल गोरखपुर रेंज जांच करने के लिए पहुंचे। वहीं सूत्रों के मुताबिक विनोद की मौत फांसी से हुई है।
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जेल के भीतर धड़ल्ले से बंदी मोबाइल चला रहे हैं। 22 जनवरी की रात साढ़े आठ बजे बाइक सवार बदमाश जेल परिसर में स्थित सरकारी आवास में घुसकर बंदी रक्षक मानसिंह यादव को गोली मार दिया।
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यह मामला अभी शांत भी नहीं हो पाया था कि गुरुवार की शाम जेल में निरुद्ध हत्यारोपी बंदी जेल के दो नंबर बैरक के गैलरी में फांसी पर लटका मिला। जेल सूत्रों की मानें तो घटना के बाद पता चला कि जेल अधीक्षक बीते तीन दिनों से कहीं गए हुए थे।

जबकि जेलर लखनऊ में मीटिंग करने गए थे। तय समय के मुताबिक बुधवार की शाम तक जेलर को जेल पहुंच जाना था, लेकिन वे गुरुवार की शाम तक जेल नहीं पहुंचेे थे। घटना की सूचना पर दोनों अधिकारी भागकर जेल पहुंचे।

पेशी से पहले परेशान था विनोद
जेल में निरुद्ध बंदी विनोद राम अपनी पत्नी की हत्या के आरोप मेें 27 जुलाई 2017 से जेल में निरुद्ध था। उसके मुकदमे की सुनवाई चल रही थी। शुक्रवार को इस मामले में विनोद की अदालत में पेशी होनी थी। इससे वह काफी परेशान चल रहा था।

आशंका जताई जा रही कि इसी की वजह से वह तनाव में आकर यह कदम उठाया।  बिलरियागंज थाना क्षेत्र के सियरहां गांव निवासी विनोद राम (38) पुत्र अर्जुन की दूसरी शादी निजामाबाद थाना क्षेत्र के शिबली गांव निवासी माया देवी से हुई थी।

माया और विनोद दोनों की ही दूसरी शादी हुई थी। माया को पहले पति से तीन बच्चे हैं। जो विनोद और माया के साथ रह रहे थे। पिता की तरफ से हक हिस्सा न मिलने से विनोद काफी परेशान रहता था। वह अपने परिवार के साथ शिबली गांव स्थित ससुराल में रह रहा था।


26 जुलाई 2017 की शाम अपनी पत्नी माया देवी का गला घोंटकर हत्या कर उसकी लाश तमसा नदी में फेंक दिया। शुक्रवार को विनोद की अदालत में पेशी थी। वह पेशी पर नहीं आना चाहता था।
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