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अब ग्रामीणों को कटान का डर
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Tue, 26 Jul 2016 12:00 AM IST
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घाघरा में उफान
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घाघरा नदी के जलस्तर में विगत दो दिनों से जारी घटाव का क्रम सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने जहां राहत की सांस ली है वहीं अब उन्हें कटान का डर भी सताने लगा है।
घाघरा नदी विगत तीन दिनों से घटाव पर है लेकिन अभी भी नदी का जलस्तर खतरा बिंदू से ऊपर ही है। क्षेत्र के हाजीपुर से चक्की हाजीपुर, शाहडीह से बाकाबुढन पट्टी, नैनी जोर से देवारा खास राजा, मानिकपुर अभ्भनपट्टी, खरैलिया से सोनौरा आदि लगभग 15 गांवों के संपर्क मार्ग अभी भी जलमग्न हैं। इसके कारण लोगों का आवागमन बाधित है। प्रशासन ने क्षेत्र में छह नाव लगाई है लेकिन आबादी को देखते हुए यह संख्या काफी कम है।
जलभराव के चलते पशुपालकों के सामने चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। नाव कम होने से पशुओं के चारे की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। लोग गहरे पानी में घुसकर पशुओं के चारे कीव्यवस्था कर रहे हैं। रविवार की शाम नदी का जलस्तर डिघिया नाले पर 71.06 मीटर था और बदरहुंआ नाले पर 71.90 मीटर था। जो सोमवार की शाम चार बजे डिघिया नाले पर घटकर 70.88 मीटर और बदरहुंआ नाले पर 71.72 मीटर पर पहुंच गया। दोनों नालों पर नदी का जलस्तर अभी भी खतरा बिंदू से ऊपर है।
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घाघरा नदी विगत तीन दिनों से घटाव पर है लेकिन अभी भी नदी का जलस्तर खतरा बिंदू से ऊपर ही है। क्षेत्र के हाजीपुर से चक्की हाजीपुर, शाहडीह से बाकाबुढन पट्टी, नैनी जोर से देवारा खास राजा, मानिकपुर अभ्भनपट्टी, खरैलिया से सोनौरा आदि लगभग 15 गांवों के संपर्क मार्ग अभी भी जलमग्न हैं। इसके कारण लोगों का आवागमन बाधित है। प्रशासन ने क्षेत्र में छह नाव लगाई है लेकिन आबादी को देखते हुए यह संख्या काफी कम है।
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जलभराव के चलते पशुपालकों के सामने चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। नाव कम होने से पशुओं के चारे की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। लोग गहरे पानी में घुसकर पशुओं के चारे कीव्यवस्था कर रहे हैं। रविवार की शाम नदी का जलस्तर डिघिया नाले पर 71.06 मीटर था और बदरहुंआ नाले पर 71.90 मीटर था। जो सोमवार की शाम चार बजे डिघिया नाले पर घटकर 70.88 मीटर और बदरहुंआ नाले पर 71.72 मीटर पर पहुंच गया। दोनों नालों पर नदी का जलस्तर अभी भी खतरा बिंदू से ऊपर है।
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