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Azamgarh News: अब सिर्फ पांच स्थानों पर लगेगा ट्रैफिक सिग्नल
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आजमगढ़। जनपद में अभी तक हाथों के सहारे की ट्रैफिक कंट्रोल किया जा रहा है। जिसे देखते हुए एडीए की ओर से यातायात पुलिस से ट्रैफिक सिग्नल लगाने के लिए प्रस्ताव मांगा था। सात जगहों का प्रस्ताव यातायात पुलिस द्वारा उपलब्ध कराया गया था। बजट अधिक होने के कारण इसे घटाकर सात से पांच कर दिया गया लेकिन अभी तक इन पांच जगहों पर भी कार्य शुरू नहीं हो सके हैं।
नगर क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था कहीं ट्रैफिक पुलिस तो कहीं पीआरडी और होमगार्ड के जवान संभालते हैं। जिससे नगर क्षेत्र में कई जगहों पर जाम की समस्या आती है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने ऑटोमेटिक ट्रैफिक सिस्टम लगाने का निर्णय लिया है। इसकी जिम्मेदारी आजमगढ़ विकास प्राधिकरण को सौंपी गई है। एडीए ने यातायात पुलिस से ट्रैफिक सिग्नल लगाने के लिए जगह चिह्नित कर प्रस्ताव मांगा। एडीए की मांग पर यातायात पुलिस ने सात स्थानों का चयन कर इसका प्रस्ताव डीए को सौंपा। सूची मिलने के बाद एडीए ने उप्र आवास विकास परिषद से इसका स्टीमेट तैयार कराया।
जो स्टीमेट तैयार हुआ वह पांच करोड़ 35 लाख रुपये का बना। बजट अधिक होने के कारण एडीए ने दो ट्रैफिक सिग्नल कम करके संशोधित बजट तैयार करने का अनुरोध उप्र आवास विकास परिषद से किया है। अभी तक वहां से संशोधित बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है। वहीं अभी तक कोई संस्था इन ट्रैफिक सिग्नल को लगवाने के लिए सामने नहीं आई है। जिसके कारण अभी तक जिले में हाथों के सहारे की ट्रैफिक कंट्रोल हो रहा है।
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इन सात जगहों पर लगने थे ऑटोमेटिक ट्रैफिक सिग्नल
- नरौली तिराहा
- गिरजाघर चौराहा
- बवाली मोड़
- करतालपुर तिराहा
- भंवरनाथ चौराहा
- जुनेदगंज चौराहा
- हाफिजपुर चौराहा
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जनपद में ट्रैफिक सिग्नल बनाने के लिए काफी दिनों से प्रयास किया जा रहा हैं। पहले यह सात जगहों पर लगने थे लेकिन इसका स्टीमेट अधिक होने के कारण इसमें से दो जगहों को कम कर दिया गया। इसके बाद स्टीमेट बनाने के लिए उप्र प्रदेश आवास विकास परिषद को भेजा गया है। स्टीमेट आते ही इस पर कार्य शुरू कराया जाएगा।
प्रवीन श्रीवास्तव, एई एडीए।
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नगर क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था कहीं ट्रैफिक पुलिस तो कहीं पीआरडी और होमगार्ड के जवान संभालते हैं। जिससे नगर क्षेत्र में कई जगहों पर जाम की समस्या आती है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने ऑटोमेटिक ट्रैफिक सिस्टम लगाने का निर्णय लिया है। इसकी जिम्मेदारी आजमगढ़ विकास प्राधिकरण को सौंपी गई है। एडीए ने यातायात पुलिस से ट्रैफिक सिग्नल लगाने के लिए जगह चिह्नित कर प्रस्ताव मांगा। एडीए की मांग पर यातायात पुलिस ने सात स्थानों का चयन कर इसका प्रस्ताव डीए को सौंपा। सूची मिलने के बाद एडीए ने उप्र आवास विकास परिषद से इसका स्टीमेट तैयार कराया।
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जो स्टीमेट तैयार हुआ वह पांच करोड़ 35 लाख रुपये का बना। बजट अधिक होने के कारण एडीए ने दो ट्रैफिक सिग्नल कम करके संशोधित बजट तैयार करने का अनुरोध उप्र आवास विकास परिषद से किया है। अभी तक वहां से संशोधित बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है। वहीं अभी तक कोई संस्था इन ट्रैफिक सिग्नल को लगवाने के लिए सामने नहीं आई है। जिसके कारण अभी तक जिले में हाथों के सहारे की ट्रैफिक कंट्रोल हो रहा है।
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इन सात जगहों पर लगने थे ऑटोमेटिक ट्रैफिक सिग्नल
- नरौली तिराहा
- गिरजाघर चौराहा
- बवाली मोड़
- करतालपुर तिराहा
- भंवरनाथ चौराहा
- जुनेदगंज चौराहा
- हाफिजपुर चौराहा
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जनपद में ट्रैफिक सिग्नल बनाने के लिए काफी दिनों से प्रयास किया जा रहा हैं। पहले यह सात जगहों पर लगने थे लेकिन इसका स्टीमेट अधिक होने के कारण इसमें से दो जगहों को कम कर दिया गया। इसके बाद स्टीमेट बनाने के लिए उप्र प्रदेश आवास विकास परिषद को भेजा गया है। स्टीमेट आते ही इस पर कार्य शुरू कराया जाएगा।
प्रवीन श्रीवास्तव, एई एडीए।