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अब समिति तलाशेगी परशुराम तहसील निर्माण के लिए रास्ते
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आजमगढ़। जनपद में परशुरामपुर तहसील को बनाने की कवायद काफी दिनों से चल रही है। हाल ही में बूढ़नपुर तहसील और सगड़ी तहसील के लेखपाल क्षेत्रों को इसमें मिलाकर नई तहसील का गठन करने का निर्णय लिया गया था। सगड़ी से तो लेखपाल क्षेत्र तय हो गए, लेकिन बूढ़नपुर के 10 लेखपाल क्षेत्रों को नई तहसील में शामिल न करने का वकीलों ने विरोध शुरू कर दिया। इस विरोध को देखते हुए डीएम ने एक नई कमेटी का गठन कर दिया। कमेटी विरोध करने वालों की सुनवाई तो करेगी ही साथ ही तहसील गठन के लिए नये रास्ते भी तलाशेगी।
परशुरामपुर के नाम से नई तहसील के गठन की कवायद काफी समय से चल रही है। काफी पहले नई तहसील के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। कुछ माह पहले शासन की ओर से ये कहते हुए प्रस्ताव को वापस कर दिया गया कि ये मानक के अनुसार नहीं है। मानक के अनुसार लेखपाल क्षेत्र तय कर और इस पर जनप्रतिनिधियों की राय लेकर फिर से प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। नएई तहसील के लिए इसमें 100 लेखपाल क्षेत्रों का शामिल होना आवश्यक होता है। डीएम की ओर से एसडीएम सगड़ी और बूढ़नपुर को लेखपाल क्षेत्र तय करने की जिम्मेदारी दी गई। सगड़ी से तो 90 लेखपाल क्षेत्र शामिल करने की सहमति बन गई, लेकिन बूढ़नपुर के 10 लेखपाल क्षेत्रों को नई तहसील में शामिल करने का स्थानीय अधिवक्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। इस पर एसडीएम बूढ़नपुर ने भी यहां के लेखपाल क्षेत्रों को नई तहसील में शामिल करने से हाथ खड़े कर दिए।
नई परिस्थितियों में डीएम की ओर से सीआरओ, एडीएम वित्त एवं राजस्व के साथ ही एसडीएम सगड़ी, बूढ़नपुर और सदर की कमेटी का गठन किया है। ये समिति बूढ़नपुर में हो रहे विरोध के मद्देनजर सुनवाई तो करेगी ही साथ ही सगड़ी, बूढ़नपुर के अलावा सदर क्षेत्र के भी लेखपाल क्षेत्रों पर भी विचार करेगी। देखा जाएगाकि कहां के लेखपाल क्षेत्रों को आसानी से शामिल कर नई तहसील परशुरामपुर का गठन किया जा सकता है। सीआरओ हरिशंकर ने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से समिति का गठन किया गया है। रिपोर्ट आने पर इसे डीएम के समक्ष रखा जाएगा।
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परशुरामपुर के नाम से नई तहसील के गठन की कवायद काफी समय से चल रही है। काफी पहले नई तहसील के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। कुछ माह पहले शासन की ओर से ये कहते हुए प्रस्ताव को वापस कर दिया गया कि ये मानक के अनुसार नहीं है। मानक के अनुसार लेखपाल क्षेत्र तय कर और इस पर जनप्रतिनिधियों की राय लेकर फिर से प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। नएई तहसील के लिए इसमें 100 लेखपाल क्षेत्रों का शामिल होना आवश्यक होता है। डीएम की ओर से एसडीएम सगड़ी और बूढ़नपुर को लेखपाल क्षेत्र तय करने की जिम्मेदारी दी गई। सगड़ी से तो 90 लेखपाल क्षेत्र शामिल करने की सहमति बन गई, लेकिन बूढ़नपुर के 10 लेखपाल क्षेत्रों को नई तहसील में शामिल करने का स्थानीय अधिवक्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। इस पर एसडीएम बूढ़नपुर ने भी यहां के लेखपाल क्षेत्रों को नई तहसील में शामिल करने से हाथ खड़े कर दिए।
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नई परिस्थितियों में डीएम की ओर से सीआरओ, एडीएम वित्त एवं राजस्व के साथ ही एसडीएम सगड़ी, बूढ़नपुर और सदर की कमेटी का गठन किया है। ये समिति बूढ़नपुर में हो रहे विरोध के मद्देनजर सुनवाई तो करेगी ही साथ ही सगड़ी, बूढ़नपुर के अलावा सदर क्षेत्र के भी लेखपाल क्षेत्रों पर भी विचार करेगी। देखा जाएगाकि कहां के लेखपाल क्षेत्रों को आसानी से शामिल कर नई तहसील परशुरामपुर का गठन किया जा सकता है। सीआरओ हरिशंकर ने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से समिति का गठन किया गया है। रिपोर्ट आने पर इसे डीएम के समक्ष रखा जाएगा।
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