{"_id":"62112f2dcef7013a635fa50e","slug":"now-cooks-will-get-honorarium-from-pfms-azamgarh-news-vns6394496121","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएफएमएस से अब रसोइयों को होगा मानदेय भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएफएमएस से अब रसोइयों को होगा मानदेय भुगतान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्याह्न भोजन योजना के तहत रसोइयों के मानदेय भुगतान में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए अब पीएफएमएस के जरिये उनके मानदेय का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार एवं मध्याह्न भोजन निदेशालय परिषदीय स्कूलों की जानकारी को पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पर दर्ज करा रहा है। इससे पहले रसोइयों के मानदेय का भुगतान कोषागार के माध्यम से होता था।
डाटा फीडिग में स्कूल का नाम, पता, विद्यालय शिक्षा समिति के बैंक खाता का नंबर, आईएफसी कोड, रसोइयां का नाम, पता, आधार कार्ड नंबर, बैंक खाते में शेष राशि, व्यय की गई राशि सहित पूरा विवरण दर्ज करना होगा। इसकी इंट्री होते ही विभाग के अधिकारी अपने कार्यालय से बैठे-बैठे किसी भी स्कूल में एमडीएम की स्थित का पता ऑनलाइन कर सकते हैं। रसोइयों के वेतन का भी भुगतान इसी माध्यम से होगा। इससे एमडीएम योजना के संचालन में पारदर्शिता आएगी। खाद्यान्न की कमी अथवा धनराशि की कमी की जानकारी भी मिल सकेगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि करीब आठ हजार रसोइया मध्याह्न भोजन बना रही हैं। विभाग रसोइयों का डाटा फीड कराने की कवायद में जुट गया है।
एमडीएम में पारदर्शिता के लिए रसोइयों का मानदेय पीएफएमएस से सीधे खाते में भेजा जाएगा। विवरण पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पर जानकारी दर्ज कराने का निर्देश मिला है।-अतुल कुमार सिंह, बीएसए।
विज्ञापन
विज्ञापन
डाटा फीडिग में स्कूल का नाम, पता, विद्यालय शिक्षा समिति के बैंक खाता का नंबर, आईएफसी कोड, रसोइयां का नाम, पता, आधार कार्ड नंबर, बैंक खाते में शेष राशि, व्यय की गई राशि सहित पूरा विवरण दर्ज करना होगा। इसकी इंट्री होते ही विभाग के अधिकारी अपने कार्यालय से बैठे-बैठे किसी भी स्कूल में एमडीएम की स्थित का पता ऑनलाइन कर सकते हैं। रसोइयों के वेतन का भी भुगतान इसी माध्यम से होगा। इससे एमडीएम योजना के संचालन में पारदर्शिता आएगी। खाद्यान्न की कमी अथवा धनराशि की कमी की जानकारी भी मिल सकेगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि करीब आठ हजार रसोइया मध्याह्न भोजन बना रही हैं। विभाग रसोइयों का डाटा फीड कराने की कवायद में जुट गया है।
विज्ञापन
एमडीएम में पारदर्शिता के लिए रसोइयों का मानदेय पीएफएमएस से सीधे खाते में भेजा जाएगा। विवरण पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पर जानकारी दर्ज कराने का निर्देश मिला है।-अतुल कुमार सिंह, बीएसए।
विज्ञापन