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बीएसए, बैंक और समाज कल्याण को भेजा नोटिस
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Mon, 13 Nov 2017 11:19 PM IST
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आजमगढ़। महराजगंज थाना क्षेत्र के माधोपु गांव निवासी एक व्यक्ति बगैर विद्यालय के ही एक करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति हड़प लिया है। मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर रही महराजगंज थाने की पुलिस ने अभिलेख दिखाने के लिए कई बार बीएसए, समाजकल्याण विभाग और बैंक को रिमाइंडर दिया। लेकिन वे अभिलेख नहीं दिखाए।
इस पर पुलिस ने इन संबंधित लोगों को सीआरपीसी की धारा 91 के तहत नोटिस भेजी है। इसके बाद भी अभिलेख नहीं प्रस्तुत हुए तो पुलिस कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। पुलिस के इस कार्रवाई से घोटालेबाजों में हड़कंप मचा हुआ है।
बता दें कि महराजगंज थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव निवासी राजेश तिवारी ने 26 दिसंबर 2016 को कोर्ट के आदेश पर महराजगंज थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें अपने गांव के सुरेंद्रनाथ त्रिपाठी को आरोपित किया है।
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राजेश का आरोप है कि सुरेंद्र त्रिपाठी सिर्फ कागज में ही रौनापार थाना क्षेत्र के देवारा खास राजा गांव, पैकौली और महराजगंज थाना क्षेत्र के महाजी मंझरिया गांव में विद्यालय चलाने का दावा करता है। जबकि इन तीनों स्थान पर इसका कोई विद्यालय नहीं है।
बावजूद इसके सुरेंद्रनाथ समाजकल्याण विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और बैंक के अधिकारियों की मिली भगत से छात्रवृत्ति के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये हड़प लिया है। यह खेल सुरेंद्रनाथ बीते वर्ष 2009 से खेल रहा था।
लेकिन कोई इस संबंध में आवाज नहीं उठा रहा था। राजेश की शिकायत पर वर्ष 2015 में इस मामले की जांच एसडीएम सगड़ी और खंड शिक्षाधिकारी सगड़ी ने अलग-अलग की। दोनों अधिकारियों की जांच में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।
लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन राजेश को कोर्ट जाना पड़ा और 26 दिसंबर 2016 को कोर्ट के आदेश पर उसने महराजगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच के लिए बीएसए, समाजकल्याण विभाग के अलावा यूबीआई और बैंक आफ बड़ौदा के जिम्मेदार लोगों से अभिलेख और साक्ष्य दिखाने की मांग की, लेकिन जिम्मेदार विभाग पुलिस को कोई अभिलेख नहीं दिखाया।
ऐसे में पुलिस अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए इन विभाग के प्रमुखों को सीआरपीसी की धारा 91 के तहत नोटिस भेजी है। एसओ विवेक यादव का कहना है कि इसके बाद भी अभिलेख नहीं मिला तो कोर्ट में अपील करके वारंट लिया जाएगा।
घोटाले की जांच के लिए अभिलेख न प्रस्तुत करने वालों को सीआरपीसी की धारा 91 के तहत नोटिस भेजी गई है। जवाब जल्द न आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण
30 तक डीएम ने मांगी रिपोर्ट
आजमगढ़। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने समाजकल्याण विभाग सहित अन्य सरकारी मदों में हुए घोटालों की जांच 30 नवंबर तक पूरी करके रिपोर्ट मांगी है। शेष बचे आरोपियों के आरसी जारी करने और रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि के भीतर जांच रिपोर्ट न प्रस्तुत करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है।
जल्द निपटाएं घोटालों से संबंधी जांच
आजमगढ़। जिलाधिकारी चंदभूषण सिंह ने सोमवार को बुनकर सोसाइटी, समाज कल्याण, बेसिक शिक्षा विभाग में हुए घोटाले के जांच अधिकारी और संबंधित अधिकारियों को अपने कार्यासय में तलब किया।
जांच अधिकारी को सभी जांचें एक माह में पूर्ण करने और संबंधित अधिकारियों का उनका सहयोग करने के निर्देश दिए।बुनकर सोसाइटी में दो वर्षों के दौरान शान से आए धन का 11 समितियों की ओर से दुरुपयोग करने की शिकायत निदेशख हथकरघा विभाग से की गई थी। मामले में जिलाधिकारी की ओर से जांच कमेटी का गठन किया गया था।
इसके अलावा जिले में 16448-15000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान जिले में हुईं फर्जी दस्तावेजों के सहारे हुईं नियुक्तियों और समाज कल्याण विभाग में हुए 150 करोड़ के घोटाले की जांच की समीक्षा। जांच अधिकारियों को जांच समय से निपटाने के निर्देश जारी गए हैं। मामले संबंधित अधिकारियों को संबंधित दस्तावेज जांच अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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इस पर पुलिस ने इन संबंधित लोगों को सीआरपीसी की धारा 91 के तहत नोटिस भेजी है। इसके बाद भी अभिलेख नहीं प्रस्तुत हुए तो पुलिस कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। पुलिस के इस कार्रवाई से घोटालेबाजों में हड़कंप मचा हुआ है।
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बता दें कि महराजगंज थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव निवासी राजेश तिवारी ने 26 दिसंबर 2016 को कोर्ट के आदेश पर महराजगंज थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें अपने गांव के सुरेंद्रनाथ त्रिपाठी को आरोपित किया है।
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राजेश का आरोप है कि सुरेंद्र त्रिपाठी सिर्फ कागज में ही रौनापार थाना क्षेत्र के देवारा खास राजा गांव, पैकौली और महराजगंज थाना क्षेत्र के महाजी मंझरिया गांव में विद्यालय चलाने का दावा करता है। जबकि इन तीनों स्थान पर इसका कोई विद्यालय नहीं है।
बावजूद इसके सुरेंद्रनाथ समाजकल्याण विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और बैंक के अधिकारियों की मिली भगत से छात्रवृत्ति के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये हड़प लिया है। यह खेल सुरेंद्रनाथ बीते वर्ष 2009 से खेल रहा था।
लेकिन कोई इस संबंध में आवाज नहीं उठा रहा था। राजेश की शिकायत पर वर्ष 2015 में इस मामले की जांच एसडीएम सगड़ी और खंड शिक्षाधिकारी सगड़ी ने अलग-अलग की। दोनों अधिकारियों की जांच में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।
लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन राजेश को कोर्ट जाना पड़ा और 26 दिसंबर 2016 को कोर्ट के आदेश पर उसने महराजगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच के लिए बीएसए, समाजकल्याण विभाग के अलावा यूबीआई और बैंक आफ बड़ौदा के जिम्मेदार लोगों से अभिलेख और साक्ष्य दिखाने की मांग की, लेकिन जिम्मेदार विभाग पुलिस को कोई अभिलेख नहीं दिखाया।
ऐसे में पुलिस अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए इन विभाग के प्रमुखों को सीआरपीसी की धारा 91 के तहत नोटिस भेजी है। एसओ विवेक यादव का कहना है कि इसके बाद भी अभिलेख नहीं मिला तो कोर्ट में अपील करके वारंट लिया जाएगा।
घोटाले की जांच के लिए अभिलेख न प्रस्तुत करने वालों को सीआरपीसी की धारा 91 के तहत नोटिस भेजी गई है। जवाब जल्द न आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण
30 तक डीएम ने मांगी रिपोर्ट
आजमगढ़। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने समाजकल्याण विभाग सहित अन्य सरकारी मदों में हुए घोटालों की जांच 30 नवंबर तक पूरी करके रिपोर्ट मांगी है। शेष बचे आरोपियों के आरसी जारी करने और रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि के भीतर जांच रिपोर्ट न प्रस्तुत करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है।
जल्द निपटाएं घोटालों से संबंधी जांच
आजमगढ़। जिलाधिकारी चंदभूषण सिंह ने सोमवार को बुनकर सोसाइटी, समाज कल्याण, बेसिक शिक्षा विभाग में हुए घोटाले के जांच अधिकारी और संबंधित अधिकारियों को अपने कार्यासय में तलब किया।
जांच अधिकारी को सभी जांचें एक माह में पूर्ण करने और संबंधित अधिकारियों का उनका सहयोग करने के निर्देश दिए।बुनकर सोसाइटी में दो वर्षों के दौरान शान से आए धन का 11 समितियों की ओर से दुरुपयोग करने की शिकायत निदेशख हथकरघा विभाग से की गई थी। मामले में जिलाधिकारी की ओर से जांच कमेटी का गठन किया गया था।
इसके अलावा जिले में 16448-15000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान जिले में हुईं फर्जी दस्तावेजों के सहारे हुईं नियुक्तियों और समाज कल्याण विभाग में हुए 150 करोड़ के घोटाले की जांच की समीक्षा। जांच अधिकारियों को जांच समय से निपटाने के निर्देश जारी गए हैं। मामले संबंधित अधिकारियों को संबंधित दस्तावेज जांच अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।