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कार्ययोजना मंजूर नहीं, उड़ा दिए करोड़ों
आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Fri, 22 Sep 2017 11:24 PM IST
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आजमगढ़। ब्लाकों में राज्य वित्त से विकास कराने के लिए कार्ययोजना को जिलाधिकारी से मंजूर करनी पड़ती है, लेकिन वर्ष 2016 से 17 के दौरान जिले के ब्लाकों की ओर से किसी कार्ययोजना की मंजूरी जिलाधिकारी से नहीं ली गई और करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए।
अभी जिलाधिकारी की ओर से 2016-17 और 2017-18 में राज्य वित्त के तहत जिले के सभी ब्लाकों को जारी धनराशि और खर्च की गई धनराशि की डिटेल तलब की गई है। पैसा कहां खर्च हुआ और इसका सदुपयोग हुआ कि नहीं, इसके लिए मामले में जांच बिठाई जा सकती है।
जिले में पहले ही उन ग्राम सभाओं की जांच की तर्ज पर अब प्रशासन की नजर ब्लाकों पर है। ब्लाकों में राज्य वित्त के तहत विकास का पैसा जाता है। जिस विकास कार्य की कार्ययोजना बनाई जाती है, उसके लिए जिलाधिकारी से मंजूरी लेनी होती थी।
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इसके बाद ही विकास कार्य शुरू कराए जाते थे। वर्ष 2016-17 और 2017-18 में ब्लाकों की ओर से बिना जिलाधिकारी के मंजूरी के ही विकास कार्य कराने शुरू कर दिए गए। इसके पीछे लखनऊ से आए किसी आदेश का हवाला दिया गया। इस बीच जिलाधिकारी के पास ब्लाकों को आवंटित धन के बंदरबांट की शिकायत मिलने लगी।
शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी की ओर से दोनों वित्तीय वर्षों के दौरान ब्लाकों को विकास के लिए आवंटित धनराशि की डीटेल तलब की गई है। सूत्रों की मानें तो जल्द ही जिलाधिकारी की ओर से ब्लाकों की ओर से कराए गए विकास कार्यों की जांच कराई जा सकती है।
अभी जिलाधिकारी की ओर से 2016-17 और 2017-18 में राज्य वित्त के तहत जिले के सभी ब्लाकों को जारी धनराशि और खर्च की गई धनराशि की डिटेल तलब की गई है। पैसा कहां खर्च हुआ और इसका सदुपयोग हुआ कि नहीं, इसके लिए मामले में जांच बिठाई जा सकती है।
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जिले में पहले ही उन ग्राम सभाओं की जांच की तर्ज पर अब प्रशासन की नजर ब्लाकों पर है। ब्लाकों में राज्य वित्त के तहत विकास का पैसा जाता है। जिस विकास कार्य की कार्ययोजना बनाई जाती है, उसके लिए जिलाधिकारी से मंजूरी लेनी होती थी।
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इसके बाद ही विकास कार्य शुरू कराए जाते थे। वर्ष 2016-17 और 2017-18 में ब्लाकों की ओर से बिना जिलाधिकारी के मंजूरी के ही विकास कार्य कराने शुरू कर दिए गए। इसके पीछे लखनऊ से आए किसी आदेश का हवाला दिया गया। इस बीच जिलाधिकारी के पास ब्लाकों को आवंटित धन के बंदरबांट की शिकायत मिलने लगी।
शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी की ओर से दोनों वित्तीय वर्षों के दौरान ब्लाकों को विकास के लिए आवंटित धनराशि की डीटेल तलब की गई है। सूत्रों की मानें तो जल्द ही जिलाधिकारी की ओर से ब्लाकों की ओर से कराए गए विकास कार्यों की जांच कराई जा सकती है।