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श्रमिक विद्यालय में कमियां ही कमियां एफआईआर के निर्देश
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शहर के हीरापट्टी स्थित श्रम विभाग द्वारा संचालित बालिका बिहान विद्यालय का निरीक्षण करते भवन एंव
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। उप्र भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार राज्य परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष रघुराज सिंह ने बुधवार को विहान बालक और बालिका आवासीय विद्यालय (निर्माण श्रमिक) का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में काफी कमियां पाई गई। नाराज अध्यक्ष ने विद्यालय का संचालन करने वाली उद्यमिता विकास संस्थान लखनऊ के प्रबंधक पर एफआईआर के निर्देश दिए।
अध्यक्ष के निरीक्षण में बालक आवासीय विद्यालय में 100 बच्चों के नामांकन के सापेक्ष 14 बच्चे उपस्थित थे। 14 स्टाफ में नौ ही मौके पर थे। कमरे में साफ-सफाई नहीं थी। रजाई, गद्दा, बेडशीट फटी हुई थी। छात्रों को मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था। बच्चों के तख्त भी टूटे थे। पीने के पानी की व्यवस्था नहीं थी। ड्रेस भी नहीं उपलब्ध कराया गया था। विद्यालय में न तो किताबें थीं ना ही दवाएं। कई छात्र चर्म रोग से पीड़ित पाए गए। कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएलसी को निर्देशित करते हुए कहा कि तत्काल उद्यमिता विकास संस्थान लखनऊ के प्रबंधक पर एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजें। विद्यालय की देख-रेख अब आपके स्तर से की जाएगी।
वहीं विहान बालिका आवासीय विद्यालय (निर्माण श्रमिक) हीरापट्टी में 100 छात्राओं के नामांकन के सापेक्ष 44 छात्राएं थीं। कमरों में फर्नीचर पर्याप्त नहीं था। खिड़कियों में शीशे नहीं लगे थे। यहां भी छात्राओं को ड्रेस उपलब्ध नहीं कराया गया था। सेनेटरी पैड भी नहीं दिया जा रहा था। सीसी टीवी कैमरा और कंप्यूटर खराब मिला। वित्तीय लेखा-जोखा की पत्रावली विद्यालय में उपलब्ध नहीं थी। दोनों विद्यालय उद्यमिता विकास संस्थान लखनऊ द्वारा संचालित की जा रही है। इस अवसर पर डीएलसी रोशन लाल, निदेशक सेवायोजन वीके सिंह, जिला सेवायोजन अधिकारी मनिराम यादव अधिकारी उपस्थित रहे।
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अध्यक्ष के निरीक्षण में बालक आवासीय विद्यालय में 100 बच्चों के नामांकन के सापेक्ष 14 बच्चे उपस्थित थे। 14 स्टाफ में नौ ही मौके पर थे। कमरे में साफ-सफाई नहीं थी। रजाई, गद्दा, बेडशीट फटी हुई थी। छात्रों को मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था। बच्चों के तख्त भी टूटे थे। पीने के पानी की व्यवस्था नहीं थी। ड्रेस भी नहीं उपलब्ध कराया गया था। विद्यालय में न तो किताबें थीं ना ही दवाएं। कई छात्र चर्म रोग से पीड़ित पाए गए। कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएलसी को निर्देशित करते हुए कहा कि तत्काल उद्यमिता विकास संस्थान लखनऊ के प्रबंधक पर एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजें। विद्यालय की देख-रेख अब आपके स्तर से की जाएगी।
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वहीं विहान बालिका आवासीय विद्यालय (निर्माण श्रमिक) हीरापट्टी में 100 छात्राओं के नामांकन के सापेक्ष 44 छात्राएं थीं। कमरों में फर्नीचर पर्याप्त नहीं था। खिड़कियों में शीशे नहीं लगे थे। यहां भी छात्राओं को ड्रेस उपलब्ध नहीं कराया गया था। सेनेटरी पैड भी नहीं दिया जा रहा था। सीसी टीवी कैमरा और कंप्यूटर खराब मिला। वित्तीय लेखा-जोखा की पत्रावली विद्यालय में उपलब्ध नहीं थी। दोनों विद्यालय उद्यमिता विकास संस्थान लखनऊ द्वारा संचालित की जा रही है। इस अवसर पर डीएलसी रोशन लाल, निदेशक सेवायोजन वीके सिंह, जिला सेवायोजन अधिकारी मनिराम यादव अधिकारी उपस्थित रहे।

शहर के हीरापट्टी स्थित श्रम विभाग द्वारा संचालित बालिका बिहान विद्यालय का निरीक्षण करते भवन एंव- फोटो : AZAMGARH
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