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पशुपालकों को 1.60 लाख तक केसीसी बनाने के लिए भूमि की आवश्यकता नहीं

Thu, 24 Sep 2020 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2020 11:18 PM IST
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No need of land for making KCC up to 1.60 lakhs for cattle ranchers
आजमगढ़। राज्य स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी-2020 का आयोजन वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में हुई। गोष्ठी में कमिश्नर वीवी पंत, डीएम राजेश कुमार और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि प्रदेश में किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए जीरो बजट खेती एवं आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देना होगा। निर्देश दिए कि धान की पराली किसी भी दशा में जलाई न जाए। रबी की फसल के लिए खाद की डिमाण्ड भेजने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। खाद को ई-पॉस मशीन के द्वारा ही वितरण कराएं। इसमें लापरवाही क्षम्य नहीं है। सभी लाभार्थियों का किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के निर्देश दिए।
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अपर मुख्य सचिव पशुपालन ने कहा कि 1.60 लाख की सीमा तक के पशुपालकों का केसीसी बनाने के लिए किसी जमीन की आवश्यकता नहीं है। अतिकुपोषित बच्चों के परिवार को एक दुधारू गाय प्रदान किया जाए। विजय विश्वास पन्त ने कहा कि मंडल में स्थापित सोलर पम्पों में कमियों या खराबी को ठीक करने के लिए कंपनी के द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की जाती है। मऊ में इन्दारा रजवाहा शारदा सहायक नहर प्रणाली के अन्तर्गत आता है, टेल एण्ड पर स्थित होने के कारण पानी नहीं प्राप्त होता। ये दोहरीघाट पम्प कैनाल के बगल से ही निकलती है। इसे दोहरीघाट पम्प कैनाल से जोड़ दिया जाए, ताकि किसानों को पानी मिल सके। साधन सहकारी समितियों एवं सहकारिता के अन्य बिक्री केन्द्रों से पोटैशिक उर्वरक (म्यूरेट ऑफ पोटाश) का वितरण नहीं होता। किसानों की मांग है कि संतुलित उर्वरक प्रयोग के परिप्रेक्ष्य में सहकारिता के बिक्री केन्द्रों से एमओपी का भी वितरण कराया जाए।
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पाली हाउस योजना में किसानों को लागत का 50 प्रतिशत अनुदान प्राप्त हो रहा है। योजना की अधिक लागत के कारण सीमान्त एवं लघु किसान धनाभाव के कारण लाभ प्राप्त करने में असमर्थ हैं। किसानों ने मांग की कि अनुदान 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत की जाए। ताकि छोटे किसान भी योजना से लाभान्वित हो सकें। उत्तराखण्ड राज्य में ऐसी अनुदान सीमा लागू है। उप कृषि निदेशक डॉ. उमेश कुमार गुप्ता, जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल, जिला उद्यान अधिकारी सहित प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
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