{"_id":"6502c137ae4b524b2e02cb56","slug":"nia-raid-in-azamgarh-threatened-once-again-police-team-picked-up-suspect-2023-09-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एनआईए का छापाः एक बार फिर आजमगढ़ धमकी एनआईए की टीम, एक संदिग्ध को उठाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनआईए का छापाः एक बार फिर आजमगढ़ धमकी एनआईए की टीम, एक संदिग्ध को उठाया
Thu, 14 Sep 2023 01:45 PM IST
उत्पल कांत
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
Published by: उत्पल कांत
Updated Thu, 14 Sep 2023 01:45 PM IST
सार
आजमगढ़ जिले में गुरुवार को एक बार फिर से एनआईए टीम ने दबिश दी है। कई स्थानों पर छापेमारी कर एक संदिग्ध को उठाने की सूचना है। 10 दिन पहले पूर्वांचल के कई जिलों में एनआईए टीम की छापेमारी हुई थी।
विज्ञापन
कार्रवाई के दौरान एनआईए (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यूपी के आजमगढ़ जिले में गुरुवार को एक बार फिर से एनआईए टीम ने दबिश दी है। कई स्थानों पर छापेमारी कर एक संदिग्ध को उठाने की सूचना है। इस छापेमारी के दौरान एनआईए के साथ स्थानीय पुलिस की टीम भी रही जहां अधिकारी इस संबंध में कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। वहीं एनआईए की टीम को लेकर जनपद में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
विज्ञापन
करीब 10 दिन पूर्व पूर्वांचल के कई जिलों में एनआईए टीम की छापेमारी हुई थी। अलग-अलग स्थानों से कई लोग दबोचे गए थे। जिले से भी कुछ लोगों को दबोचे जाने की बात सामने आई थी लेकिन अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की। एक बार फिर जिले में एनआईए टीम ने गुरुवार को दस्तक दी है। हालांकि इसकी भी पुष्टि अधिकारी नहीं कर रहे लेकिन सूत्रों की माने तो शहर कोतवाली में एनआईए की टीम को देखा गया है।
विज्ञापन
एनआईए टीम शहर कोतवाली से कहां गई इसकी जानकारी तो नहीं मिल पा रही है लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि एनआईए की टीम को कुछ न तो कुछ भनक लगी है जिसे लेकर वह आजमगढ़ जनपद में पहुंची है। उम्मीद जताई जा रही है कि टीम जिले के किसी भी क्षेत्र में छापेमारी कर सकती है।
विज्ञापन
Trending Videos
कई आतंकी घटनाओं में आजमगढ़ का नाम सुर्खियों में आया
दिल्ली के बाटला हाउस कांड की बात की जाए तो सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर का नाम सुर्खियों में आया था। बिलरियागंज, मुबारकपुर के भी कनेक्शन ऐसे मामलों में सामने आए। जिला आतंकी घटनाओं को अंजाम देने वालों की पनाहगाह के रूप में माना जाने लगा था।