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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   National Ulema Council protest and demands judicial inquiry on 13th anniversary of Batla House encounter in Azamgarh 

बाटला हाउस एनकाउंटर की 13वीं बरसी पर प्रदर्शन: आजमगढ़ में राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल ने की न्यायिक जांच की मांग

Sun, 19 Sep 2021 05:01 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़ Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 19 Sep 2021 05:01 PM IST
सार

राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष नेकहा कि 2008 में दिल्ली में हुए बम धमाकों के छह दिन बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार के गृहमंत्री के इशारे पर दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ की। इश मामले में न्यायिक जांच की मांग के लिए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

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National Ulema Council protest and demands judicial inquiry on 13th anniversary of Batla House encounter in Azamgarh 
राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल ने प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बाटला हाउस एनकाउंटर की 13वीं बरसी पर आजमगढ़ जिले में राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के कार्यकर्ता और नेताओं ने रविवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंप दिया।

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काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि 2008 में दिल्ली में हुए बम धमाकों के छह दिन बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार के गृहमंत्री के इशारे पर दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ की। सरकार की किरकिरी होने से बचाने व अल्पसंख्यक समुदाय के नौजवानों को बलि का बकरा बनाने की नियत से साजिश रची गई और 19 सितंबर को मुठभेड़ हुई।
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कई नौजवानों को इस मामले में फंसाकर उनकी जिंदगी बर्बाद कर दी गई। राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के प्रवक्ता तलहा रशादी ने कहा कि इस एनकाउंटर के बाद कांग्रेस सरकार ने अपने कानूनी कर्तव्यों का भी पालन सही तरीके से नहीं किया। जबकि सीआरपीसी की धारा 176 के तहत किसी भी प्रकार के पुलिस टकराव में अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो उस घटना की मजिस्ट्रेट जांच करवाना अनिवार्य होता है।

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इसके बावजूद बाटला हाउस एनकाउंटर केस में शुरू से ही कानून की धज्जियां उड़ाई गईं। जबकि इस घटना में एक बहादुर पुलिस अफसर एवं दो प्रतिभावान छात्रों की मौत हुई। न तो तत्कालीन कांग्रेस सरकार, वर्तमान भाजपा की केंद्र सरकार और चुनाव से पहले इस एनकाउंटर पर सवाल उठाने वाले अरविंद केजरीवाल ने सत्ता हासिल करने के बाद इस कांड की जांच करवाना जरूरी समझा।

इससे एक सवाल खड़ा होता है कि आखिर क्या वजह है कि इस एनकाउंटर की जांच नहीं कराई गई। यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष नूरूल होदा ने कहा कि प्रधानमंत्री सबका साथ, सबका विकास की बात करते हैं लेकिन क्या सबका साथ सबका विकास सबको न्याय के बिना संभव है।

भाजपा सरकार भी न्याय करने की बजाए पिछली कांग्रेस सरकार के ढर्रे पर ही चल रही है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष नोमान अहमद, अबु तालिब, अबसार अहमद, नफीस अहमद, अब्दुल्लाह, दिनेश कन्नौजिया, शकील अहमद, हमजा, आजम आदि उपस्थित थे।

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