{"_id":"5d7e74658ebc3e93d62afded","slug":"naman-hospital-seized-on-the-instructions-of-principal-secretary-azamgarh-news-vns4839694111","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रमुख सचिव के निर्देश पर सीज हुआ नमन हास्पिटल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रमुख सचिव के निर्देश पर सीज हुआ नमन हास्पिटल
विज्ञापन
अतरौलिया। मदियापार मोड़ स्थित नमन हॉस्पिटल बिना पंजीकरण के संचालित हो रहा था। पूर्व में इसे बंद कराने भी निर्देश हुआ था। इसके बाद भी इसका संचालन किया जा रहा था। शनिवार को इसकी शिकायत प्रमुख सचिव से हुई तो उन्होंने सीएमओ को सख्त निर्देश दिया। रविवार को सीएमओ अस्पताल पर पहुंचे तो अस्पताल खुला मिला। सीएमओ को देख कर्मचारी भाग खड़े हुए। सीएमओ के निर्देश पर अस्पताल को सीज कर दिया गया।
पूरे अतरौलिया क्षेत्र में इन दिनों झोला छाप डॉक्टरों व अवैध अस्पतालों की भरमार है। पैथोलॉजी सेंटर भी अवैध रुप से संचालित हो रहे हैं। आयुर्वेद के नाम पर एलोपैथ माध्यम से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। भाजपा नेता रमाकांत मिश्रा ने इसकी शिकायत प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से की थी। शिकायत पर प्रमुख सचिव ने सीएमओ को ऐसे अस्पतालों को तत्काल बंद कराने का निर्देश दिया था। शनिवार को सीएमओ ने अपनी टीम भेज कर अस्पताल की जांच कराई तो जांच करने वालों ने उन्हें ये रिपोर्ट दी कि नमन अस्पताल बंद है। अमर उजाला ने शनिवार को ही सीएमओ से इस बाबत बात की और यथास्थित से अवगत कराया तो रविवार को वे स्वयं ही मौके पर पहुंचे। अस्पताल खुला हुआ मिला, वहां मरीज भी भर्ती थे। सीएमओ के पहुंचते ही अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मच गया और वे अस्पताल छोड़ कर भाग खड़े हुए। इसके बाद सीएमओ ने अस्पताल में भर्ती एक जच्चा बच्चा को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजवाया। स्थानीय लोगों का कहना था कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते ही ऐसे अस्पताल कुकुरमुत्ते की तरह पूरे कस्बे में संचालित हो रहे हैं। इन अस्पतालों पर जांच के नाम पर सिर्फ कागजी कार्रवाई की जाती है।
क्या गलत रिपोर्ट देने वालों पर होगी कार्रवाई
नमन अस्पताल की शिकायत रमाकांत मिश्रा ने शनिवार को ही प्रमुख सचिव से की थी। प्रमुख सचिव ने एडी हेल्थ व सीएमओ को फोन कर कड़ी फटकार लगाई थी। जिस पर सीएमओ ने स्थानीय सीएचसी की टीम भेज कर अस्पताल की जांच करायी। उक्त टीम ने सीएमओ को अस्पताल बंद होने की रिपोर्ट दी। ऐसा टीम में शामिल कर्मियों व नमन अस्पताल प्रशासन के बीच मिलीभगत से हुआ। रविवार को सीएमओ जब स्वयं मौके पर पहुंचे तो अस्पताल खुला मिला। अब यक्ष प्रश्न यह उठाता है कि क्या गलत रिपोर्ट देने वालों पर भी कार्रवाई होगी ?
विज्ञापन
अवैध रुप से किसी भी प्राइवेट अस्पताल को संचालित नहीं होने दिया जायेगा। जहां तक गलत रिपोर्ट की बात है तो जांच करा कर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जायेगी। अवैध रुप से संचालित अन्य अस्पतालों व पैथोलॉजी सेंटरों पर भी विभाग की नजर है, जल्द ही उन पर भी कार्रवाई होगी। - डॉ. एके मिश्रा, सीएमओ, आजमगढ़।
विज्ञापन
पूरे अतरौलिया क्षेत्र में इन दिनों झोला छाप डॉक्टरों व अवैध अस्पतालों की भरमार है। पैथोलॉजी सेंटर भी अवैध रुप से संचालित हो रहे हैं। आयुर्वेद के नाम पर एलोपैथ माध्यम से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। भाजपा नेता रमाकांत मिश्रा ने इसकी शिकायत प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से की थी। शिकायत पर प्रमुख सचिव ने सीएमओ को ऐसे अस्पतालों को तत्काल बंद कराने का निर्देश दिया था। शनिवार को सीएमओ ने अपनी टीम भेज कर अस्पताल की जांच कराई तो जांच करने वालों ने उन्हें ये रिपोर्ट दी कि नमन अस्पताल बंद है। अमर उजाला ने शनिवार को ही सीएमओ से इस बाबत बात की और यथास्थित से अवगत कराया तो रविवार को वे स्वयं ही मौके पर पहुंचे। अस्पताल खुला हुआ मिला, वहां मरीज भी भर्ती थे। सीएमओ के पहुंचते ही अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मच गया और वे अस्पताल छोड़ कर भाग खड़े हुए। इसके बाद सीएमओ ने अस्पताल में भर्ती एक जच्चा बच्चा को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजवाया। स्थानीय लोगों का कहना था कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते ही ऐसे अस्पताल कुकुरमुत्ते की तरह पूरे कस्बे में संचालित हो रहे हैं। इन अस्पतालों पर जांच के नाम पर सिर्फ कागजी कार्रवाई की जाती है।
विज्ञापन
क्या गलत रिपोर्ट देने वालों पर होगी कार्रवाई
नमन अस्पताल की शिकायत रमाकांत मिश्रा ने शनिवार को ही प्रमुख सचिव से की थी। प्रमुख सचिव ने एडी हेल्थ व सीएमओ को फोन कर कड़ी फटकार लगाई थी। जिस पर सीएमओ ने स्थानीय सीएचसी की टीम भेज कर अस्पताल की जांच करायी। उक्त टीम ने सीएमओ को अस्पताल बंद होने की रिपोर्ट दी। ऐसा टीम में शामिल कर्मियों व नमन अस्पताल प्रशासन के बीच मिलीभगत से हुआ। रविवार को सीएमओ जब स्वयं मौके पर पहुंचे तो अस्पताल खुला मिला। अब यक्ष प्रश्न यह उठाता है कि क्या गलत रिपोर्ट देने वालों पर भी कार्रवाई होगी ?
विज्ञापन
अवैध रुप से किसी भी प्राइवेट अस्पताल को संचालित नहीं होने दिया जायेगा। जहां तक गलत रिपोर्ट की बात है तो जांच करा कर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जायेगी। अवैध रुप से संचालित अन्य अस्पतालों व पैथोलॉजी सेंटरों पर भी विभाग की नजर है, जल्द ही उन पर भी कार्रवाई होगी। - डॉ. एके मिश्रा, सीएमओ, आजमगढ़।