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हत्यारोपी को आजीवन कारावास, जुर्माना भी
ब्यूरो अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Wed, 23 Sep 2015 12:29 AM IST
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17 वर्ष पूर्व हुई हत्या के एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार यादव की अदालत ने मंगलवार को हत्यारोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई साथ ही तीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। घटना मुबारकपुर थाना क्षेत्र की है।
मुकदमे के अनुसार, जिला मऊ थाना मोहम्मदाबाद के सुतरही गांव निवासी रामू राजभर की 15 जून 1997 को हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शारदा देवी ने मुबारकपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया था कि गांव के मंगला मिश्र के लड़के राधेश्याम के ससुराल का एक लड़का घटना की रात उसके घर आया था।
उसने उसके पति के साथ खाना खाया और उसे अपने साथ लेकर चला गया। दूसरे दिन उसके पति की लाश मुबारकपुर थाना के नरांव गांव के पास से बरामद हुई। विवेचना के बाद पुलिस ने मुबारकपुर थाने के नसीरुद्दीनपुर गांव निवासी परितोष पांडेय पुत्र पारस पांडेय के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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हत्या के पीछे पैसों के लेन का मामला बताया गया। मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीष कुमार चौहान ने की। कुल नौ गवाहों को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उभय पक्षों के बाद उम्र कैद और तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। फैसले के समय कोर्ट में काफी भीड़ रही।
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मुकदमे के अनुसार, जिला मऊ थाना मोहम्मदाबाद के सुतरही गांव निवासी रामू राजभर की 15 जून 1997 को हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी शारदा देवी ने मुबारकपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया था कि गांव के मंगला मिश्र के लड़के राधेश्याम के ससुराल का एक लड़का घटना की रात उसके घर आया था।
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उसने उसके पति के साथ खाना खाया और उसे अपने साथ लेकर चला गया। दूसरे दिन उसके पति की लाश मुबारकपुर थाना के नरांव गांव के पास से बरामद हुई। विवेचना के बाद पुलिस ने मुबारकपुर थाने के नसीरुद्दीनपुर गांव निवासी परितोष पांडेय पुत्र पारस पांडेय के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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हत्या के पीछे पैसों के लेन का मामला बताया गया। मुकदमे की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीष कुमार चौहान ने की। कुल नौ गवाहों को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उभय पक्षों के बाद उम्र कैद और तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। फैसले के समय कोर्ट में काफी भीड़ रही।