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'मुलायम ने दल से निकाला, दिल से नहीं'
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 10 Sep 2015 12:07 AM IST
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मुलायम ने मुझे दल से निकाला है दिल से नहीं। आज भी मैं मुलायम के दिल और मुलायम मेरे दिल में रहते हैं। मैं आज भी मुलायम को बड़े भाई के समान स्नेह देता हूं। शिवपाल यादव मेरे भाई हैं और अखिलेश यादव मेरे भतीजे, मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता और न ही सुनना चाहता हूं।
उक्त बातें पूर्व सांसद अमर सिंह ने वरिष्ठ अधिवक्ता स्व. शिवधनी सिंह के ठंडी सड़क सि्थत आवास पर बुधवार को मीडियाकर्मियों से वार्ता के दौरान कही। वह स्व. शिवधनी सिंह के तेरही समारोह में सम्मिलित होने के लिए जनपद पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि आज भी मुलायम से मेरे वैसे ही संबंध हैं। उन्होंने मुझे पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित किया था लेकिन मैंने अभी तक पार्टी में शामिल होने के लिए कोई अर्जी नहीं दी है। इसलिए मेरे सपा में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता। बिहार में हुए महागठबंधन से सपा के अलग होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव राजनीति के पुरोधा हैं। कांग्रेस का जनाधार न होने के बावजूद उसे 40 सीटें और सपा को पांच सीटें मिलने के कारण ही उन्होंने संभवत: यह फैसला लिया।
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उन्होंने कभी भी अपने उसूलों से समझौता नहीं किया। इसलिए उनके ऊपर यह आरोप लगाना गलत है कि मुलायम भाजपा से मिले हुए हैं। यह सवाल तो सीताराम येचुरी से पूूछना चाहिए कि वह भाजपा से हाथ क्यूूं मिला रहे हैं। मोदी की विदेश नीति के संबंध में उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी कर रहा है, वर्मा में चीन हमारी सीमाओं में हस्तक्षेप कर रहा है इसे देखते हुए अगर वह अपनी विदेश नीति को मजबूत कर रहे हैं तो हम उनका पूरा समर्थन करते हैं।
मुलायम के जनपद से चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि स्थानीय नेतृत्व की नाराजगी के कारण मुलायम ने यहां से चुनाव लड़ने का फैसला किया लेकिन उन्हें यहां से चुनाव नहीं लड़ना चाहिए था। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों की तरफ भी सपा मुखिया को ध्यान देना चाहिए। इस मौके पर प्रभाकर सिंह तरवां, आलोक सिंह, अनिल सिंह, ज्ञानू सिंह, भूपेंद्र सिंह मुन्ना, एसके सत्येन आदि उपस्थित थे।
स्व. शिवधनी सिंह को श्रद्घांजलि देने के बाद पूर्व सांसद अमर सिंह मार्ग दुर्घटना में घायल वीरभद्र प्रताप सिंह के मड़या स्थित आवास पर पहुंचे और उनकी कुशलक्षेम पूछी।
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उक्त बातें पूर्व सांसद अमर सिंह ने वरिष्ठ अधिवक्ता स्व. शिवधनी सिंह के ठंडी सड़क सि्थत आवास पर बुधवार को मीडियाकर्मियों से वार्ता के दौरान कही। वह स्व. शिवधनी सिंह के तेरही समारोह में सम्मिलित होने के लिए जनपद पहुंचे थे।
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उन्होंने कहा कि आज भी मुलायम से मेरे वैसे ही संबंध हैं। उन्होंने मुझे पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित किया था लेकिन मैंने अभी तक पार्टी में शामिल होने के लिए कोई अर्जी नहीं दी है। इसलिए मेरे सपा में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता। बिहार में हुए महागठबंधन से सपा के अलग होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव राजनीति के पुरोधा हैं। कांग्रेस का जनाधार न होने के बावजूद उसे 40 सीटें और सपा को पांच सीटें मिलने के कारण ही उन्होंने संभवत: यह फैसला लिया।
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उन्होंने कभी भी अपने उसूलों से समझौता नहीं किया। इसलिए उनके ऊपर यह आरोप लगाना गलत है कि मुलायम भाजपा से मिले हुए हैं। यह सवाल तो सीताराम येचुरी से पूूछना चाहिए कि वह भाजपा से हाथ क्यूूं मिला रहे हैं। मोदी की विदेश नीति के संबंध में उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी कर रहा है, वर्मा में चीन हमारी सीमाओं में हस्तक्षेप कर रहा है इसे देखते हुए अगर वह अपनी विदेश नीति को मजबूत कर रहे हैं तो हम उनका पूरा समर्थन करते हैं।
मुलायम के जनपद से चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि स्थानीय नेतृत्व की नाराजगी के कारण मुलायम ने यहां से चुनाव लड़ने का फैसला किया लेकिन उन्हें यहां से चुनाव नहीं लड़ना चाहिए था। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों की तरफ भी सपा मुखिया को ध्यान देना चाहिए। इस मौके पर प्रभाकर सिंह तरवां, आलोक सिंह, अनिल सिंह, ज्ञानू सिंह, भूपेंद्र सिंह मुन्ना, एसके सत्येन आदि उपस्थित थे।
स्व. शिवधनी सिंह को श्रद्घांजलि देने के बाद पूर्व सांसद अमर सिंह मार्ग दुर्घटना में घायल वीरभद्र प्रताप सिंह के मड़या स्थित आवास पर पहुंचे और उनकी कुशलक्षेम पूछी।