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Azamgarh News: मुबारकपुर की रेशमी साड़ियां, डिजाइनर सूट-दुपट्टे बने आकर्षण के केंद्र
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भुवनेश्वर में लगी सिल्क हेरिटेज प्रदर्शनी में सजी मुबाकरपुर की रेशमी साड़ियां। संवाद
अमिलो। उड़ीसा के भुवनेश्वर में तीन दिवसीय “मुबारकपुर सिल्क हेरिटेज प्रदर्शनी” का आयोजन किया गया है। यहां रेशमी नगरी मुबारकपुर के हथकरघा पर बुनी गई रेशमी साड़ियां, डिजाइनर सूट, दुपट्टे एवं ड्रेस मैटेरियल ग्राहकों की पहली पसंद बन गई हैं।
मेफेयर होटल एंड रिसोर्ट के कैमिल्लिया हॉल में 23, 24 और 25 मई तक चलने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में देश-विदेश से आए लोगों ने मुबारकपुर की पारंपरिक बुनकरी और रेशमी उत्पादों की जमकर सराहना की। प्रदर्शनी में दुबई, कुवैत, कतर और अमेरिका से जुड़े लोगों ने भी भविष्य में मुबारकपुर सिल्क हेरिटेज प्रदर्शनी आयोजित करने की इच्छा जताई।
लोगों ने हथकरघा पर तैयार रेशमी साड़ियां, डिजाइनर सूट, दुपट्टे और ड्रेस मेटेरियल देखे तो उनके चेहरे पर खुशी और आश्चर्य साफ झलक रहा था। प्रदर्शनी में सक्रिय भूमिका निभा रहे मनोवैज्ञानिक एवं इंजीनियर राकेश कुमार पाण्डेय, स्टूडेंट एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी के बृजकिशोर तथा बुनकरी कला के प्रचार-प्रसार में जुटे इफ्तेखार अहमद मुनीम ने बताया कि मुबारकपुर में लगभग पांच सौ वर्षों से हजारों बुनकर परिवार इस परंपरा को जीवित रखे है। अब इन्हें नया बाजार और नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से भुवनेश्वर से इस अभियान की शुरुआत की गई है।
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उन्होंने बताया कि मुबारकपुर की रेशमी साड़ी को प्रदेश सरकार ने ओडीओपी योजना के तहत चयनित किया है। इसके विपणन और प्रचार के लिए मुबारकपुर के मोहल्ला अलीनगर में विपणन केंद्र एवं शो-रूम भी संचालित है। आयोजकों के अनुसार भविष्य में कोलकाता, महाराष्ट्र, बेंगलुरु सहित देश के विभिन्न शहरों में भी “मुबारकपुर सिल्क हेरिटेज प्रदर्शनी” आयोजित की जाएगी, ताकि बुनकरों और ग्राहकों के बीच सीधा जुड़ाव स्थापित हो सके।
मुबारकपुर से बुनकर मोहम्मद शाकिब के नेतृत्व में आधा दर्जन बुनकर भुवनेश्वर प्रदर्शनी में भाग लेने पहुंचे हैं। आयोजकों का कहना है कि इस पहल के माध्यम से मुबारकपुर की ऐतिहासिक बुनकरी विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
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मेफेयर होटल एंड रिसोर्ट के कैमिल्लिया हॉल में 23, 24 और 25 मई तक चलने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में देश-विदेश से आए लोगों ने मुबारकपुर की पारंपरिक बुनकरी और रेशमी उत्पादों की जमकर सराहना की। प्रदर्शनी में दुबई, कुवैत, कतर और अमेरिका से जुड़े लोगों ने भी भविष्य में मुबारकपुर सिल्क हेरिटेज प्रदर्शनी आयोजित करने की इच्छा जताई।
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लोगों ने हथकरघा पर तैयार रेशमी साड़ियां, डिजाइनर सूट, दुपट्टे और ड्रेस मेटेरियल देखे तो उनके चेहरे पर खुशी और आश्चर्य साफ झलक रहा था। प्रदर्शनी में सक्रिय भूमिका निभा रहे मनोवैज्ञानिक एवं इंजीनियर राकेश कुमार पाण्डेय, स्टूडेंट एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी के बृजकिशोर तथा बुनकरी कला के प्रचार-प्रसार में जुटे इफ्तेखार अहमद मुनीम ने बताया कि मुबारकपुर में लगभग पांच सौ वर्षों से हजारों बुनकर परिवार इस परंपरा को जीवित रखे है। अब इन्हें नया बाजार और नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से भुवनेश्वर से इस अभियान की शुरुआत की गई है।
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उन्होंने बताया कि मुबारकपुर की रेशमी साड़ी को प्रदेश सरकार ने ओडीओपी योजना के तहत चयनित किया है। इसके विपणन और प्रचार के लिए मुबारकपुर के मोहल्ला अलीनगर में विपणन केंद्र एवं शो-रूम भी संचालित है। आयोजकों के अनुसार भविष्य में कोलकाता, महाराष्ट्र, बेंगलुरु सहित देश के विभिन्न शहरों में भी “मुबारकपुर सिल्क हेरिटेज प्रदर्शनी” आयोजित की जाएगी, ताकि बुनकरों और ग्राहकों के बीच सीधा जुड़ाव स्थापित हो सके।
मुबारकपुर से बुनकर मोहम्मद शाकिब के नेतृत्व में आधा दर्जन बुनकर भुवनेश्वर प्रदर्शनी में भाग लेने पहुंचे हैं। आयोजकों का कहना है कि इस पहल के माध्यम से मुबारकपुर की ऐतिहासिक बुनकरी विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।