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'मां मुझे टैगोर बना दे’ का किया मंचन
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 11 Feb 2016 11:49 PM IST
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ग्यारहवें आजमगढ़ रंग महोत्सव 'आरंगम् 2015-2016 के तहत गुरुवार को महर्षि पब्लिक स्कूल, सठियांव स्थित सन साइन पब्लिक स्कूल और मुहम्मदपुर स्थित रामदेव मेमोरियल स्नातकोत्तर महाविद्यालय 'मां मुझे टैगोर बना दे का मंचन किया गया।
‘मां मुझे टैगोर बना दे’ रंग आलोक का एक अनूठा प्रयास है। रंगमंच को सीधे और सरल तरह से लोगों तक पहुंचाने का। ये नाटक भारतीय रंग इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है।
अभी तक लकी गुप्ता द्वारा इस नाटक को 24 राज्यों के 380 शहरों में 886 मंचन हो चुके हैं। इस नाटक की सबसे खूबसूरत बात ये है कि इस नाटक में किसी भी प्रकार के ताम-झाम की जरूरत नहीं है।
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इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष सीके त्यागी, रंगकर्मी दिलीप रावत, रवि कुमार, अभिमन्यु, रणविजय पांडेय, जमुना, विवेक सिंह, नवीन कुमार आदि उपस्थित रहे। अंत में आरंगम् की संयोजक ममता पंडित ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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‘मां मुझे टैगोर बना दे’ रंग आलोक का एक अनूठा प्रयास है। रंगमंच को सीधे और सरल तरह से लोगों तक पहुंचाने का। ये नाटक भारतीय रंग इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है।
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अभी तक लकी गुप्ता द्वारा इस नाटक को 24 राज्यों के 380 शहरों में 886 मंचन हो चुके हैं। इस नाटक की सबसे खूबसूरत बात ये है कि इस नाटक में किसी भी प्रकार के ताम-झाम की जरूरत नहीं है।
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इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष सीके त्यागी, रंगकर्मी दिलीप रावत, रवि कुमार, अभिमन्यु, रणविजय पांडेय, जमुना, विवेक सिंह, नवीन कुमार आदि उपस्थित रहे। अंत में आरंगम् की संयोजक ममता पंडित ने सभी का आभार व्यक्त किया।