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पानी की तरह बहे रुपये, पर लोगों की नहीं बुझ पा रही प्यास
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रानी की सराय। सब्जी मंडी बेलइसा में पेयजल संकट से लोगों को राहत दिलाने के लिए पानी की तरह रुपये तो बहा दिए गए, लेकिन मंडी में आए लोगों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। यहां आधा दर्जन हैंडपंप में तीन हैंडपंप खराब हैं। वहीं वाटर कूलर भी खराब हो चुका है। ऐसे में लोगों को शीतल जल के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ रही है।
सब्जी मंडी परिसर बेलइसा आसपास के जिलों की सब्जी मंडियों में से सबसे बड़ी मंडी है। यहां प्रतिदिन लाखों रुपये का कारोबार किसान व अढ़ती करते हैं। यहां से आजमगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के साथ ही आसपास के जिलों में भी सब्जी सप्लाई होती है। बावजूद इसके यहां व्यवस्थाओं का टोटा है। यहां गंदगी तो है ही साथ में पानी की भी समस्या है। यहां दो वाटर कूल लगाए गए हैं जिसमें एक पूरी तरह बंद है। दूसरे का एक टोटी टूटा हुआ है।
वहीं मंडी परिसर में आधा दर्जन सरकारी हैंडपंप लगे हैं लेकिन इसमें दो पूरी तरह से खराब है। जिससे पानी की समस्या सामने आ रही है। जगह-जगह टोटी तो लगी है लेकिन इस गर्मी के कारण पानी भी उबला हुआ है जो पीना मुश्किल है। ऐसे में इस तपती गर्मी में किसानों व यहां आए अन्य लोगों को प्यास बुझाने के लिए बाहर जाना पड़ता है। इस तरफ मंडी परिषद के अधिकारी तनिक भी ध्यान नहीं देते हैं। जिसे लेकर लोगों में काफी रोष है। विवश होकर वह बाहर जाकर बोतलबंद पानी पीने को विवश हो रहे हैं। इससे उन्हें जेब भी ढीली करनी पड़ रही है। बेलइसा के प्रभारी मंडी सचिव सभानंद तिवारी ने बताया कि हैंडपंप कई हैं। कुछ खराब भी हो गए है, जिन्हें बनवाने की कवायद चल रही है। वहीं दो वाटर कूलर में से एक खराब है। उसे बनाने के लिए भी प्रयास किया जा रहा है।
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सब्जी मंडी परिसर बेलइसा आसपास के जिलों की सब्जी मंडियों में से सबसे बड़ी मंडी है। यहां प्रतिदिन लाखों रुपये का कारोबार किसान व अढ़ती करते हैं। यहां से आजमगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के साथ ही आसपास के जिलों में भी सब्जी सप्लाई होती है। बावजूद इसके यहां व्यवस्थाओं का टोटा है। यहां गंदगी तो है ही साथ में पानी की भी समस्या है। यहां दो वाटर कूल लगाए गए हैं जिसमें एक पूरी तरह बंद है। दूसरे का एक टोटी टूटा हुआ है।
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वहीं मंडी परिसर में आधा दर्जन सरकारी हैंडपंप लगे हैं लेकिन इसमें दो पूरी तरह से खराब है। जिससे पानी की समस्या सामने आ रही है। जगह-जगह टोटी तो लगी है लेकिन इस गर्मी के कारण पानी भी उबला हुआ है जो पीना मुश्किल है। ऐसे में इस तपती गर्मी में किसानों व यहां आए अन्य लोगों को प्यास बुझाने के लिए बाहर जाना पड़ता है। इस तरफ मंडी परिषद के अधिकारी तनिक भी ध्यान नहीं देते हैं। जिसे लेकर लोगों में काफी रोष है। विवश होकर वह बाहर जाकर बोतलबंद पानी पीने को विवश हो रहे हैं। इससे उन्हें जेब भी ढीली करनी पड़ रही है। बेलइसा के प्रभारी मंडी सचिव सभानंद तिवारी ने बताया कि हैंडपंप कई हैं। कुछ खराब भी हो गए है, जिन्हें बनवाने की कवायद चल रही है। वहीं दो वाटर कूलर में से एक खराब है। उसे बनाने के लिए भी प्रयास किया जा रहा है।
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