MLC Election Result: आज़मगढ़ के लाल ने वाराणसी में फहराया सपा का परचम, तीसरी बार में मिली विजयश्री
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वाराणसी में शिक्षक एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी के खाते से जीत दर्ज करने वाले लालबिहारी यादव आजमगढ़ के खरिहानी के राधाकृष्ण इंटर कालेज के प्रिंसिपल हैं और वकील साहब के नाम से चर्चित हैं। इस इंटर कालेज के प्रबंधक उनके मामा हैं। उनके भाई हरेंद्र यादव गांव विशुनपुरा के प्रधान हैं। पत्नी विद्यावती भी पहले प्रधान रह चुकी हैं।
लालबिहारी यादव इससे पहले भी शिक्षक एमएलसी का दो बार चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन हार के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इस बार सपा ने वाराणसी से उन्हें प्रत्याशी घोषित किया। चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज कर इतिहास रचा है।
लालबिहारी यादव के पिता का नाम स्व. नीता यादव और माता का नाम स्व. सोनिया है। वे छह भाई और तीन बहनों में आठवें नंबर की संतान हैं। उनके दो इंटर कालेज हैं। उनमे से एक खरिहानी के राधाकृष्ण इंटर कालेज के वो प्रिंसिपल हैं। दूसरा मेंहनगर में बाबा खुशहाली इंटर कालेज है। इनके एक भाई हरेंद्र यादव गांव के प्रधान हैं।
शिक्षा दीक्षा की बात करें, तो प्राथमिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय विष्णुपुर से, इंटर तक की शिक्षा बाबा देवनाथ राय इंटर कालेज खड़गपुर, बीए और बीएड की शिक्षा श्री दुर्गाजी पीजी कालेज चंडेश्वर से हुई है। एमए और एलएलबी उन्होंने शिब्ली कालेज से किया। कालेज की शिक्षा के बाद वे चौधरी चरण सिंह से प्रभावित होकर लोकदल से जुड़े थे।
इसके बाद उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के वित्तविहीन गुट का गठन किया था। 2014 में वे गोरखपुर से और 2017 में बुंदेलखंड से शिक्षक एमएलसी का चुनाव चड़ चुके हैं। दोनों ही बार उन्हें हार का समना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। आखिरकार उन्हें जीत मिली। लालबिहारी यादव के दो पुत्र हैं। एक पुत्र राधेश्याम यादव आयरलैंड में इंजीनियर हैं।
दूसरे पुत्र कृष्णानंद यादव श्री दुर्गाजी पीजी कालेज से बीएड कर रहे हैं। फिलहाल परिवार के सदस्य वाराणसी में ही जमे हुए हैं। क्षेत्र में उनकी जीत की सूचना मिलते ही खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोग परिवार के वापस आने का इंतजार कर रहे हैं। उनके भाई हरेंद्र यादव ने बताया कि अभी परविार के सभी सदस्य वाराणसी में ही है। सभी के खुशी का ठिकाना नहीं हैं। सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने इसे सपा की नीतियों और समाजवाद की जीत बताई है।