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लापता महिलाओं की लाश मिली
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 18 Dec 2016 12:15 AM IST
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नहर से महिलाओं के लाश मिलने पर रोते बिलखते घरवाले।
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थाना क्षेत्र के गौरी गांव के पास शुक्रवार की सुबह नहर में आटोरिक्शा के पलटने के बाद पांच लोगों की जान बचा ली गई थी जबकि दो महिलाओं का पता नहीं चल रहा था। घंटों प्रयास के बाद गोताखोरों ने दोनों महिलाओं की लाश को खोज निकाला। दोनों शव घटनास्थल से 500 मीटर दूर दूसरे पुल के नीचे दबी हुए थे। एक महिला के घर वाले मौजूद थे। इसलिए उसकी लाश पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दी गई। जबकि दूसरे महिला के पति चंडीगढ़ से आ रहे हैं। उसकी लाश थाने पर रखी हुई है।
बता दें कि अहरौला थाना क्षेत्र के कोठवा जलालपुर गांव निवासी सुशीला देवी (35) पत्नी मुन्नीलाल, उसकी बेटी अंतिमा (8), अतरौलिया थाना क्षेत्र के भानेपुर गांव निवासी कौशिल्या देवी (40) पत्नी अयोध्या प्रसाद, अतरौलिया थाना क्षेत्र के कमालपुर गांव निवासी सुरेश प्रसाद (48) उनकी पत्नी रीता देवी (45), बेटा प्रमोद (20), अंबेडकरनगर जिले के बघौजा गांव निवासी पूर्णमासी निषाद (32) के आटोरिक्शा में बैठकर ट्रेन पकड़ने के लिए जौनपुर जिले के शाहगंज रेलवे स्टेशन जा रहे थे। पूर्णमासी को छोड़ अन्य लोगों को चंडीगढ़ जाने के लिए ट्रेन पकडऩी थी।
शुक्रवार की सुबह सात बजे आटोरिक्शा अहरौला थाना क्षेत्र के गौरी गांव के पास पहुंचा तो घना कोहरा होने की वजह से चालक को कुछ दिखाई नहीं दिया और आटो पुल से नहर में पलट गया। ग्रामीणों ने प्रमोद और पूर्णमासी को पानी से बाहर निकाल लिया। जबकि सुशीला और कौशिल्या का कोई पता नहीं चला। घटना के दूसरे दिन गोताखोरों के जरिए इन दोनों के शवों को बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलने पर सुशीला देवी का पति मौके पर पहुंच गया था। इसलिए उसकी लाश पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दी गई। जबकि कौशिल्या के पति अयोध्या प्रसाद चंडीगढ़ से चल दिया है। उसके न पहुंचने की वजह से कौशिल्या की लाश थाने पर रखी गई है।
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बता दें कि अहरौला थाना क्षेत्र के कोठवा जलालपुर गांव निवासी सुशीला देवी (35) पत्नी मुन्नीलाल, उसकी बेटी अंतिमा (8), अतरौलिया थाना क्षेत्र के भानेपुर गांव निवासी कौशिल्या देवी (40) पत्नी अयोध्या प्रसाद, अतरौलिया थाना क्षेत्र के कमालपुर गांव निवासी सुरेश प्रसाद (48) उनकी पत्नी रीता देवी (45), बेटा प्रमोद (20), अंबेडकरनगर जिले के बघौजा गांव निवासी पूर्णमासी निषाद (32) के आटोरिक्शा में बैठकर ट्रेन पकड़ने के लिए जौनपुर जिले के शाहगंज रेलवे स्टेशन जा रहे थे। पूर्णमासी को छोड़ अन्य लोगों को चंडीगढ़ जाने के लिए ट्रेन पकडऩी थी।
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शुक्रवार की सुबह सात बजे आटोरिक्शा अहरौला थाना क्षेत्र के गौरी गांव के पास पहुंचा तो घना कोहरा होने की वजह से चालक को कुछ दिखाई नहीं दिया और आटो पुल से नहर में पलट गया। ग्रामीणों ने प्रमोद और पूर्णमासी को पानी से बाहर निकाल लिया। जबकि सुशीला और कौशिल्या का कोई पता नहीं चला। घटना के दूसरे दिन गोताखोरों के जरिए इन दोनों के शवों को बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलने पर सुशीला देवी का पति मौके पर पहुंच गया था। इसलिए उसकी लाश पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दी गई। जबकि कौशिल्या के पति अयोध्या प्रसाद चंडीगढ़ से चल दिया है। उसके न पहुंचने की वजह से कौशिल्या की लाश थाने पर रखी गई है।
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