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एक गाटे में कई खातेदार...कैसे होगा जमीन पर कब्जा

Sat, 14 Sep 2019 10:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 14 Sep 2019 10:51 PM IST
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Many accountants in a gatte ... how will land be captured
आजमगढ़। आवास-विकास की ओर से एक्वायर करतालपुर की 48 एकड़ जमीन में 75 किसानों की जमीन पर कब्जा लेने का फैसला तो लिया गया जिन्होंने मुआवजा ले लिया है, लेकिन अब इसमें नई समस्या सामने आ गई है। एक गाटे में कई खातेदार हैं। इसमें एक खातेदार ने मुआलजा ले लिया है तो अन्य ने नहीं लिया है। ऐसे में मुआजा लेने वाले किसान की जमीन पर विभाग कैसे कब्जा करेगा ये बड़ा सवाल बना हुआ है। शुक्रवार शाम को एसडीएम सदर की ओर से बुलाई गई किसानों और आवास-विकास की बैठक में कोई फैसला नहीं लिया जा सका। फिलहाल आवास-विकास से 75 किसानों की खाता और गाटावार डिटेल एक सप्ताह में मांगी गई है। किसानों को भी अपना पक्ष रखने का कहा गया है।
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शहर के करतालपुर में अवास विकास प रिषद को आवास बनाने के लिए वर्ष 1983 में 48 एकड़ भूमि एक्वायर की गई थी। इसके बाद विभाग और शासन की ओर से सर्किल रेट तय करने और मुआवजा देने में कोई रुचि नहीं ली गई। नतीजा ये रहे किसानों ने हाईकोर्ट की शरण ले ली। वर्ष 1997 में हाईकोर्ट ने किसानों के पक्ष में एक आदेश किया। इसमें 1997 के सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा देने के आदेश दिए। इसके बाद भी शासन की ओर से मुआवजा जारी नहीं किया गया। वर्ष 2015-16 में तत्कालीन जिलाधिकारी सुहाष एलवाई के समय में मुआवजा जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई। वर्ष 1997 के सर्किल रेट के दर से मुआवजा देना शाुरू किया गया। लगभग 75 छोटे किसानों को लगभग 1.500 हेक्टेयर भूमि का मुआवजे दिया गया। शेष लगभग पौने चार सौ किसान जो बड़े काश्तकार थे, उन्होंने भूमि देने से इंकार कर दिया। वो वर्तमान सर्किल रेट से मुआवजे की मांग को लेकर फिर हाईकोर्ट चले गए। इसके बाद न कोर्ट का फैसला आया और न ही शासन की ओर से जमीन पर कब्जा किया गया। अमर उजाला ने छह सितंबर के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ उठाया था। डीएम एनपी सिंह ने 75 ऐसे किसान जिनको मुआवजा दिया जा चुका था उनकी डेढ़ हेक्टेयर भूमि का कब्जा लेने के निर्देश दिए थे। इसके लिए एसडीएम सदर और एक्सईएन आवास विकास को अधिकृत किया था।
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शुक्रवार शाम के एसडीएम सदर प्रशांत नायक ने सदर तहसील में करतालपुर के किसानों और आवास-विकास की बैठक बुलाई थी। किसान अपने वकील के माध्यम से पहुंचे। पहले तो किसानों ने कहा कि मामला हाईकोर्ट में पेंडिंग है। वहीं कुछ किसानों का कहना था कि एक गाटे में कई खातेदार है। किसी ने मुआवजा लिया है तो किसी ने नहीं ऐसी स्थिति में प्रशासन किस प्रकार से कब्जा करेगा। एसडीएम ने आवास-विकास से एक्वायर की गई भूमि और मुआजा लेने वाले किसानों की की गाटावार डिटेल मांगी। कहा कि या तो जमीन पर कब्जा किया जाएगा या किसानों से मुआवजे की धनराशि की रिकवरी की जाएगी। इसके लिए आवास-विकास के अधिकारियों ने एक सप्ताह का समय मांगा। वहीं किसानों से भी उनका पक्ष मांगा गया। इसके बाद कोई फैसला किया जाएगा।
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आवास-विकास की ओर से करतालपुर में एक्वायर भूमि में जिन 75 किसान मुआवजा ले चुके हैं, उनकी गाटावार डिटेल आवास विकास से मांगी गई है। किसानों से भी अपना पक्ष रखने को कहा गया है। दोनों पक्षों के देखने के बाद निर्णय लिया जाएगा कि जमीन पर कब्जा किया जाएया धन की रिकवरी की जाए।
प्रशांत नायक, उपजिलाधिकारी सदर
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