आजमगढ़। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में छह फरवरी को प्रस्तावित किसानों के चक्का जाम से निपटने के लिए जिला प्रशासन की ओर से रणनीति बनानी शुरू कर दी गई है। कानून व्यवस्था बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जनपद को तीन सुपर जोन, आठ जोन और 25 सेक्टरों में बांट कर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
क़ृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों की ओर से लगातार धरना दिया जा रहा है। इसे लेकर छह फरवरी को किसान संगठनों की ओर से चक्का जाम की सूचनाएं मिली है। हालांकि जनपद में किसान संगठनों को लेकर वैसा प्रभाव नहीं है, लेकिन किसान आंदोलन को विपक्षी दलों के मिल रहे समर्थन को देखते हुए प्रस्तावित चक्का जाम से निपटने की तैयारी शुरू कर दी गई है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने जनपद को तीन सुपर जोन, आठ जोन और 25 सेक्टरों में बांटकर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की है। सुपर जोन की कमान तीनों एडीएम को सौंपी गई है। एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह सदर, मेंहनगर और लालगंज, एडीएम फाइनेंस गुरु प्रसाद बूढ़नपुर और सगड़ी, सीआरओ हरिशंकर मार्टीनगंज, निजामाबाद, फूलपुर पर नजर रखेंगे। तहसीलवार बने जोन में संबंधित एसडीएम को समान सौंपी गई है। थाना वार बनाए गए सेक्टर में भी अधिकारियों की तैनाती की गई है। सभी को चक्का जाम पर प्रभावी नियंत्रण, कानून व्यवस्ता और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है।