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लाक डाउन ने मिष्ठान विक्रेताओं को भी पहुंचाया नुकसान
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आजमगढ़। कोरोना महामारी के कारण लागू हुए लॉक डाउन ने हर किसी को नुकसान पहुंचाया है। कपड़े आदि के व्यापारी जहां दुकान बंद कर अपने कर्मचारियों को सेलरी दे रहे हैं वहीं उन्हें दुकानों का भाड़ा भी देना पड़ रहा है। वहीं इस लॉक डाउन से मिष्ठान विक्रेता भी अछूते नहीं रह सके हैं।
मिठाई विक्रेताओं और निर्माताओं को लाक डाउन ने बहुत नुकसान पहुंचाया है। अप्रैल माह में उनके पास कई लगन के लिए आर्डर बुक था जो लॉक डाउन के कारण अब निरस्त हो चुका है। दुकान पर उनके द्वारा जो मिठाइयां बनाकर रखी गई थी। वह भी खराब हो गई। जिसके कारण उन्हें लाखों रुपये की खराब हो चुकी मिठाइयों को कूड़े में फेकना पड़ा। दुकानदारों का कहना है कि मिठाई को तैयार करने के लिए उनके द्वारा जिन कारीगरों को रखा गया है। काम न होने के बाद भी उन्हें पैसा देना पड़ रहा है। जो दुकान है उसे उन्होंने भाड़े पर ले रखा है उसका भाड़ा भी देना पड़ रहा है। बिजली का प्रयोग न होने के बाद भी उन्हें बिजली का बिल भी देना होगा।
लाक डाउन के बाद लगभग 70 हजार रुपये की मिठाइयां नुकसान हुई है। इसके अलावा खोवा, पनीर, दही और रेडिमेड मीठा नुकसान हुआ है। 23 मार्च को लगभग 36 हजार रुपये की मिठाई का आर्डर था। मिठाई बनकर तैयार हो चुकी थी। लेकिन लॉक डाउन की वजह से ग्राहक नहीं आया जिससे यह मिठाइयां भी खराब हो गई।
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गुंजन गुप्ता, राधा स्वीट हाउस के प्रोपराइटर।
इस लाकडाउन के कारण हमारी लगभग डेढ़ लाख रुपये की मिठाइयां खराब हुई। कारीगरों और श्रमिकों को बिठाकर उनको भोजन आदि देना पड़ रहा है। अप्रैल में कई शादी विवाह में मिठाइयों की बुकिंग मिली थी। लेकिन लाकडाउन के कारण लगन को लोगों ने आगे बढ़ा दिया जिसके कारण यह बुकिंग भी निरस्त हो चुकी है।
अशोक शर्मा, महावीर मिष्ठान भंडार।
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मिठाई विक्रेताओं और निर्माताओं को लाक डाउन ने बहुत नुकसान पहुंचाया है। अप्रैल माह में उनके पास कई लगन के लिए आर्डर बुक था जो लॉक डाउन के कारण अब निरस्त हो चुका है। दुकान पर उनके द्वारा जो मिठाइयां बनाकर रखी गई थी। वह भी खराब हो गई। जिसके कारण उन्हें लाखों रुपये की खराब हो चुकी मिठाइयों को कूड़े में फेकना पड़ा। दुकानदारों का कहना है कि मिठाई को तैयार करने के लिए उनके द्वारा जिन कारीगरों को रखा गया है। काम न होने के बाद भी उन्हें पैसा देना पड़ रहा है। जो दुकान है उसे उन्होंने भाड़े पर ले रखा है उसका भाड़ा भी देना पड़ रहा है। बिजली का प्रयोग न होने के बाद भी उन्हें बिजली का बिल भी देना होगा।
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लाक डाउन के बाद लगभग 70 हजार रुपये की मिठाइयां नुकसान हुई है। इसके अलावा खोवा, पनीर, दही और रेडिमेड मीठा नुकसान हुआ है। 23 मार्च को लगभग 36 हजार रुपये की मिठाई का आर्डर था। मिठाई बनकर तैयार हो चुकी थी। लेकिन लॉक डाउन की वजह से ग्राहक नहीं आया जिससे यह मिठाइयां भी खराब हो गई।
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गुंजन गुप्ता, राधा स्वीट हाउस के प्रोपराइटर।
इस लाकडाउन के कारण हमारी लगभग डेढ़ लाख रुपये की मिठाइयां खराब हुई। कारीगरों और श्रमिकों को बिठाकर उनको भोजन आदि देना पड़ रहा है। अप्रैल में कई शादी विवाह में मिठाइयों की बुकिंग मिली थी। लेकिन लाकडाउन के कारण लगन को लोगों ने आगे बढ़ा दिया जिसके कारण यह बुकिंग भी निरस्त हो चुकी है।
अशोक शर्मा, महावीर मिष्ठान भंडार।