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एक ही तस्वीर में सारी राम कहानी: 130 फीट लंबे कैनवास पर उकेरी रामायण, राम जन्म से लेकर जल समाधि तक का है पूरा वृतांत
Sun, 08 Aug 2021 04:20 PM IST
उत्पल कांत
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
Published by: उत्पल कांत
Updated Sun, 08 Aug 2021 04:20 PM IST
सार
फाइन आर्ट सेंटर के 50 से अधिक कलाकारों के साथ मिलकर 130 फीट लंबे कैनवास पर पूरी रामायण को उकेर दिया है और वह भी लोक शैली के चित्रों से। इस कैनवास पर 54 छोटे-छोटे चित्र प्रसंगों के जरिए राम जन्म से लेकर उनके जल समाधि लेने तक का पूरा वृतांत वर्णित है।
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130 फीट लंबे कैनवास पर उकेरी रामायण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का चरित्र प्रेरक है। समय-समय पर लोगों ने रामकथा का वर्णन अलग-अलग ढंग से किया है। ऐसा ही एक प्रयास आजमगढ़ में फाइन आर्ट सेंटर की निदेशिका डा. लीना मिश्रा ने किया है। उन्होंने सेंटर के कलाकारों के साथ मिलकर 130 फीट लंबे कैनवास पर रामकथा को सहेजने की कोशिश की है। इस चित्र को वर्ल्ड रिकार्ड ऑफ इंडिया में दर्ज करने के लिए भेजा गया है।
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आस्था के केंद्र और आदर्श भगवान राम का चरित्र हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है। इसी का परिणाम है कि हर कोई उन्हें अपनी लेखनी के माध्यम से उनके जीवन मूल्यों को समेटने की कोशिश करता है। कभी कोई संस्कृत में रामायण की रचना करता है तो कभी कोई उर्दू में।
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इन्हीं प्रयासों के क्रम में फाइन आर्ट सेंटर की निदेशिका डा. लीना मिश्रा ने उन्हें चित्रों के माध्यम से समेटने की कोशिश की है। उन्होंने फाइन आर्ट सेंटर के 50 से अधिक कलाकारों के साथ मिलकर 130 फीट लंबे कैनवास पर पूरी रामायण को उकेर दिया है और वह भी लोक शैली के चित्रों से। इस कैनवास पर 54 छोटे-छोटे चित्र प्रसंगों के जरिए राम जन्म से लेकर उनके जल समाधि लेने तक का पूरा वृतांत वर्णित है।
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डा. लीना मिश्रा का वर्ल्ड रिकार्ड ऑफ इंडिया में नाम दर्ज कराने का यह पहला प्रयास नहीं है। इसके पहले भी 30 जुलाई 2020 को उनकी टीम ने नगर के चिल्ड्रेन कॉलेज में 1200 स्क्वायर फीट की रंगोली ‘लार्जेस्ट रंगोली टू सैल्यूट कोरोना वारियर्स’ विषय पर बनाई गई थी। 11 लोगों की टीम ने इसे नौ घंटा 15 मिनट में बनाया था। यह रंगोली वर्ल्ड रिकार्ड ऑफ इंडिया के पन्नों में दर्ज है।
फाइन आर्ट सेंटर की निदेशिका डा. लीना मिश्रा ने कहा कि वर्ल्ड रिकार्ड ऑफ इंडिया की ओर से 100 फीट का कैनवास तैयार करने का लक्ष्य दिया था मगर हमने रामायण को 130 फीट लंबे कैनवास पर उकेरा है। सबसे बड़ी बात यह है कि हमने इसमें लोक शैली का इस्तेमाल किया है। दो साल से कोरोना के कारण हम इसका प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे।