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महाविद्यालय पर जड़ा ताला, लगाया जाम
आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Thu, 05 Oct 2017 11:48 PM IST
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अहरौला-कप्तानगंज मार्ग पर जाम करती छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
अहरौला। समदी स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर गुरुवार को छात्राओं ने गेट पर ताला बंद कर दिया। सुबह आठ बजे अहरौला-कप्तानगंज मार्ग पर जाम लगाकर नारेबाजी की।
मौके पर पहुंचे एसडीएम ने क्षेत्रीय शिक्षा निदेशक वाराणसी से छात्राओं की फोन से बात कराई। क्षेत्रीय निदेशक ने छात्राओं 15 दिन का समय मांगा। इस पर छात्राओं ने जाम समाप्त किया। साथ ही चेतावनी दी कि इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई तो भूख हड़ताल करने को बाध्य होंगी।
अहरौला के समदी स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में गुरुवार की सुबह आठ बजे के करीब छात्राओं ने महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर गेट का ताला जड़ दिया, साथ ही अहरौला कप्तानगंज मार्ग को जाम कर दिया।
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तीन घंटे तक चले जाम के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। उधर सूचना पाकर एसओ अहरौला, बूढ़नपुर के प्रभारी सीओ संतोष सिंह, उपजिलाधिकारी बूढनपुर इंद्रभान तिवारी, नायब तहसीलदार विराग पांडेय आदि मौके पर पहुंचे।
इस दौरान अधिकारियों ने छात्राओं से जाम समाप्त करने को कहा। इस पर छात्राओं और एसड़ीएम में बहस शुरू हो गई। छात्राओं ने शासन-प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की। उधर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. अजय यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंत्री से बात करने की कोशिश की। लेकिन बात नहीं हो सकी।
इसके बाद उच्च शिक्षा निदेशक को भी फोन लगाया। लेकिन बात नहीं हुई। बाद में एसडीएम बूढ़नपुर ने क्षेत्रीय शिक्षा निदेशक वाराणसी से बात की और छात्राओं की बात कराई। छात्राओं ने लिखित आश्वासन की मांग की। जिस पर निदेशक ने बाहर होने का हवाला दिया।
छात्राओं ने मेल या वाट्सअप पर लिखित आश्वासन की मांग की। जिस पर मामला और उलझ गया। लगभग 45 मिनट मोबाइल पर क्षेत्रीय निदेशक से छात्राओं से बात हुई। इस दौरान अधिकारियों ने छात्राओं से समस्याओं के निस्तारण के लिए 15 दिन मांगे।
एसडीएम बूढ़नपुर व प्राचार्य ने इस बात का लिखित आश्वासन दिया। एसड़ीएम ने छात्राओं से मांग पत्र लेकर राज्यपाल को भेजने का भी आश्वासन दिया। वहीं छात्राओं ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन में मांग पूरी नहीं हुई तो सड़क पर ही भूख हड़ताल पर बैठेंगी। इस अवसर पर अंतिमा चतुर्वेदी, पूजा तिवारी, संध्या यादव, वंदना, प्रिया, श्वेता, ममता, सोनम भारती आदि मौजूद रहीं।
महाविद्यालय में ये हैं समस्याएं
अहरौला। समदी स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में लगभग 300 छात्राओं का नामाकंन कला, विज्ञान, कामर्स में हुआ है। छात्राओं का कहना है कि विज्ञान और बीकाम में भी मात्र एक शिक्षक हैं। पुस्तकालय में पुस्तकें नहीं है। एक ही आरोप्लांट है।
महाविद्यालय में पेयजल के लिए एक भी इंड़िया मार्क टू हैंडपंप नहीं लगा है। साथ ही साइकिल स्टैंड भी नहीं है। परिसर में सीसी रोड़ का भी निर्माण नहीं हुआ है। गेट पर कोई गार्ड भी नही रहता। लैब में न संसाधन है न टेक्नीशियन।
छात्राओं का कहना है कि विगत सत्र में विज्ञान वर्ग में 16 छात्राओं में मात्र छह ही पास हुई। अगर शिक्षक होते तो यह दशा नहीं होती। प्राचार्य डा. अजय मिश्रा का कहना है कि हमने प्रभारी प्राचार्य रहते शासन को कई बार पत्र लिखा। अभी प्राचार्य होने के बाद भी हाल में भी हमने शिक्षकों की मांग की है। लेकिन पत्र का जबाब ही नही दिया गया।
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मौके पर पहुंचे एसडीएम ने क्षेत्रीय शिक्षा निदेशक वाराणसी से छात्राओं की फोन से बात कराई। क्षेत्रीय निदेशक ने छात्राओं 15 दिन का समय मांगा। इस पर छात्राओं ने जाम समाप्त किया। साथ ही चेतावनी दी कि इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई तो भूख हड़ताल करने को बाध्य होंगी।
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अहरौला के समदी स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में गुरुवार की सुबह आठ बजे के करीब छात्राओं ने महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर गेट का ताला जड़ दिया, साथ ही अहरौला कप्तानगंज मार्ग को जाम कर दिया।
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तीन घंटे तक चले जाम के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। उधर सूचना पाकर एसओ अहरौला, बूढ़नपुर के प्रभारी सीओ संतोष सिंह, उपजिलाधिकारी बूढनपुर इंद्रभान तिवारी, नायब तहसीलदार विराग पांडेय आदि मौके पर पहुंचे।
इस दौरान अधिकारियों ने छात्राओं से जाम समाप्त करने को कहा। इस पर छात्राओं और एसड़ीएम में बहस शुरू हो गई। छात्राओं ने शासन-प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की। उधर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. अजय यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंत्री से बात करने की कोशिश की। लेकिन बात नहीं हो सकी।
इसके बाद उच्च शिक्षा निदेशक को भी फोन लगाया। लेकिन बात नहीं हुई। बाद में एसडीएम बूढ़नपुर ने क्षेत्रीय शिक्षा निदेशक वाराणसी से बात की और छात्राओं की बात कराई। छात्राओं ने लिखित आश्वासन की मांग की। जिस पर निदेशक ने बाहर होने का हवाला दिया।
छात्राओं ने मेल या वाट्सअप पर लिखित आश्वासन की मांग की। जिस पर मामला और उलझ गया। लगभग 45 मिनट मोबाइल पर क्षेत्रीय निदेशक से छात्राओं से बात हुई। इस दौरान अधिकारियों ने छात्राओं से समस्याओं के निस्तारण के लिए 15 दिन मांगे।
एसडीएम बूढ़नपुर व प्राचार्य ने इस बात का लिखित आश्वासन दिया। एसड़ीएम ने छात्राओं से मांग पत्र लेकर राज्यपाल को भेजने का भी आश्वासन दिया। वहीं छात्राओं ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन में मांग पूरी नहीं हुई तो सड़क पर ही भूख हड़ताल पर बैठेंगी। इस अवसर पर अंतिमा चतुर्वेदी, पूजा तिवारी, संध्या यादव, वंदना, प्रिया, श्वेता, ममता, सोनम भारती आदि मौजूद रहीं।
महाविद्यालय में ये हैं समस्याएं
अहरौला। समदी स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में लगभग 300 छात्राओं का नामाकंन कला, विज्ञान, कामर्स में हुआ है। छात्राओं का कहना है कि विज्ञान और बीकाम में भी मात्र एक शिक्षक हैं। पुस्तकालय में पुस्तकें नहीं है। एक ही आरोप्लांट है।
महाविद्यालय में पेयजल के लिए एक भी इंड़िया मार्क टू हैंडपंप नहीं लगा है। साथ ही साइकिल स्टैंड भी नहीं है। परिसर में सीसी रोड़ का भी निर्माण नहीं हुआ है। गेट पर कोई गार्ड भी नही रहता। लैब में न संसाधन है न टेक्नीशियन।
छात्राओं का कहना है कि विगत सत्र में विज्ञान वर्ग में 16 छात्राओं में मात्र छह ही पास हुई। अगर शिक्षक होते तो यह दशा नहीं होती। प्राचार्य डा. अजय मिश्रा का कहना है कि हमने प्रभारी प्राचार्य रहते शासन को कई बार पत्र लिखा। अभी प्राचार्य होने के बाद भी हाल में भी हमने शिक्षकों की मांग की है। लेकिन पत्र का जबाब ही नही दिया गया।