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अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामलाः आजमगढ़ के दोषियों के घरों पर लटकता मिला ताला, गांव वाले बोले- फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में करेंगे अपील
Fri, 18 Feb 2022 08:08 PM IST
उत्पल कांत
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
Published by: उत्पल कांत
Updated Fri, 18 Feb 2022 08:08 PM IST
सार
अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में आजमगढ़ के दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। इस मामले में कुछ के परिवार के सदस्यों से बात करने की कोशिश की गई तो वे कुछ बोलने को तैयार नहीं हुए।
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बीनापारा में मुफ्ती अबुल बशर के घर में बंद ताला, बाजबहादुर मुहल्ले में जिशान के और बदरका में सैफुर रहमान के घर के बाहर सन्नाटा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में शुक्रवार को कोर्ट के फैसले के बाद जनपद के दोषी पाए गए लोगों के घरों और गांवों में सन्नाटा पसरा रहा। लोगों का कहना था कि इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। ज्यादातर दोषियों के घरों पर ताला बंद मिला। कुछ के परिवार के सदस्यों से बात करने की कोशिश की गई तो वे कुछ बोलने को तैयार नहीं हुए।
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बीनापारा में अबुल बशर और मो. सैफ के घर में बंद मिला ताला
सरायमीर। संजरपुर गांव में मो. सैफ के घर किसी का पता नहीं था। घर के दरवाजे पर ताला बंद था। वहीं, बीनापारा में अबुल बशर के घर के दरवाजे पर भी ताला लटकता मिला। जबकि आरिफ मिर्जा नसीम का भाई अमिरू संजरपुर बाजार में मोबाइल फोन की दुकान पर ग्राहकों को निपटाने में व्यस्त दिखा। फैसले के संबंध में पूछे जाने पर उसने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
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तारिक शफीक ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ हम हाईकोर्ट में जाएंगे और अपील करेंगे। हाईकोर्ट में हमारे जिले के सारे लड़के बाइज्जत बरी होंगे।
मसीउद्दीन को कहना है कि फैसला आया है, जो बहुत खास है। हमारा मानना है कि अदालत ने कुछ मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया है। हम हाईकोर्ट जाएंगे। उम्मीद है कि हमें वहां से न्याय मिलेगा।
मसीउद्दीन को कहना है कि फैसला आया है, जो बहुत खास है। हमारा मानना है कि अदालत ने कुछ मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया है। हम हाईकोर्ट जाएंगे। उम्मीद है कि हमें वहां से न्याय मिलेगा।