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Azamgarh News: 17 हजार उपभोक्ताओं के मीटर में स्वतः बढ़ा लोड, बिल पहुंचा तो लगा झटका

Sat, 25 Jul 2026 01:31 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 01:31 AM IST
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Load automatically increased on the meters of 17,000 consumers; they were shocked upon receiving the bill.
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिजली निगम की नई व्यवस्था का असर अब बिजली बिल में दिखाई देने लगा है। रॉबर्ट्सगंज डिवीजन में 17 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन का स्वीकृत लोड स्वतः बढ़ गया है। इससे बिजली बिल के साथ फिक्स चार्ज, प्रोसेसिंग शुल्क और अतिरिक्त सिक्योरिटी राशि का भी बोझ बढ़ गया है। अधिकांश उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी तब हुई, जब उनके पास बढ़े हुए बिल पहुंचे।
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सोनभद्र जिले में बिजली निगम के रॉबर्ट्सगंज और पिपरी दो वितरण खंड हैं, जहां तीन लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। निगम की नई व्यवस्था के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता लगातार तीन माह तक स्वीकृत लोड से अधिक बिजली की खपत करता है तो सॉफ्टवेयर स्वतः उसके कनेक्शन का लोड बढ़ा देता है। यह व्यवस्था इसी माह से लागू की गई है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि लोड बढ़ाने से पहले उन्हें न तो कोई सूचना दी गई और न ही सहमति का अवसर मिला। कई उपभोक्ता मीटर की रीडिंग और खपत पर भी सवाल उठा रहे हैं, जबकि निगम इसे नई व्यवस्था के तहत स्वतः हुई कार्रवाई बता रहा है।
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लोड बढ़ने का सबसे अधिक असर घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ा है। एक किलोवाट से दो किलोवाट लोड होने पर फिक्स चार्ज में करीब 110 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि हो रही है। इसके अलावा प्रति यूनिट दर में बदलाव के कारण कुल बिजली बिल भी बढ़ रहा है। बढ़े हुए लोड के साथ प्रोसेसिंग शुल्क और अतिरिक्त सिक्योरिटी राशि भी जमा करनी पड़ रही है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कई उपभोक्ता दो किलोवाट श्रेणी में पहुंचने के बाद सब्सिडी के दायरे से भी बाहर हो गए हैं।
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पिपरी उपखंड के एसडीओ धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि नया सॉफ्टवेयर पिछले तीन माह की बिजली खपत के आधार पर स्वतः लोड बढ़ाता है। एक बार लोड बढ़ने के बाद वह स्थायी रूप से दर्ज हो जाता है। यदि कोई उपभोक्ता लोड कम कराना चाहता है तो उसे बिजली निगम के कार्यालय में आवेदन करना होगा। नियमानुसार लोड बढ़ने पर प्रोसेसिंग शुल्क और सिक्योरिटी राशि भी बढ़ जाती है।

वर्जन
यदि किसी उपभोक्ता की बिजली खपत लगातार तय लोड से अधिक रहती है तो सिस्टम स्वतः उसके कनेक्शन का लोड बढ़ा देता है। रॉबर्ट्सगंज डिवीजन में अब तक 17,615 उपभोक्ताओं का लोड बढ़ चुका है।

— इं. ओपी गुप्ता, अधिशासी अभियंता, रॉबर्ट्सगंज डिवीजन।

पिपरी डिवीजन में भी हजारों उपभोक्ताओं का लोड बढ़ा है। यह व्यवस्था इसी माह से लागू हुई है। लोड कम कराने के लिए उपभोक्ता को निगम कार्यालय में आवेदन करना होगा। — धीरेंद्र प्रताप, एसडीओ, पिपरी उपखंड।
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