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लाल बिहारी ‘मृतक’ प्रकरण में सूची-सिजरा तलब
आजमगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 28 Mar 2018 11:56 PM IST
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high court
आजमगढ़। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में लाल बिहारी ‘मृतक’ द्वारा 25 करोड़ हर्जाना प्रकरण में बुधवार को डीएम की ओर से शपथ पत्र दाखिल कर दिया गया। हाईकोर्ट ने प्रशासन से सूची सिजरा तलब कर इसके तहत अब तक हुई कार्रवाई, फाइल कहां रहती थी, कहां जमा होती थी, कस्टोडियन कौन था, उक्त समय में कौन-कौन अधिकारी तैनात थे आदि जानकारियां तीन सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
लाल बिहारी ‘मृतक’ की ओर से हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में दाखिल मुआवजे के मुकदमे में बुधवार को डीएम का हलफनामा पेश किया गया। बुधवार को महाधिवक्ता हाईकोर्ट में उपस्थित नहीं हुए पर प्रशासन की ओर से एसडीएम सदर प्रशांत कुमार, नायब तहसीलदार के साथ अन्य वकील मौजूद थे।
कोर्ट ने प्रशासन को तीन सप्ताह के भीतर अब तक मामले में हुई कार्रवाई, लाल बिहारी के मुकदमे संबंधी फाइल कहां रहती थी, कहां जमा होती थी, कस्टोडियन कौन था, उक्त समय में कौन-कौन अधिकारी तैनात थे आदि उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद मामले से जुड़े तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के आसार नजर आने लगे हैं।
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लाल बिहारी ने फोन पर बताया कि आज की कार्रवाई से काफी संतुष्टि मिली है। हालांकि अभी हाईकोर्ट का आदेश ऑनलाइन नहीं हुआ है। आदेश देखने के बाद ही कुछ कहूंगा। एसडीएम सदर प्रशांत कुमार ने बताया कि हलफनामा दायर किया जा चुका है। हाईकोर्ट की ओर से शासन और प्रशासन को और तीन हफ्ते का समय दिया गया है। कोई जरूरी अभिलेख तो तलब करने की बात नहीं है।
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लाल बिहारी ‘मृतक’ की ओर से हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में दाखिल मुआवजे के मुकदमे में बुधवार को डीएम का हलफनामा पेश किया गया। बुधवार को महाधिवक्ता हाईकोर्ट में उपस्थित नहीं हुए पर प्रशासन की ओर से एसडीएम सदर प्रशांत कुमार, नायब तहसीलदार के साथ अन्य वकील मौजूद थे।
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कोर्ट ने प्रशासन को तीन सप्ताह के भीतर अब तक मामले में हुई कार्रवाई, लाल बिहारी के मुकदमे संबंधी फाइल कहां रहती थी, कहां जमा होती थी, कस्टोडियन कौन था, उक्त समय में कौन-कौन अधिकारी तैनात थे आदि उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद मामले से जुड़े तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के आसार नजर आने लगे हैं।
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लाल बिहारी ने फोन पर बताया कि आज की कार्रवाई से काफी संतुष्टि मिली है। हालांकि अभी हाईकोर्ट का आदेश ऑनलाइन नहीं हुआ है। आदेश देखने के बाद ही कुछ कहूंगा। एसडीएम सदर प्रशांत कुमार ने बताया कि हलफनामा दायर किया जा चुका है। हाईकोर्ट की ओर से शासन और प्रशासन को और तीन हफ्ते का समय दिया गया है। कोई जरूरी अभिलेख तो तलब करने की बात नहीं है।