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दहेज हत्या में पति समेत चार को उम्रकैद
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Mon, 30 Jan 2017 11:58 PM IST
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कोर्ट
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दहेज हत्या मामले में दोषी पाए गए पति, सास समेत चार लोगों को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को तीन-तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला सरायमीर थाना के कौरागहनी गांव में 25 अप्रैल 2013 को दहेज को लेकर विवाहिता की हुई मौत का है।
जिला जौनपुर, थाना खुटहन के ग्राम जमालृुद्दीनपुर गांव निवासी राधेश्याम पुत्र राम उजागिर यादव की लड़की पुष्पा की शादी 18 नवबंर 2010 को कौरागहनी गांव में सुभाष के बेटे अशोक के साथ हुई थी। शादी के बाद विदाई हुई और 25 अप्रैल 2013 को उसकी मौत हो गई। इस मामले में मृतका के पिता राधेश्याम यादव ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोप लगाया कि विवाहिता के ससुराल के लोग दहेज की मांग को लेकर उसे तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे।
यह सिलसिला चलता रहा। इसी मामले को लेकर विवाहिता की गला दबाकर हत्या कर दी गई। इस मामले में सरायमीर थाना पुलिस ने पति अशोक, सास पराना देवी और दो अन्य मंता उर्फ सुभावती एवं खुटहन थाना के नेवादा गांव निवासी उदयराज के विरुद्ध मुकदमा दर्जकर आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
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शासकीय अधिवक्ता दिनेश कुमार श्रीवास्तव ने विवाहिता के पिता राधेश्याम यादव, राम उजागिर यादव समेत कुल सात गवाहों को पेश किया और तर्कों को रखा। न्यायाधीश बीके त्यागी ने चारों आरोपियोंअशोक, पराना देवी, मंता उर्फ सुभावती और उदयराज को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।
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जिला जौनपुर, थाना खुटहन के ग्राम जमालृुद्दीनपुर गांव निवासी राधेश्याम पुत्र राम उजागिर यादव की लड़की पुष्पा की शादी 18 नवबंर 2010 को कौरागहनी गांव में सुभाष के बेटे अशोक के साथ हुई थी। शादी के बाद विदाई हुई और 25 अप्रैल 2013 को उसकी मौत हो गई। इस मामले में मृतका के पिता राधेश्याम यादव ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोप लगाया कि विवाहिता के ससुराल के लोग दहेज की मांग को लेकर उसे तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे।
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यह सिलसिला चलता रहा। इसी मामले को लेकर विवाहिता की गला दबाकर हत्या कर दी गई। इस मामले में सरायमीर थाना पुलिस ने पति अशोक, सास पराना देवी और दो अन्य मंता उर्फ सुभावती एवं खुटहन थाना के नेवादा गांव निवासी उदयराज के विरुद्ध मुकदमा दर्जकर आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
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शासकीय अधिवक्ता दिनेश कुमार श्रीवास्तव ने विवाहिता के पिता राधेश्याम यादव, राम उजागिर यादव समेत कुल सात गवाहों को पेश किया और तर्कों को रखा। न्यायाधीश बीके त्यागी ने चारों आरोपियोंअशोक, पराना देवी, मंता उर्फ सुभावती और उदयराज को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।