{"_id":"64ffe5457483c7f9c8fa1bedbf51ad6a","slug":"life-is-like-a-cold-hidden-in-fog-city-and-village-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठंड से ठहरी जिदंगी, कोहरे में छिपे शहर और गांव ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठंड से ठहरी जिदंगी, कोहरे में छिपे शहर और गांव
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 28 Dec 2014 11:39 PM IST
विज्ञापन
साल जैसे-जैसे बीत रहा है, ठंड और विकराल रुप लेती जा रही है। घने कोहरे के साथ शीतलहर चलने से गलन और ठिठुरन बढ़ गई।
जिले में रविवार को कोहरे का आलम यह रहा कि दिन में साढे़ बारह बजे सड़कों पर वाहन चालक हेडलाइट जलाकर चल रहे थे। बर्फीली हवाएं कांटों की तरह चुभ रही थी।
रविवार छुट्टी का दिन होने के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे। लेकिन निजी काम से सुबह निकलने वाले वाहन चालकों को सड़क पर चलने में कठिनाई का सामना कर पड़ रहा है।
पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी के कारण सर्दी जिदंगी पर भारी पड़ रही है। रविवार को जिले में पूरे दिन कोहरा छाया रहा। बर्फीली हवाएं कांटों की तरह चुभती रहीं। करीब 12 बजे सूर्य देवता किसी तरह बादलों की ओट से बाहर आए।
विज्ञापन
लेकिन घने कोहरे के कारण चंद मिनट में सूर्य देवता एक बार बादलों की ओट में जा छिपे। दोपहर दो बजे किसी तरह एक बार फिर सूर्य देवता आसमानों से बाहर आए। लेकिन गलन कम नहीं हुई।
जिले में रविवार को सुबह 12 बजे तक तापमान अधिकतम 13 डिग्री, न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह कोहरे के चलते आजमगढ़-वाराणसी मार्ग, आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग, छतवारा मोड़, भंवरनाथ और बैठौली बाईपास और जिले के सिंगल लिंक मार्गों पर सुबह वाहन चलाना चालकों, विशेषकर दुपहिया वाहन चालकों को भारी पड़ रहा है। दिसंबर का अंतिम सप्ताह चल रहा है।
माना जा रहा है कि यह आने वाले दिनों में कोहरा और गहराएगा। उधर सुंबह ठंड का आलम यह रहा कि टंकी में भरे पानी को छूते ही जैसे करेंट लग जा रहा है।
डाक्टरों की माने तो सुबह टंकी के पानी से नहाने आदि कार्य से बचना चाहिए। बर्तन धोने में गरम पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। टंकी के पानी का तापमान तीन डिग्री सेल्सियस से कम हो सकता है, यह पानी आपको बीमार कर सकता है।
विज्ञापन
जिले में रविवार को कोहरे का आलम यह रहा कि दिन में साढे़ बारह बजे सड़कों पर वाहन चालक हेडलाइट जलाकर चल रहे थे। बर्फीली हवाएं कांटों की तरह चुभ रही थी।
रविवार छुट्टी का दिन होने के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे। लेकिन निजी काम से सुबह निकलने वाले वाहन चालकों को सड़क पर चलने में कठिनाई का सामना कर पड़ रहा है।
विज्ञापन
पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी के कारण सर्दी जिदंगी पर भारी पड़ रही है। रविवार को जिले में पूरे दिन कोहरा छाया रहा। बर्फीली हवाएं कांटों की तरह चुभती रहीं। करीब 12 बजे सूर्य देवता किसी तरह बादलों की ओट से बाहर आए।
विज्ञापन
लेकिन घने कोहरे के कारण चंद मिनट में सूर्य देवता एक बार बादलों की ओट में जा छिपे। दोपहर दो बजे किसी तरह एक बार फिर सूर्य देवता आसमानों से बाहर आए। लेकिन गलन कम नहीं हुई।
जिले में रविवार को सुबह 12 बजे तक तापमान अधिकतम 13 डिग्री, न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह कोहरे के चलते आजमगढ़-वाराणसी मार्ग, आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग, छतवारा मोड़, भंवरनाथ और बैठौली बाईपास और जिले के सिंगल लिंक मार्गों पर सुबह वाहन चलाना चालकों, विशेषकर दुपहिया वाहन चालकों को भारी पड़ रहा है। दिसंबर का अंतिम सप्ताह चल रहा है।
माना जा रहा है कि यह आने वाले दिनों में कोहरा और गहराएगा। उधर सुंबह ठंड का आलम यह रहा कि टंकी में भरे पानी को छूते ही जैसे करेंट लग जा रहा है।
डाक्टरों की माने तो सुबह टंकी के पानी से नहाने आदि कार्य से बचना चाहिए। बर्तन धोने में गरम पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। टंकी के पानी का तापमान तीन डिग्री सेल्सियस से कम हो सकता है, यह पानी आपको बीमार कर सकता है।