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ग्यारह दिन से कीचड़, पानी में जिंदगी

Mon, 27 Sep 2021 10:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 27 Sep 2021 10:54 PM IST
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Life in mud, water since eleven days
बागेश्वर नगर में जलभराव। - फोटो : AZAMGARH
चारों तरफ कीचड़, दुर्गंध और घरों में पानी और बदहाल रास्ते। बागेश्वर नगर की तस्वीर पिछले ग्यारह दिनों से इसी तरह की है। 16 सितंबर को हुई बारिश के बाद से इस मुहल्ले में रहने वालों की जिंदगी ऐसे ही मुश्किल हालात में कट रही है। ऊपर से बिजली आपूर्ति भी बदहाल है।
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बारिश के अगले दिन 17 सितंबर को बागेश्वरनगर स्थित तमसा नदी का रेगुलेटर बंद किया गया। इससे बाढ़ का पानी भी मुहल्ले में भर गया और शहर का पानी भी बाहर नहीं निकाला जा सका। बाद में पंप लगाए गए लेकिन उनकी क्षमता कम होने के कारण मुहल्ले में 11 दिनों से जलभराव है। लोगों के घरों में कमर तक पानी भरा है। जहां से पानी निकल गया है, वहां कीचड़ पसरी हुई है। बिजली की आपूर्ति भी प्रभावित है। घरों में सबमर्सिबल पंप का पानी भी दूषित हो गया है। घरों में बदबूदार दूषित पानी आ रहा है। ऐसे में आरओ प्लांट से पीने का पानी मंगाना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन ने नए मरीजों की भर्ती बंद कर दी है लेकिन जो पहले से भर्ती हैं, उनके तीमारदारों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। मुहल्ले के विद्यालय में नाले का पानी भरा हुआ है। दो कक्षाएं बाहर चलाई जा रही हैं। मुहल्ले के निवासियों का कहा है कि निचला इलाका होने के कारण जलभराव होता रहा है लेकिन इतने दिनों तक मुहल्ले में पानी भरे रहने के लिए बाढ़ खंड विभाग जिम्मेदार है। उसने तमसा में बाढ़ आने के बाद रेगुलेटर बंद कराया और जल निकासी के लिए अधिक क्षमता का पंप नहीं लगवाया।
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निकासी खातिर कम पंप लगल हौ। जेतना लगल हौ। ओह में कउनो-कउनो में तेलवे ना बा। साहब लोगन आवत हवें देख-ताक के लौट जात हवें। कबले हमार घर डूबल रही. कुछ समझ ना आवत बा। जेतना राशन रहल कुुछ भींग गइल। बहुते परेशानी बा।-प्रेमा
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मुहल्ले में 11 दिन से जलभराव है। प्रशासन हमारी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है। तेजी के साथ जल निकासी के इंतजाम होने चाहिए। ठहरे हुए पानी में सड़न पैदा होने लगी है। इससे संक्रामक बिमारियां फैलने की आशंका है।-अनीता
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