आजमगढ़: सामूहिक दुष्कर्म के चार दोषियों को उम्रकैद, हर एक पर लगाया 50 हजार रुपये का अर्थदंड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में सुनवाई के बाद आजमगढ़ जिले के कोर्ट ने चार आरोपियों को दोषी पाया, साथ ही उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई। हर एक पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश पास्को कोर्ट जितेंद्र यादव ने बुधवार को सुनाया। इस मामले का एक अन्य आरोपी नाबालिग होने के चलते उसकी पत्रावली अलग कर दी गई थी। घटना निजामाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव की है।
मुकदमे के अनुसार, पीड़िता किशोरी 15 सितंबर 2015 की शाम लगभग सात बजे घर से शौच करने निकली थी। तभी इस थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी संदीप पुत्र रग्घू, मोनू पुत्र बृज मोहन, ज्ञानचंद्र पुत्र समता, दिलीप पुत्र रामजतन और नाबालिग ने किशोरी के साथ जबरन दुराचार किया और दुष्कर्म का वीडियो बनाया, बाद में जान से मारने की धमकी दी।
इस मामले में संबंधित थाना पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान शासकीय अधिवक्ता आनंद सिंह और विशेष लोक अभियोजक राजेंद्र प्रसाद मिश्र, दौलत यादव समेत कुल सात गवाहों को अदालत में परीक्षित कराया गया। अदालत ने उभय पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद आरोपी संदीप, मोनू, दिलीप और ज्ञानचंद्र को दुष्कर्म किए जाने का दोषी पाया और सजा सुनाई।