{"_id":"616b16b4e3c451214d38ca87","slug":"life-imprisonment-for-raping-a-minor-azamgarh-news-vns617563491","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिग से दुष्कर्म में आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाबालिग से दुष्कर्म में आजीवन कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। अदालत ने दुष्कर्म के जुर्म में एक अभियुक्त को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। शनिवार को यह सजा विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट रवीश कुमार अत्री ने सुनाई।
शहर कोतवाली क्षेत्र के बिंदवल गांव निवासी अभियुक्त मोहम्मद जाकिर पर इस थाना क्षेत्र के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी को 23 मार्च 2020 को घर से बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और दुराचार करने के आरोप में अदालत के आदेश पर मुकदमा पंजीकृत किया गया था। मुकदमे के अनुसार घटना के दिन पीड़िता बालिका के माता-पिता घर से पीड़िता सहित दो बच्चों को छोड़कर रिश्तेदारी में चले गए थे। इसी बीच अभियुक्त गाड़ी लेकर उसके घर आया और प्रलोभन और बहला-फुसला कर उसे अपने साथ भगा ले गया। खोज-बीन के बाद आरोपित जाकिर के बारे में उसे जानकारी हुई। साथ ही यह भी पता चला कि इस घटना में जाकिर की मां का पूरा सहयोग रहा। इस मामले स्थानीय थाना पुलिस ने जांचोपरांत आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्र ने इस मुकदमे के वादी पीड़िता,उप निरीक्षक विनय कुमार दुबे, तत्कालीन चिकित्सक महिला अस्पताल आजमगढ़ डा. रोशन आरा सहित कुछ छह गवाहों को अदालत में पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अभियुक्त को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।
विज्ञापन
शहर कोतवाली क्षेत्र के बिंदवल गांव निवासी अभियुक्त मोहम्मद जाकिर पर इस थाना क्षेत्र के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी को 23 मार्च 2020 को घर से बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और दुराचार करने के आरोप में अदालत के आदेश पर मुकदमा पंजीकृत किया गया था। मुकदमे के अनुसार घटना के दिन पीड़िता बालिका के माता-पिता घर से पीड़िता सहित दो बच्चों को छोड़कर रिश्तेदारी में चले गए थे। इसी बीच अभियुक्त गाड़ी लेकर उसके घर आया और प्रलोभन और बहला-फुसला कर उसे अपने साथ भगा ले गया। खोज-बीन के बाद आरोपित जाकिर के बारे में उसे जानकारी हुई। साथ ही यह भी पता चला कि इस घटना में जाकिर की मां का पूरा सहयोग रहा। इस मामले स्थानीय थाना पुलिस ने जांचोपरांत आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्र ने इस मुकदमे के वादी पीड़िता,उप निरीक्षक विनय कुमार दुबे, तत्कालीन चिकित्सक महिला अस्पताल आजमगढ़ डा. रोशन आरा सहित कुछ छह गवाहों को अदालत में पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अभियुक्त को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।
विज्ञापन