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पैमाइश से इंकार करने पर लेखपाल को पीटा, कागजात फाड़े
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अहरौला। जमीन की नापी को लेकर थाना क्षेत्र के कोठरा गांव में लेखपाल की पिटाई कर दी गई। साथ ही उनके कागजात भी फाड़ दिए गए। मामले में प्रधान और उनके साथियों के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई है। आरोप है कि लेखपाल पैमाइश के लिए एसडीएम से आदेश लेने की बात कह रहे थे वहीं, प्रधान जबरदस्ती पैमाइश पर अड़े हुए थे। अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं है।
थाना क्षेत्र के कोठरा गांव में शनिवार की दोपहर पोखरी की जमीन की नापी करने लेखपाल सुरजीत सिंह गांव पहुंचे थे। लेखपाल सुजीत सिंह का आरोप है कि कोठरा गांव में गाटा संख्या 65 पोखरी के नाम दर्ज है। लेकिन उक्त जमीन पर दो-तीन मकान भी बने हुए थे और पेड़ भी लगे थे। इसे देखने के बाद एसडीएम को अवगत कराने के बाद नापी करने की बात कही गई। आरोप है कि पैमाइश न होने से नाराज कोठरा गांव के प्रधान जबरदस्ती जमीन की पैमाइश करने के लिए दबाव बनाने लगे। लेखपाल सुजीत सिंह का आरोप उक्त जमीन की बिना एसडीएम से आदेश के नापी नहीं हो सकती थी। आदेश लाने का हवाला देने पर नाराज ग्राम प्रधान अपने कई सहयोगियों के साथ गोलबंद होकर उसके पास मौजूद नक्शा, खसरा और अन्य अभिलेख फाड़ दिए और हमला बोल दिया। किसी तरह से लेखपाल वहां से जान बचाकर भागे। अहरौला थाने पर पहुंच लेखपाल सुजीत सिंह, राजस्व निरीक्षक श्यामकरन यादव और लेखपाल हवलदार सिंह ने थाने पर सामूहिक तहरीर दी। मामले को लेकर राजस्व विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश है। वहीं, प्रधान का कहना है कि लेखपाल से नापी के लिए कह रहे थे वो मना कर रहे थे। इस दौरान एक लड़के ने लेखपाल से दुर्व्यहार किया था। लेखपाल के सारे आरोप गलत हैं। एसडीएम बूढ़नपुर दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि एसओ से बात की गई है। मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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थाना क्षेत्र के कोठरा गांव में शनिवार की दोपहर पोखरी की जमीन की नापी करने लेखपाल सुरजीत सिंह गांव पहुंचे थे। लेखपाल सुजीत सिंह का आरोप है कि कोठरा गांव में गाटा संख्या 65 पोखरी के नाम दर्ज है। लेकिन उक्त जमीन पर दो-तीन मकान भी बने हुए थे और पेड़ भी लगे थे। इसे देखने के बाद एसडीएम को अवगत कराने के बाद नापी करने की बात कही गई। आरोप है कि पैमाइश न होने से नाराज कोठरा गांव के प्रधान जबरदस्ती जमीन की पैमाइश करने के लिए दबाव बनाने लगे। लेखपाल सुजीत सिंह का आरोप उक्त जमीन की बिना एसडीएम से आदेश के नापी नहीं हो सकती थी। आदेश लाने का हवाला देने पर नाराज ग्राम प्रधान अपने कई सहयोगियों के साथ गोलबंद होकर उसके पास मौजूद नक्शा, खसरा और अन्य अभिलेख फाड़ दिए और हमला बोल दिया। किसी तरह से लेखपाल वहां से जान बचाकर भागे। अहरौला थाने पर पहुंच लेखपाल सुजीत सिंह, राजस्व निरीक्षक श्यामकरन यादव और लेखपाल हवलदार सिंह ने थाने पर सामूहिक तहरीर दी। मामले को लेकर राजस्व विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश है। वहीं, प्रधान का कहना है कि लेखपाल से नापी के लिए कह रहे थे वो मना कर रहे थे। इस दौरान एक लड़के ने लेखपाल से दुर्व्यहार किया था। लेखपाल के सारे आरोप गलत हैं। एसडीएम बूढ़नपुर दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि एसओ से बात की गई है। मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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