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Azamgarh News: लेखपाल पर प्रमाण पत्र के नाम पर वसूली का आरोप
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निजामाबाद। तहसील क्षेत्र के मक्खन पट्टी गांव निवासी अजय कुमार पांडेय ने हलका लेखपाल रुचि सिंह पर आय प्रमाण पत्र बनाने के लिए अवैध वसूली का आरोप लगाया है। गलत आय दर्ज करने का भी आरोप लगाया है। एसडीएम निजामाबाद ने जांच के आदेश दिए हैं।
अजय कुमार पांडेय ने बताया कि उनके पास न तो जमीन है और न ही पक्का मकान है। वे रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी दो बेटियों का दाखिला केंद्रीय विद्यालय में हुआ है। छात्रवृत्ति के लिए आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उन्होंने आवेदन किया था। अजय का आरोप है कि लेखपाल रुचि सिंह ने उनसे 3000 रुपये लिए और उनकी वार्षिक आय 72000 रुपये दर्ज कर दी। जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो दोबारा सुविधा शुल्क देने को कहा गया, तब भी लेखपाल ने वही 72000 रुपये की रिपोर्ट लगाई। तीसरी बार आवेदन करने पर भी यही आय दर्ज की गई। अजय ने मांग की कि उनका पैसा वापस किया जाए, लेकिन लेखपाल ने कोई राहत नहीं दी।
अजय ने आगे बताया कि उनके गांव में आठ बीघा जमीन, ट्रैक्टर, पक्का मकान और लग्जरी गाड़ी वाले लोगों की आय 42000 रुपये दर्ज की गई, जबकि रिक्शा चलाने वाले की आय 72000 रुपये दिखाई गई है। इस संबंध में हल्का लेखपाल रुचि सिंह ने कहा कि अजय की आय मनरेगा के आधार पर तय की गई, जहां एक व्यक्ति की दैनिक मजदूरी 225 रुपये है। उन्होंने कहा कि अजय का आरोप झूठा है। एसडीएम निजामाबाद नरेंद्र कुमार गंगवार ने बताया कि शिकायत मिली है और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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अजय कुमार पांडेय ने बताया कि उनके पास न तो जमीन है और न ही पक्का मकान है। वे रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी दो बेटियों का दाखिला केंद्रीय विद्यालय में हुआ है। छात्रवृत्ति के लिए आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उन्होंने आवेदन किया था। अजय का आरोप है कि लेखपाल रुचि सिंह ने उनसे 3000 रुपये लिए और उनकी वार्षिक आय 72000 रुपये दर्ज कर दी। जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो दोबारा सुविधा शुल्क देने को कहा गया, तब भी लेखपाल ने वही 72000 रुपये की रिपोर्ट लगाई। तीसरी बार आवेदन करने पर भी यही आय दर्ज की गई। अजय ने मांग की कि उनका पैसा वापस किया जाए, लेकिन लेखपाल ने कोई राहत नहीं दी।
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अजय ने आगे बताया कि उनके गांव में आठ बीघा जमीन, ट्रैक्टर, पक्का मकान और लग्जरी गाड़ी वाले लोगों की आय 42000 रुपये दर्ज की गई, जबकि रिक्शा चलाने वाले की आय 72000 रुपये दिखाई गई है। इस संबंध में हल्का लेखपाल रुचि सिंह ने कहा कि अजय की आय मनरेगा के आधार पर तय की गई, जहां एक व्यक्ति की दैनिक मजदूरी 225 रुपये है। उन्होंने कहा कि अजय का आरोप झूठा है। एसडीएम निजामाबाद नरेंद्र कुमार गंगवार ने बताया कि शिकायत मिली है और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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