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बिना जमीन जारी हुई विधायक निधि, जांच में ओके

Thu, 21 Dec 2017 12:10 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़ Updated Thu, 21 Dec 2017 12:10 AM IST
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Legislative fund released without land, OK in check
demo pic - फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़। जनपद में विधायक निधि के नाम पर हुए खेल में कई दिग्गजों के नाम शामिल हैं। इनमें में एक नाम है बसपा के दिग्गज नेता, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और वर्तमान में मार्टीनगंज विधायक सुखदेव राजभर का।
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इन्होंने विधायक रहते हुए अपने ही विद्यालय को विधायक निधि जारी की। इतना ही नहीं कई निधि तो उस समय जारी हुई जब विद्यालय के नाम जमीन ही नहीं थी। इसके बाद भी अधिकारियों की ओर से जांच में विद्यालय को पास कर दिया गया।
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जनपद में विधायक और सांसद निधि के घोटाले को लेकर एक पीआईएल हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट आदेश पर वर्ष 2014 में उक्त मामले की जांच हुई। जांच के दायरे में जिले के 82 विद्यालय आए।
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सपा शासनकाल में मामला उठने के साथ ही ठंडे बस्ते में चला गया। क्योंकि इसमें एक से बढ़कर एक दिग्गजों के विद्यालय शामिल थे।

वर्ष 2017 में जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने 30 मार्च 2017 को 25 विद्यालयों की जांच रिपोर्ट जारी की। इसमें विधायक और प्रबंधक सुखदेव राजभर का मां बबुना बालिका महाविद्यालय बड़गहन शामिल था।

शिकायतकर्ता का आरोप था कि उन्होंने विधायक रहते हुए खुद अपने ही विद्यालय के नाम विधायक निधि जारी की। जिस समय उन्होंने कई बार में 58 लाख से ज्यादा की निधि जारी की, उस समय दो सितंबर 2010 तक महाविद्यालय के नाम जमीन नहीं थी।

बल्कि उक्त जमीन ग्रामीण बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़गहन के नाम पर अंकित थी। उक्त शिकायत की जांच के बाद 2014 में तत्कालीन मुख्य राजस्व अधिकारी ने रिपोर्ट दी थी कि उपरोक्त विद्यालय आराजी नंबर 272 और 1143 के कुछ अंश पर निर्मित है।

गाटा संख्या 272 ग्रामीण बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़गहन के नाम थी, जिसे दो सितंबर 2010 को महाविद्यालय के नाम दान दिया गया है। वहीं, गाटा संख्या 1143 भी 2010 में विद्यालय के नाम हुई है।


2017 में तत्कालीन जिलाधिकारी ने जो रिपोर्ट जारी की उसमें निधि जारी करने के समय विद्यालय के नाम से जमीन बताते हुए शिकायत को खारिज कर दिया गया। अब सीडीओ की ओर से एक बार फिर निराधार पाए गए इन विद्यालयों की जांच की बात कही जा रही है।
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