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वकीलों का फैसला, मानेंगे नहीं...जारी रहेगी हमारी लड़ाई
Azamgrah
Updated Tue, 22 May 2018 11:46 PM IST
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मेहनगर तहसील पर कमीश्नर के विरोध में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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मंडलायुक्त एसवीएस रंगाराव के खिलाफ मोर्चा खोले सेंट्रल बार के अधिवक्ताओं का आंदोलन शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को जिले के अधिवक्ता मंडलायुक्त कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
मंगलवार को सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष तारकेश्वर मिश्रा ने बार सभागार में प्रेसवार्ता कर विरोध प्रदर्शन जारी रखने का एलान किया।
उन्होंने कहा कि मंडलायुक्त पूरी तरह से मनमानी पर उतारू हो चुके हैं। अधिवक्ताओं पर जबरन बहस के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसके तहत ही उन्होंने 11 मई को मंडल के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर बिना वकीलों के ही मुकदमों की सुनवाई करने का फरमान जारी कर दिया है।
मंडलायुक्त पीड़ित पक्षकारों के प्रार्थना पत्र पर भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। उप्र राजस्व संहिता 2006 एवं नियमावली और सिविल प्रक्रिया संहिता में निहित प्रारूप पर नोटिस का पालन भी नहीं किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि जब तक मंडलायुक्त अपने 11 मई के फरमान को वापस नहीं लेते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस आंदोलन में मंडल के तीनों जिलों के सभी अधिवक्ता संगठन भी कूद पड़े हैं और जगह-जगह मंडलायुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है।
दीवानी बार के वकील ने नहीं किया काम
आजमगढ़। दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ के वकील भी मंगलवार को सेंट्रल बार के समर्थन में कार्यों से विरत रहे। यह निर्णय दीवानी बार की मंगलवार को हुई बैठक में लिया गया। अध्यक्ष सूबेदार यादव ने बताया कि अधिवक्ता देवेंद्र कुमार पांडेय के मामले में पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
वहीं, सेंट्रल बार ने मंडलायुक्त की कार्यप्रणाली के विरोध में आंदोलन की बात कही है। बैठक में इन्हीं दोनों मुद्दों पर आक्रोश जताते हुए पूरे दिन न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया गया।
मेंहनगर तहसील बार मेंहनगर की बैठक मंगलवार को संघ भवन में अध्यक्ष रविंद्रनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार पर नाराजगी जताई गई। एसडीएम-तहसीलदार वापस जाओ के नारे के साथ वकीलों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी भी की।
वकीलों ने लगातार 39वें दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रखा और एसडीएम और तहसीलदार के स्थानांतरण की मांग बुलंद की। धरना-प्रदर्शन करने वालों में राजनाथ यादव, अनिल कुमार वर्मा, जयनरायण सिंह, हरिलाल यादव, रामजनम सिंह, वीरेंद्र सरोज आदि मौजूद रहे।
लालगंज तहसील बार एसोसिएशन लालगंज भी सेंट्रल बार एसोसिएशन के समर्थन में उतर आया है। सेंट्रल बार के वकील मंगलवार को सेंट्रल बार के प्रस्ताव के समर्थन में कार्यों से वितर रहे और बुधवार को भी कार्य बहिष्कार का एलान किया।
अधिवक्ता लालजी सिंह ने कहा कि लालगंज तहसील बार भी सेंट्रल बार के वकीलों के साथ है। कार्य बहिष्कार के बाद हुई बैठक में 23 को आयोजित कमिश्ररी के घेराव में हिस्सा लेने का निर्णय लिया गया।
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मंगलवार को सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष तारकेश्वर मिश्रा ने बार सभागार में प्रेसवार्ता कर विरोध प्रदर्शन जारी रखने का एलान किया।
उन्होंने कहा कि मंडलायुक्त पूरी तरह से मनमानी पर उतारू हो चुके हैं। अधिवक्ताओं पर जबरन बहस के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसके तहत ही उन्होंने 11 मई को मंडल के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर बिना वकीलों के ही मुकदमों की सुनवाई करने का फरमान जारी कर दिया है।
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मंडलायुक्त पीड़ित पक्षकारों के प्रार्थना पत्र पर भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। उप्र राजस्व संहिता 2006 एवं नियमावली और सिविल प्रक्रिया संहिता में निहित प्रारूप पर नोटिस का पालन भी नहीं किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि जब तक मंडलायुक्त अपने 11 मई के फरमान को वापस नहीं लेते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस आंदोलन में मंडल के तीनों जिलों के सभी अधिवक्ता संगठन भी कूद पड़े हैं और जगह-जगह मंडलायुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है।
दीवानी बार के वकील ने नहीं किया काम
आजमगढ़। दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ के वकील भी मंगलवार को सेंट्रल बार के समर्थन में कार्यों से विरत रहे। यह निर्णय दीवानी बार की मंगलवार को हुई बैठक में लिया गया। अध्यक्ष सूबेदार यादव ने बताया कि अधिवक्ता देवेंद्र कुमार पांडेय के मामले में पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
वहीं, सेंट्रल बार ने मंडलायुक्त की कार्यप्रणाली के विरोध में आंदोलन की बात कही है। बैठक में इन्हीं दोनों मुद्दों पर आक्रोश जताते हुए पूरे दिन न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया गया।
मेंहनगर तहसील बार मेंहनगर की बैठक मंगलवार को संघ भवन में अध्यक्ष रविंद्रनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार पर नाराजगी जताई गई। एसडीएम-तहसीलदार वापस जाओ के नारे के साथ वकीलों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी भी की।
वकीलों ने लगातार 39वें दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रखा और एसडीएम और तहसीलदार के स्थानांतरण की मांग बुलंद की। धरना-प्रदर्शन करने वालों में राजनाथ यादव, अनिल कुमार वर्मा, जयनरायण सिंह, हरिलाल यादव, रामजनम सिंह, वीरेंद्र सरोज आदि मौजूद रहे।
लालगंज तहसील बार एसोसिएशन लालगंज भी सेंट्रल बार एसोसिएशन के समर्थन में उतर आया है। सेंट्रल बार के वकील मंगलवार को सेंट्रल बार के प्रस्ताव के समर्थन में कार्यों से वितर रहे और बुधवार को भी कार्य बहिष्कार का एलान किया।
अधिवक्ता लालजी सिंह ने कहा कि लालगंज तहसील बार भी सेंट्रल बार के वकीलों के साथ है। कार्य बहिष्कार के बाद हुई बैठक में 23 को आयोजित कमिश्ररी के घेराव में हिस्सा लेने का निर्णय लिया गया।