राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड धारकों को मिलने वाले खाद्यान्न में घटतौली को रोकने के लिए शासन ने नई व्यवस्था शुरू करने का निर्देश दिया है। कोटेदार के कांटे को ई-पास मशीन से लिंक कर दिया जाएगा। इससे जितने यूनिट का बाॅयोमीट्रिक सत्यापन होगा, उतने ही राशन की तौल की जा सकेगी।
पूर्ति विभाग की ओर से जिले में कुल 781872 कार्डधारक हैं, जिससे 3529563 लोगों को उचित दर पर राशन दिया जाता है। इसमें पात्र गृहस्थी के 676089 कार्डधारक हैं, जिनमें कुल 3115616 लाभार्थियों को लाभ मिलता है। वहीं अन्त्योदय के 105783 कार्ड धारक हैं, जिनमें 413947 लोग जुड़े हैं। इसमें आए दिन घटतौली की शिकायतें मिलती रही हैं। अब ई-पास मशीनों को ई-कांटे से लिंक किया जाएगा। ई-कांटे से तौल किए गए खाद्यान्न की सूचना सीधे वेबसाइट पर प्रदर्शित होगी। लाभार्थी खाद्यान्न की पावती भी मांग सकेंगे व उनके पंजीकृत मोबाइल पर भी मैसेज आएगा। ई-कांटे से लिंक ई-पास मशीनें फिंगरप्रिंट व आई स्कैनर से युक्त रहेंगी। कम मात्रा होने पर मशीन खाद्यान्न के तौल की स्वीकृति ही नहीं प्रदान करेगी। जिला पूर्ति अधिकारी सुनील कुमार पुष्कर ने बताया कि सरकार की नई व्यवस्था लागू होने के बाद अनाज वितरण के समय एक तरफ लाभार्थियों को प्राप्त होने वाले अनाज की पावती की सही व्यवस्था सुनिश्चित होगी। वहीं, दूसरी तरफ विभाग को खाद्यान्न वितरण की सही स्थित की जानकारी भी विभागीय वेबसाइट पर मिलती रहेगी। इससे कोटेदारों की मनमानी पर रोक लगने के साथ अनाज वितरण में घटतौली की शिकायत पर भी अंकुश लग जाएगा।