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ज्योतिबा फुले ने भेदभाव के खिलाफ उठाई आवाज: धर्मेंद्र
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महात्मा ज्योतिबा राव फुले की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते सांसद धर्मेंद्र यादव। श्रोत-पार्ट
आजमगढ़। समाजवादी पार्टी कार्यालय में शनिवार को महात्मा ज्योतिबा राव फुले की जयंती उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में नेताओं ने उनके विचारों और योगदान पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा राव फुले का जीवन अत्यंत प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने जाति और लिंग आधारित भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई तथा महिलाओं की शिक्षा और समानता के लिए संघर्ष किया। उन्होंने ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना कर सामाजिक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी।
उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों के संघर्ष और विचारों के आधार पर भीमराव अंबेडकर ने दलितों और पिछड़ों के अधिकारों को संविधान में स्थान दिया। साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
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समाजवादी विचारक जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा राव फुले ने अपने समय में मनुवादी व्यवस्थाओं को चुनौती दी और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता फैलाई। उन्होंने महिलाओं के लिए विद्यालय खोलकर समाज को नई दिशा दी, जिसमें उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस दौरान पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक डॉ. संग्राम यादव, अखिलेश यादव, पूजा सरोज, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव, पूर्व सांसद नंदकिशोर यादव सहित कई नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने की, जबकि संचालन सपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव अजीत कुमार राव ने किया।
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मुख्य वक्ता सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा राव फुले का जीवन अत्यंत प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने जाति और लिंग आधारित भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई तथा महिलाओं की शिक्षा और समानता के लिए संघर्ष किया। उन्होंने ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना कर सामाजिक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी।
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उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों के संघर्ष और विचारों के आधार पर भीमराव अंबेडकर ने दलितों और पिछड़ों के अधिकारों को संविधान में स्थान दिया। साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
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समाजवादी विचारक जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा राव फुले ने अपने समय में मनुवादी व्यवस्थाओं को चुनौती दी और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता फैलाई। उन्होंने महिलाओं के लिए विद्यालय खोलकर समाज को नई दिशा दी, जिसमें उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस दौरान पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक डॉ. संग्राम यादव, अखिलेश यादव, पूजा सरोज, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव, पूर्व सांसद नंदकिशोर यादव सहित कई नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने की, जबकि संचालन सपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव अजीत कुमार राव ने किया।