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जल जीवन मिशन : तीन साल में 30 प्रतिशत ही हुए काम
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ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के घरों तक नल से जल पहुंचने में अभी काफी समय लगेगा। जल जीवन मिशन के तहत लगभग 30 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है। योजना के तहत अभी 70 प्रतिशत से अधिक काम होने बाकी हैं। हालांकि जल निगम ग्रामीण विभाग 35 गांवों में कनेक्शन देकर घरों तक नल से जल पहुंचने की बात करता है, लेकिन सच्चाई यह है कि यहां पर सीधे पंपसेट से ही पानी की सप्लाई की जा रही। जल जीवन मिशन(जेजेएम) के कार्य को समय से पूरा करने के लिए अब जिले में कुल सात कार्यदायी संस्थाओं को लगाया गया है।
शहरों की तरह ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की 2019 में शुरुआत की थी। योजना के तहत गांवों में ओवर हेड टैंक का निर्माण करा व घरों तक पाइप लाइन बिछाकर नल से सीधे जल पहुंचाना था। इस योजना में जनपद में फेज-2 से काम शुरू हुआ। उस समय एक ही कार्यदायी संस्था काम कर रही थी लेकिन समय कम होने के कारण फेज-4 में एक और फेज-5 में पांच और कार्यदायी संस्थाओं को काम पूरा करने के लिए लगाया गया है। जल जीवन मिशन के तहत गांवों में हो रहे कार्यों को हर हाल में मार्च 2024 से पहले पूरा कर लेना है लेकिन जिस तरह से कार्यदायी संस्थाएं काम कर रही हैं ऐसा नहीं लग रहा कि मार्च 2024 से पहले चयनित गांवों में लोगों को नल से जल मिल पाएगा। क्योंकि किसी भी गांव में योजना का काम पूरा नहीं हो पाया गया है।
अब तक 30,457 डीपीआर पास हुए
जल जीवन मिशन के तहत अब तक 30,457 डीपीआर पास हो चुके हैं। वहीं 70 से अधिक डीपीआर बाकी हैं। कुछ जगहों पर जमीन न मिलने के कारण मामला फंसा हुआ है। यहां पर विभाग राजस्व टीम के साथ मिलकर जमीन तलाशने में लगा हुआ है। जिन जगहों पर कार्य के दौरान किसी प्रकार की जमीन को लेकर समस्या आ रही है वहां पर ग्रामीणों से बातचीत कर कार्यशुरू कराया जा रहा है।
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पंपसेट से सीधे दिया जा रहा पानी
विभाग का दावा है कि 35 गांवों में पाइप लाइन बिछा दी गई है और वहां पर पानी के लिए कनेक्शन भी दे दिया गया है। लेकिन ओवर हेड टैंक का निर्माण न होने से यहां की लगभग सात लाख की आबादी को सीधे पंपसेट से पानी की सप्लाई की जा रही है। ओएचटी से पानी की सप्लाई न होने से कुछ दूरी के बाद पानी का प्रेशर कम हो जा रहा और आखिरी तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
111 जगहों पर चल रहा काम
जल जीवन मिशन के तहत 21 गांवों में ओवर हेड टैंक का निर्माण पूरा हो चुका है जबकि 90 जगहों पर काम चल रहा है। इसके अलावा इन गांवों में पाइप लाइन बिछाने का भी काम हो रहा है।
चयनित गांवों में जल जीवन मिशन का काम मार्च 2024 से पहले पूरा किया जाना है। इसके लिए जिले में सात कार्यदायी संस्थाएं काम कर रहीं है। प्रतिदिन काम की समीक्षा की जा रही है ताकि तय समय से पहले काम को पूरा कर ग्रामीणों को नल से जल पहुंचाया जा सके। -रामबिहारी, अधीक्षण अभियंता, जल जीवन मिशन।
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शहरों की तरह ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की 2019 में शुरुआत की थी। योजना के तहत गांवों में ओवर हेड टैंक का निर्माण करा व घरों तक पाइप लाइन बिछाकर नल से सीधे जल पहुंचाना था। इस योजना में जनपद में फेज-2 से काम शुरू हुआ। उस समय एक ही कार्यदायी संस्था काम कर रही थी लेकिन समय कम होने के कारण फेज-4 में एक और फेज-5 में पांच और कार्यदायी संस्थाओं को काम पूरा करने के लिए लगाया गया है। जल जीवन मिशन के तहत गांवों में हो रहे कार्यों को हर हाल में मार्च 2024 से पहले पूरा कर लेना है लेकिन जिस तरह से कार्यदायी संस्थाएं काम कर रही हैं ऐसा नहीं लग रहा कि मार्च 2024 से पहले चयनित गांवों में लोगों को नल से जल मिल पाएगा। क्योंकि किसी भी गांव में योजना का काम पूरा नहीं हो पाया गया है।
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अब तक 30,457 डीपीआर पास हुए
जल जीवन मिशन के तहत अब तक 30,457 डीपीआर पास हो चुके हैं। वहीं 70 से अधिक डीपीआर बाकी हैं। कुछ जगहों पर जमीन न मिलने के कारण मामला फंसा हुआ है। यहां पर विभाग राजस्व टीम के साथ मिलकर जमीन तलाशने में लगा हुआ है। जिन जगहों पर कार्य के दौरान किसी प्रकार की जमीन को लेकर समस्या आ रही है वहां पर ग्रामीणों से बातचीत कर कार्यशुरू कराया जा रहा है।
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पंपसेट से सीधे दिया जा रहा पानी
विभाग का दावा है कि 35 गांवों में पाइप लाइन बिछा दी गई है और वहां पर पानी के लिए कनेक्शन भी दे दिया गया है। लेकिन ओवर हेड टैंक का निर्माण न होने से यहां की लगभग सात लाख की आबादी को सीधे पंपसेट से पानी की सप्लाई की जा रही है। ओएचटी से पानी की सप्लाई न होने से कुछ दूरी के बाद पानी का प्रेशर कम हो जा रहा और आखिरी तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
111 जगहों पर चल रहा काम
जल जीवन मिशन के तहत 21 गांवों में ओवर हेड टैंक का निर्माण पूरा हो चुका है जबकि 90 जगहों पर काम चल रहा है। इसके अलावा इन गांवों में पाइप लाइन बिछाने का भी काम हो रहा है।
चयनित गांवों में जल जीवन मिशन का काम मार्च 2024 से पहले पूरा किया जाना है। इसके लिए जिले में सात कार्यदायी संस्थाएं काम कर रहीं है। प्रतिदिन काम की समीक्षा की जा रही है ताकि तय समय से पहले काम को पूरा कर ग्रामीणों को नल से जल पहुंचाया जा सके। -रामबिहारी, अधीक्षण अभियंता, जल जीवन मिशन।