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खुद तो बनाया नहीं...ग्रामीणों ने बनाया तो करा दिया सील

Sat, 25 Jul 2020 10:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2020 10:42 PM IST
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It was not made by itself ... the villagers made it a seal
महराजगंज के चिकनहवा ढाला के पास अधूरे पुल पर आवागमन के लिए चह बनाते ग्रामीण। - फोटो : AZAMGARH
कटानी बाजार। वाह रे प्रशासन और वाह रे कार्यशैली। प्रशासन देवारा क्षेत्र के चिकनिहवा ढ़ाला पर 14 वर्ष पहले शुरू कराए गए पुल के निर्माण को पूरा नहीं करा सका। लेकिन जब लोगों ने खुद के प्रयास से यहां पर लकड़ी का पुल आवागमन के लिए तैयार किया तो शनिवार को प्रशासन ने उसे सील करा दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई का लोगों ने विरोध जताया।
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महाराजगंज विकासखंड के महुला गढ़वल बांध के चिकनिहवा ढ़ाला के पास गत 14 वर्ष पूर्व शुरू किए गए पुल निर्माण को अधूरा छोड़ दिए जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लोगों ने इसके निर्माण के लिए गुहार लेकिन जब कुछ नहीं हुआ तो देवारा वासियों ने बीते सोमवार को ग्रामीणों के सहयोग से बांस बल्ली का अस्थाई पुल बना कर आवागमन शुरू कर दिया। लेकिन प्रशासन को यह भी नागवार गुजरा और उसने आवागमन के लिए खतरा बताते हुए शनिवार को पुल को सील करा कर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया। लोगों के आवागमन के लिए तीन छोटी नाव का प्रबंध करने के लिए कहा। पुल के सील हो जाने से ग्रामीणों ने जहां विरोध जताया वहीं ग्रामीणों का कहना था कि चिकनहवा ढाला पर सोमवार व गुरुवार को अस्थाई बाजार लगने के कारण तीन ग्राम पंचायतों की लगभग 20000 आबादी के लोगों का बंधे पर आवागमन होता है। जिसके लिए छोटी-छोटी नाव नाकाफी है और अक्सर ज्यादा लोगों के सवार होने के चलते नाव डूब जाया करती हैं लेकिन प्रशासन को उसमें खतरा नजर नहीं आता है। हम लोगों ने अपने संसाधन से पुल निर्माण किया तो प्रशासन ने अपनी कमियों केे छिपाने के लिए इसको भी बंद करा दिया। ग्रामीणों ने बताया कि छोटी नाव पर अधिकतम छह से आठ लोग तथा बड़ी नाव पर 10 से 12 लोग ही एक बार में आ जा सकते हैं। पानी कम होने की दशा में नाव नहीं चल पाती है।
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राजनीतिक दलों ने भी उठाई विरोध की आवाज
आजमगढ़। ग्रामीणों ने जब चिकनिहवां ढ़ाला पर पुल का निर्माण किया तो सोचा कि अब उनकी ज्यादातर समस्याओं का अंत हो गया। लेकिन शनिवार की दोपहर बाद पहुंचे एसडीएम सगड़ी अरविंद कुमार सिंह, सीओ सिद्धार्थ तोमर व थानाध्यक्ष नंद कुमार तिवारी ने देवारा विकास सेवा समिति के लोगों को बुलाकर पुल पर आवागमन ना होने की हिदायत देते हुए पुल को सील करवा दिया। क्षेत्रीय लेखपाल विपिन सिंह को बाढ़ तक के लिए तीन नाव का प्रबंध करने का निर्देश दिया। मौके पर जुटे ग्रामीणों में प्रशासन के इस निर्णय का विरोध भी जताया। वहीं राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों ने इसका विरोध किया। इस मौके पर रवि यादव, दिलवर यादव, प्रकाश निषाद, दिनकर निषाद, कमलेश, राम भक्त सैलानी, मोहित मौर्य, संतोष निषाद, रामदुलार यादव, शैलेंद्र यादव आदि लोग उपस्थित रहे
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बोले जिम्मेदार
बाढ़ के मद्देनजर पुल की गुणवत्ता के संबंध में एसडीएम सगड़ी के पत्र के परिप्रेक्ष्य में एडीएम वित्त एवं राजस्व के निर्देशानुसार विभागीय सहायक अभियंता अखिलेश कुमार व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अभियंता द्वारा शुक्रवार को स्थलीय निरीक्षण किया गया था। उनकी रिपोर्ट प्रशासन को प्रेषित कर दी गई। पुल के निर्माण में किसी प्रकार का तकनीकी दृष्टिकोण नहीं अपनाया गया जिसके चलते इस पर आवागमन खतरनाक हो सकता है। इसे देखते हुए पुल को सील किया गया है।
आरके सोनवानी, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी।
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