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पौने एक लाख बच्चे अति कुपोषित
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Tue, 20 Dec 2016 11:50 PM IST
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सरकार की ओर से बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए अनेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इसके बाद भी कुपोषण रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इसमें कहीं न कहीं विभागीय उदासीनता उजागर हो रही है। हाल ही में संपन्न हुए वजन दिवस के दौरान जनपद के पांच लाख 88 हजार 917 बच्चों का वजन किया गया। इसमें एक लाख 64 हजार 947 बच्चे कुपोषित और 76 हजार 715 बच्चे अति कुपोषित पाए गए।
बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सरकार ने हौसला पोषण योजना शुरू की है। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं के साथ ही बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जाता है। इसके बाद भी जनपद में कुपोषण की स्थिति में सुधार होता दिखाई नहीं दे रहा है। इस योजना के तहत कई अधिकारियों ने भी गांवों को गोद लिया था। जिसका उद्देश्य उसे गांव को कुपोषण से मुक्ति दिलाना था।
शुरू में तो अधिकारी गांवों में चौपाल लगाकर लोगों को कुपोषण से अपने बच्चों को जानकारी देते और कुपोषित बच्चों को अस्पताल में एडमिट कर उनका इलाज कराने की सलाह भी देते थे। लेकिन समय बीतने के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों का यह अभियान ठंडा पड़ गया है। अब शायद ही कोई अधिकारी गोद लिए गांव में जाता है। अभी हाल ही में 10 और 13 दिसंबर को वजन दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 10 दिसंबर को जनपद के 10 ब्लाकों में और 13 दिसंबर को 12 ब्लाकों में वजन दिवस आयोजित हुआ।
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इस दौरान टीम ने कुल पांच 88 हजार 917 बच्चों का वजन किया। इस चौकाने वाले जथ्य सामने आए। कुल बच्चों में एक लाख 64 हजार 947 बच्चे कुपोषित और 76 हजार 715 बच्चे अति कुपोषित पाए गए। लाटघाट संवाददाता के अनुसार वजन दिवस के दौरान अजमतगढ़ ब्लाक के बनकटिया, चकसहदौलत, जमीन हरखोरी, कांखभार, खांड़, लुचुई, लाटघाट, घाघरा, मझौवा, मिश्रपुर और टेकनपुर में 3329 बच्चों को वजन किया गया। जांच के दौरान इनमें से 568 बच्चे कुपोषित और 325 बच्चे अति कुपोषित पाए गए।
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बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सरकार ने हौसला पोषण योजना शुरू की है। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं के साथ ही बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जाता है। इसके बाद भी जनपद में कुपोषण की स्थिति में सुधार होता दिखाई नहीं दे रहा है। इस योजना के तहत कई अधिकारियों ने भी गांवों को गोद लिया था। जिसका उद्देश्य उसे गांव को कुपोषण से मुक्ति दिलाना था।
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शुरू में तो अधिकारी गांवों में चौपाल लगाकर लोगों को कुपोषण से अपने बच्चों को जानकारी देते और कुपोषित बच्चों को अस्पताल में एडमिट कर उनका इलाज कराने की सलाह भी देते थे। लेकिन समय बीतने के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों का यह अभियान ठंडा पड़ गया है। अब शायद ही कोई अधिकारी गोद लिए गांव में जाता है। अभी हाल ही में 10 और 13 दिसंबर को वजन दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 10 दिसंबर को जनपद के 10 ब्लाकों में और 13 दिसंबर को 12 ब्लाकों में वजन दिवस आयोजित हुआ।
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इस दौरान टीम ने कुल पांच 88 हजार 917 बच्चों का वजन किया। इस चौकाने वाले जथ्य सामने आए। कुल बच्चों में एक लाख 64 हजार 947 बच्चे कुपोषित और 76 हजार 715 बच्चे अति कुपोषित पाए गए। लाटघाट संवाददाता के अनुसार वजन दिवस के दौरान अजमतगढ़ ब्लाक के बनकटिया, चकसहदौलत, जमीन हरखोरी, कांखभार, खांड़, लुचुई, लाटघाट, घाघरा, मझौवा, मिश्रपुर और टेकनपुर में 3329 बच्चों को वजन किया गया। जांच के दौरान इनमें से 568 बच्चे कुपोषित और 325 बच्चे अति कुपोषित पाए गए।