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Azamgarh News: कॉलेज में धर्मांतरण और छेड़खानी के आरोप की जांच शुरू, कर्मचारियों और शिक्षकों के बयान दर्ज
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अहरौला । थाना क्षेत्र के एक कॉलेज के उप प्रबंधक, उनके परिजनों और दो शिक्षिकाओं पर एक युवती द्वारा धर्मांतरण और छेड़खानी के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर शुक्रवार को ननद द्वारा वीडियो प्रसारित किए जाने के बाद पुलिस हरकत में आ गई। मामले की जांच सीओ फूलपुर को सौंपी गई। उन्होंने अहरौला थानाध्यक्ष के साथ कॉलेज में कर्मचारियों और शिक्षकों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए। वहीं, शिक्षिका भाभी व उसके भाई ने भी वीडियो जारी कर सफाई दी है।
क्षेत्राधिकारी फूलपुर किरण पाल सिंह के मुताबिक, ननद ने वीडियो में आरोप लगाया है कि 2018 में कॉलेज में नौकरी देने के नाम पर उप प्रबंधक और अन्य लोगों ने उस पर रोजा-नमाज पढ़ने की शर्त रखी और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया। मना करने पर उसके साथ छेड़खानी की गई, वीडियो बनाकर डराया गया और धमकियां दी गईं। यही नहीं, उसने अपनी भाभी को भी गिरोह का सदस्य बताया। घटना सामने आने के बाद एसएसपी हेमराज मीणा के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी फूलपुर किरण पाल सिंह और थानाध्यक्ष अहरौला प्रदीप कुमार पुलिस बल के साथ कॉलेज पहुंचे। शुक्रवार रात और शनिवार को कॉलेज कर्मचारियों और अध्यापिकाओं से गहन पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। इससे पहले 16 जुलाई को भाभी की सास ने अहरौला थाने पर शिकायती पत्र देकर उप प्रबंधक पर धर्मांतरण का प्रयास करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने भाभी और उसके भाई के बयान भी दर्ज किए थे। शनिवार को ननद ने मुख्यमंत्री, यूपी पुलिस और डीआईजी आजमगढ़ को टैग करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट कर न्याय की मांग की। उसने आरोप लगाया कि उक्त लोग अब भी उसे और उसके परिवार को धमका रहे हैं।
क्षेत्राधिकारी फूलपुर किरण पाल सिंह ने बताया कि आरोप गंभीर हैं। पुलिस सभी पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट जल्द ही उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।
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पति को पैसे देकर मैंने पढ़ाया, नौकरी पाने के बाद बदले सुर
अहरौला। भाभी ने अपने बयान में बताया कि सात अक्तूबर 2015 में एक प्रवक्ता के पद पर तैनात थी। उसकी शादी 13 फरवरी 2019 को हुई। आरोप लगाया कि शादी के तीन साल तक उनकी सास ने उनका गौना ही नहीं कराया। सास ने उन्हें घर पर काफी प्रताड़ित किया कि 24 अक्तूबर 2021 से ससुराल नहीं गई। इसी बीच उसका पति उससे मिलने आता रहा। बताया कि लगभग 10 वर्ष से पढ़ा रही हूं। जब मेरी शादी हुई तो वह एक कंप्यूटर की दुकान पर काम करते थे। जब मुझे पता चला कि वह बीटेक कर के दुकान पर बैठे थे। इसके बाद हमने शादी के कुछ दिन बाद अपने खर्च पर मैने तैयारी करने के लिए प्रयागराज भेज दिया। इसके बाद 12 जुलाई 2022 में वह जेई के पद पर कार्यरत रहे। सहारनपुर में उनकी तैनाती हुई तो वह 10 से 15 बार वहां गई। महिला ने बताया कि लगभग एक साल से सहारनपुर में नहीं गई। महिला के भाई ने बताया कि उसकी बहन पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। जेई बनने के बाद बहन का पति उससे चार पहिया वाहन मांगने लगे और न देने पर शादी तोड़ने की बात कहने लगे।
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क्षेत्राधिकारी फूलपुर किरण पाल सिंह के मुताबिक, ननद ने वीडियो में आरोप लगाया है कि 2018 में कॉलेज में नौकरी देने के नाम पर उप प्रबंधक और अन्य लोगों ने उस पर रोजा-नमाज पढ़ने की शर्त रखी और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया। मना करने पर उसके साथ छेड़खानी की गई, वीडियो बनाकर डराया गया और धमकियां दी गईं। यही नहीं, उसने अपनी भाभी को भी गिरोह का सदस्य बताया। घटना सामने आने के बाद एसएसपी हेमराज मीणा के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी फूलपुर किरण पाल सिंह और थानाध्यक्ष अहरौला प्रदीप कुमार पुलिस बल के साथ कॉलेज पहुंचे। शुक्रवार रात और शनिवार को कॉलेज कर्मचारियों और अध्यापिकाओं से गहन पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। इससे पहले 16 जुलाई को भाभी की सास ने अहरौला थाने पर शिकायती पत्र देकर उप प्रबंधक पर धर्मांतरण का प्रयास करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने भाभी और उसके भाई के बयान भी दर्ज किए थे। शनिवार को ननद ने मुख्यमंत्री, यूपी पुलिस और डीआईजी आजमगढ़ को टैग करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट कर न्याय की मांग की। उसने आरोप लगाया कि उक्त लोग अब भी उसे और उसके परिवार को धमका रहे हैं।
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क्षेत्राधिकारी फूलपुर किरण पाल सिंह ने बताया कि आरोप गंभीर हैं। पुलिस सभी पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट जल्द ही उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।
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अहरौला। भाभी ने अपने बयान में बताया कि सात अक्तूबर 2015 में एक प्रवक्ता के पद पर तैनात थी। उसकी शादी 13 फरवरी 2019 को हुई। आरोप लगाया कि शादी के तीन साल तक उनकी सास ने उनका गौना ही नहीं कराया। सास ने उन्हें घर पर काफी प्रताड़ित किया कि 24 अक्तूबर 2021 से ससुराल नहीं गई। इसी बीच उसका पति उससे मिलने आता रहा। बताया कि लगभग 10 वर्ष से पढ़ा रही हूं। जब मेरी शादी हुई तो वह एक कंप्यूटर की दुकान पर काम करते थे। जब मुझे पता चला कि वह बीटेक कर के दुकान पर बैठे थे। इसके बाद हमने शादी के कुछ दिन बाद अपने खर्च पर मैने तैयारी करने के लिए प्रयागराज भेज दिया। इसके बाद 12 जुलाई 2022 में वह जेई के पद पर कार्यरत रहे। सहारनपुर में उनकी तैनाती हुई तो वह 10 से 15 बार वहां गई। महिला ने बताया कि लगभग एक साल से सहारनपुर में नहीं गई। महिला के भाई ने बताया कि उसकी बहन पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। जेई बनने के बाद बहन का पति उससे चार पहिया वाहन मांगने लगे और न देने पर शादी तोड़ने की बात कहने लगे।