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पालिका को पता नहीं उखड़ गई इंटरलाकिंग
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Tue, 18 Oct 2016 12:01 AM IST
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इंटरलाकिंग
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विकास के नाम पर नगर क्षेत्र में तोड़फोड़ जारी है। नगर कोतवाली के सामने शहर सुरक्षा बांध पर नगरपालिका की ओर से 17 लाख रुपये की लागत से कराए गए सुंदरीकरण कार्य को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। 14 अक्टूबर की रात जेसीबी से लगभग 10 मीटर तक इंटरलाकिंग को उखाड़ दी गई और उस पर बनी सीढ़ियों को तोड़ दिया गया। नगरपालिका प्रशासन अब यह पता करने में जुटा तो पता चला कि पीडब्ल्यूडी की ओर से सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जानी है। जबकि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है।
बताते चलें कि लगभग दो माह पूर्व नगरपालिका ने शहर सुरक्षा बांध के सुंदरीकरण का जिम्मा निविदा निकालकर एक ठेकेदार को सौंपा। बंधे पर साफ-सफाई का कार्य कराकर इंटरलाकिंग का कार्य शुरू किया गया। तभी बाढ़ खंड ने एक नोटिस जारी किया कि बिना उसकी अनुमति के बंधे पर कार्य कराया जा रहा है, जो गलत है। इस पर लगभग 100 मीटर तक इंटरलाकिंग लगने के बाद यह कार्य रुक गया। अभी नगरपालिका बाधा दूर कर इस कार्य को पूरा कराती, उसके पूर्व ही 14 अक्टूबर की रात किसी ने जेसीबी मशीन से इंटरलाकिंग और उसकी सीढ़ियों को ढहा दिया। 15 अक्टूबर की सुबह जब इसका पता नगरपालिका को लगा तो उसने पता करना शुरू किया।
पता लगा कि पीडब्ल्यूडी की ओर से सड़क के चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। उसी में यह टूटा है लेकिन अगर इंटरलाकिंग की हालत को देखें तो ऐसा प्रतीत होता है कि उसे जानबूझकर तोड़ा गया है। 17 अक्टूबर सोमवार तक नगरपालिका प्रशासन यह पता नहीं कर सका आखिर इंटरलाकिंग को किसने तोड़ा। वहीं, निविदा के आधार पर कार्य कराने वाले ठेकेदार को जब अपना पेमेंट फंसता नजर आया तो उसने नगरपालिका प्रशासन को इस संबंध में एक प्रार्थना पत्र दिया कि पीडब्ल्यूडी ने निर्माण के दौरान उसकी इंटरलाकिंग को नुकसान पहुंचाया है। वैसे जो भी हो किसी ने इंटरलाकिंग तोड़ा हो नुकसान तो जनता के पैसे का हुआ और ठेकेदार का पैसा फंसा सो अलग।
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बताते चलें कि लगभग दो माह पूर्व नगरपालिका ने शहर सुरक्षा बांध के सुंदरीकरण का जिम्मा निविदा निकालकर एक ठेकेदार को सौंपा। बंधे पर साफ-सफाई का कार्य कराकर इंटरलाकिंग का कार्य शुरू किया गया। तभी बाढ़ खंड ने एक नोटिस जारी किया कि बिना उसकी अनुमति के बंधे पर कार्य कराया जा रहा है, जो गलत है। इस पर लगभग 100 मीटर तक इंटरलाकिंग लगने के बाद यह कार्य रुक गया। अभी नगरपालिका बाधा दूर कर इस कार्य को पूरा कराती, उसके पूर्व ही 14 अक्टूबर की रात किसी ने जेसीबी मशीन से इंटरलाकिंग और उसकी सीढ़ियों को ढहा दिया। 15 अक्टूबर की सुबह जब इसका पता नगरपालिका को लगा तो उसने पता करना शुरू किया।
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पता लगा कि पीडब्ल्यूडी की ओर से सड़क के चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। उसी में यह टूटा है लेकिन अगर इंटरलाकिंग की हालत को देखें तो ऐसा प्रतीत होता है कि उसे जानबूझकर तोड़ा गया है। 17 अक्टूबर सोमवार तक नगरपालिका प्रशासन यह पता नहीं कर सका आखिर इंटरलाकिंग को किसने तोड़ा। वहीं, निविदा के आधार पर कार्य कराने वाले ठेकेदार को जब अपना पेमेंट फंसता नजर आया तो उसने नगरपालिका प्रशासन को इस संबंध में एक प्रार्थना पत्र दिया कि पीडब्ल्यूडी ने निर्माण के दौरान उसकी इंटरलाकिंग को नुकसान पहुंचाया है। वैसे जो भी हो किसी ने इंटरलाकिंग तोड़ा हो नुकसान तो जनता के पैसे का हुआ और ठेकेदार का पैसा फंसा सो अलग।
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